भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में खेला गया पहला टेस्ट मैच में मेजबान टीम के लिए निराशाजनक रहा। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया को इंग्लैंड के हाथों 227 रनों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। चार मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम हर क्षेत्र में इंग्लैंड से कमजोर नाजर आई। उधर टीम इंडिया की हार के बाद विराट कोहली और टीम प्रबंधन के फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं।
टीम इंडिया की शर्मनाक हार के बाद भड़के कुलदीप के कोच, टीम मैनेजमेंट पर लगाए गंभीर आरोप
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इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में नहीं शामिल करने पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। वहीं अब भारत की हार के बाद कुलदीप के कोच ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। 26 वर्षीय लेग स्पिनर के कोच कपिल पांडे ने भारतीय टीम के चयन नीति पर सवाल उठाए हैं। पांडे ने कुलदीप के लेकर टीम प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाया।
पांडे ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बातचीत में कहा, 'कुलदीप यादव लगातार उनके साथ यात्रा कर रहे हैं, परेशानियां झेल रहे हैं, फिर भी वे उन्हें मौका नहीं दे रहे हैं। एक कहावत है 'घर की दुर्गी दाल बराबर', आप उसे समझने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, आप उसके आंकड़े नहीं देख रहे हैं, आप एक सामान्य क्रिकेटर की तरह उसका इलाज कर रहे हैं।
कुलदीप के कोच ने आगे कहा, 'अगर वह एक मैच में भी थोड़ा कमजोर प्रदर्शन करता है, तो वे उसे दरकिनार कर देते हैं। दूसरी तरफ, बाकी खिलाड़ियों को इतने मौके दिए जाते हैं। आप उस खिलाड़ी को शामिल करते हैं जो टीम में नहीं है, जिसकी तैयारी नहीं हुई है। कप्तान और कोच की महानता कहां है? नियमित रूप से टीम के साथ अभ्यास करने वाले खिलाड़ी को मौका नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा, 'इस सीरीज में, कोच और कप्तान ने वाशिंगटन सुंदर को खिलाया, यह सोचते हुए कि वह अश्विन के अच्छे जोड़ीदार बन सकते हैं। सिर्फ उन्हें ही इस चयन के पीछे का कारण मालूम है।'
गौरतलब है कि पहले टेस्ट में हार के बाद कप्तान कोहली ने मंगलवार को कुलदीप की जगह शाहबाज को टीम में शामिल करने के फैसले का बचाव किया था। कुलदीप को टीम में न खिलाने के सवाल पर विराट ने कहा, 'हमें इसका कोई मलाल नहीं। हमारी योजना स्पष्ट थी। कैसे खेलना है, क्या खेलना है, किस संयोजन के साथ उतरना है, सारे फैसले सोच समझकर लिए गए और अब मैच हारने के बाद उसका कोई मलाल भी नहीं है। अब हम अगले मुकाबलों में अपनी गेंदबाजी आक्रमण में विविधता के बारे में सोचेंगे।'