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MS Dhoni: मानहानि मामले में मद्रास हाईकोर्ट का धोनी को आदेश, अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन कार्य का खर्च उठाने कहा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: Mayank Tripathi
Updated Thu, 12 Feb 2026 06:28 PM IST
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सार
मद्रास हाईकोर्ट ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को उनके द्वारा दायर मानहानि मामले में अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन कार्य के लिए 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।
महेंद्र सिंह धोनी
- फोटो : ANI
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विस्तार
मद्रास हाईकोर्ट ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को उनके द्वारा दायर मानहानि मामले में अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन कार्य के लिए 10 लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। यह मामला सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार के खिलाफ दायर किया गया है, जिसमें धोनी ने 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले से कथित रूप से जोड़ने पर 100 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है।
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न्यायालय का आदेश
- न्यायमूर्ति आर. एन. मंजुला ने बुधवार यानी 11 फरवरी को अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा कि 28 अक्तूबर 2025 के पूर्व आदेश के अनुसार, अदालत के आधिकारिक दुभाषिया (इंटरप्रिटर) ने मामले से संबंधित सीडी की सामग्री का लिप्यंतरण (ट्रांसक्रिप्शन) और अनुवाद का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, यह कार्य आवश्यक शुल्क के भुगतान की शर्त पर किया जा रहा है।
- अदालत ने कहा कि दुभाषिया (इंटरप्रिटर) से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह एक बहुत बड़ा कार्य है, जिसे पूरा करने में एक दुभाषिया (इंटरप्रिटर) और एक टाइपिस्ट को लगभग तीन से चार महीने का समय लगेगा। प्रतिलिपियां तैयार करने में अतिरिक्त खर्च भी शामिल है।
- इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद का शुल्क 10 लाख रुपये निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान वादी (धोनी) को करना होगा।
- न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में वादी को स्वयं दस्तावेजों का अनुवाद कराकर वाद पत्र के साथ प्रस्तुत करना होता है। लेकिन इस मामले में विशेष परिस्थितियों के कारण आधिकारिक दुभाषिया (इंटरप्रिटर) की सेवाएं ली गई हैं, इसलिए खर्च वहन करना वादी की जिम्मेदारी है।
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12 मार्च को होगी अगली सुनवाई
- अदालत ने दुभाषिया (इंटरप्रिटर) को निर्देश दिया है कि वह संबंधित सीडी की सामग्री का लिप्यंतरण (ट्रांसक्रिप्शन) और अनुवाद मार्च 2026 के तीसरे सप्ताह तक पूरा करें।
- साथ ही, धोनी को 10 लाख रुपये की राशि 12 मार्च 2026 तक मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रिलीफ फंड के खाते में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
- मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को निर्धारित की गई है।
- फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अनुवाद कार्य किस भाषा से संबंधित है।