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IPL 2026: टीम इंडिया से ड्रॉप हुए पर चुप रहे, मेहनत की..; 36 साल के भुवनेश्वर कुमार ने फिर दुनिया को झुका दिया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 13 May 2026 03:10 PM IST
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सार
36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर साबित कर दिया है कि क्लास कभी खत्म नहीं होती। टीम इंडिया से बाहर होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि खुद को और मजबूत बनाया। आरसीबी के लिए खेलते हुए वह 21 विकेट लेकर पर्पल कैप होल्डर बने हुए हैं। शांत स्वभाव, अनुशासन और लगातार मेहनत ने उन्हें फिर से खतरनाक गेंदबाज बना दिया है।
भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : ANI
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विस्तार
कभी भारतीय क्रिकेट की नई गेंद का सबसे भरोसेमंद नाम रहे भुवनेश्वर कुमार को जब टीम इंडिया से बाहर किया गया, तब बहुतों को लगा कि अब उनकी कहानी खत्म हो चुकी है। उम्र बढ़ रही थी, चोटें पीछा कर चुकी थीं, और क्रिकेट नई पीढ़ी की तरफ बढ़ चुका था। लेकिन भुवनेश्वर उन खिलाड़ियों में नहीं थे जो शोर मचाते हैं। उन्होंने जवाब देने के लिए शब्द नहीं चुने... उन्होंने गेंद चुनी। आज 36 साल की उम्र में वह आईपीएल 2026 में फिर चमक रहे हैं।
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पर्पल कैप और विकेटों की बारिश
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर कुमार इस सीजन 21 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं। यह चौथा मौका है जब उन्होंने IPL में 20 से ज्यादा विकेट लिए हैं। वह आईपीएल इतिहास में 200 विकेट पूरे करने वाले पहले तेज गेंदबाज भी बन चुके हैं। डेथ ओवरों में उनकी इकॉनमी 7.8 है, जो इस सीजन सर्वश्रेष्ठ मानी जा रही है। पावरप्ले में उनके 12 विकेट भी दिखाते हैं कि नई गेंद से वह आज भी उतने ही खतरनाक हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर कुमार इस सीजन 21 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं। यह चौथा मौका है जब उन्होंने IPL में 20 से ज्यादा विकेट लिए हैं। वह आईपीएल इतिहास में 200 विकेट पूरे करने वाले पहले तेज गेंदबाज भी बन चुके हैं। डेथ ओवरों में उनकी इकॉनमी 7.8 है, जो इस सीजन सर्वश्रेष्ठ मानी जा रही है। पावरप्ले में उनके 12 विकेट भी दिखाते हैं कि नई गेंद से वह आज भी उतने ही खतरनाक हैं।
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भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : IANS
भुवनेश्वर ने कहा- बाहर होने के दिन भी मैं शांत था
टीम इंडिया से बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे कठिन दौर होता है। लेकिन भुवनेश्वर ने इसे अलग नजरिए से देखा। उन्होंने कहा, 'स्वीकार करना मुश्किल होता है, लेकिन जब आप उससे शांति बना लेते हैं, तब आप अलग तरह से सोचते हैं। जिस दिन मुझे भारतीय टीम से बाहर किया गया, उस दिन भी मैं शांत था। मैं एक दशक तक वहां रहा था, सब कुछ देख चुका था। इसलिए खुद को चीजों से अलग करना आसान हो गया।' यह बयान बताता है कि महान खिलाड़ी सिर्फ खेल से नहीं, सोच से भी बड़े होते हैं।
टीम इंडिया से बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे कठिन दौर होता है। लेकिन भुवनेश्वर ने इसे अलग नजरिए से देखा। उन्होंने कहा, 'स्वीकार करना मुश्किल होता है, लेकिन जब आप उससे शांति बना लेते हैं, तब आप अलग तरह से सोचते हैं। जिस दिन मुझे भारतीय टीम से बाहर किया गया, उस दिन भी मैं शांत था। मैं एक दशक तक वहां रहा था, सब कुछ देख चुका था। इसलिए खुद को चीजों से अलग करना आसान हो गया।' यह बयान बताता है कि महान खिलाड़ी सिर्फ खेल से नहीं, सोच से भी बड़े होते हैं।
अनुशासन ने बनाया फिर से मजबूत
भुवनेश्वर का कहना है कि अब उनका पूरा फोकस फिटनेस और निरंतरता पर है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर को ज्यादा देखभाल चाहिए, इसलिए उन्होंने अपने क्रिकेट कैलेंडर को सीमित रखा है। उन्होंने कहा, 'जब आप थके हों और जाने का मन न करे, फिर भी जाना पड़े... वही अनुशासन है। जब आप इसे बार-बार करते हैं, तो वही निरंतरता भूख पैदा करती है। कुछ हासिल करना है तो शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को बदलना पड़ता है। मैं लगातार ट्रेनिंग करता हूं। जिम, अभ्यास, मैदान पर मेहनत... बार-बार वही चीजें करता हूं। आईपीएल, यूपी टी20 और सैयद मुश्ताक अली खेलता हूं। इतना क्रिकेट रहता है कि खेल से जुड़ा रहूं और इतने ब्रेक भी रहते हैं कि शरीर को ताजा रख सकूं।'
भुवनेश्वर का कहना है कि अब उनका पूरा फोकस फिटनेस और निरंतरता पर है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर को ज्यादा देखभाल चाहिए, इसलिए उन्होंने अपने क्रिकेट कैलेंडर को सीमित रखा है। उन्होंने कहा, 'जब आप थके हों और जाने का मन न करे, फिर भी जाना पड़े... वही अनुशासन है। जब आप इसे बार-बार करते हैं, तो वही निरंतरता भूख पैदा करती है। कुछ हासिल करना है तो शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को बदलना पड़ता है। मैं लगातार ट्रेनिंग करता हूं। जिम, अभ्यास, मैदान पर मेहनत... बार-बार वही चीजें करता हूं। आईपीएल, यूपी टी20 और सैयद मुश्ताक अली खेलता हूं। इतना क्रिकेट रहता है कि खेल से जुड़ा रहूं और इतने ब्रेक भी रहते हैं कि शरीर को ताजा रख सकूं।'
भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : ANI
36 की उम्र में मेहनत और बढ़ा दी
भुवनेश्वर मानते हैं कि अब रिकवरी पहले जैसी आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय मेहनत और बढ़ा दी। उन्होंने कहा, '36 की उम्र में शारीरिक रूप से सब कुछ मुश्किल हो जाता है। रिकवरी में ज्यादा समय लगता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुझे ज्यादा ट्रेनिंग का समय मिला। एक्सरसाइज वही हैं, लेकिन अब उनकी तीव्रता ज्यादा है। ज्यादा वजन उठाता हूं और ज्यादा फोकस्ड काम करता हूं।'
भुवनेश्वर मानते हैं कि अब रिकवरी पहले जैसी आसान नहीं है। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय मेहनत और बढ़ा दी। उन्होंने कहा, '36 की उम्र में शारीरिक रूप से सब कुछ मुश्किल हो जाता है। रिकवरी में ज्यादा समय लगता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुझे ज्यादा ट्रेनिंग का समय मिला। एक्सरसाइज वही हैं, लेकिन अब उनकी तीव्रता ज्यादा है। ज्यादा वजन उठाता हूं और ज्यादा फोकस्ड काम करता हूं।'
टी20 क्रिकेट बदल गया, भुवी भी बदले
आज का टी20 क्रिकेट बल्लेबाजों का खेल बन चुका है। 200 रन भी अब सुरक्षित स्कोर नहीं माना जाता। ऐसे दौर में भुवनेश्वर ने खुद को बदलना सीखा। उन्होंने कहा, 'आज बल्लेबाज 10 साल पहले से बिल्कुल अलग खेलते हैं। पहले 200 रन बनते थे तो लगता था मैच जीत जाएंगे। अब 200 रन सिर्फ 200 लगते हैं। बल्लेबाज बदलते हैं, तो गेंदबाजों को भी बदलना पड़ता है।' भुवनेश्वर ने अपनी नकल बॉल, यॉर्कर और विविधताओं पर खूब काम किया है। यही वजह है कि वह आज भी बल्लेबाजों को चकमा दे रहे हैं।
आज का टी20 क्रिकेट बल्लेबाजों का खेल बन चुका है। 200 रन भी अब सुरक्षित स्कोर नहीं माना जाता। ऐसे दौर में भुवनेश्वर ने खुद को बदलना सीखा। उन्होंने कहा, 'आज बल्लेबाज 10 साल पहले से बिल्कुल अलग खेलते हैं। पहले 200 रन बनते थे तो लगता था मैच जीत जाएंगे। अब 200 रन सिर्फ 200 लगते हैं। बल्लेबाज बदलते हैं, तो गेंदबाजों को भी बदलना पड़ता है।' भुवनेश्वर ने अपनी नकल बॉल, यॉर्कर और विविधताओं पर खूब काम किया है। यही वजह है कि वह आज भी बल्लेबाजों को चकमा दे रहे हैं।
भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : ANI
विराट कोहली ने दिया आइडिया, बटलर का विकेट गिरा
इस सीजन उनका पसंदीदा विकेट जोस बटलर का रहा। उन्होंने बताया, 'बटलर लेग साइड की तरफ शफल कर रहे थे। तभी विराट आए और बोले- वह शफल कर रहा है, यॉर्कर डालो। मैंने वैसा ही किया।'
विराट की सलाह पर डाली गई गेंद ने बटलर को बोल्ड कर दिया।
इस सीजन उनका पसंदीदा विकेट जोस बटलर का रहा। उन्होंने बताया, 'बटलर लेग साइड की तरफ शफल कर रहे थे। तभी विराट आए और बोले- वह शफल कर रहा है, यॉर्कर डालो। मैंने वैसा ही किया।'
विराट की सलाह पर डाली गई गेंद ने बटलर को बोल्ड कर दिया।
अश्विन ने कहा, टीम इंडिया में वापस लाओ
अश्विन ने हाल ही में कहा था कि भुवनेश्वर कुमार को भारत की टी20 टीम में वापस लाया जाना चाहिए। इस पर भुवनेश्वर मुस्कुराते हुए बोले, 'हां, अश्विन को सेलेक्टर बना दो!' यह जवाब जितना मजेदार था, उतना ही आत्मविश्वास से भरा हुआ भी।
अश्विन ने हाल ही में कहा था कि भुवनेश्वर कुमार को भारत की टी20 टीम में वापस लाया जाना चाहिए। इस पर भुवनेश्वर मुस्कुराते हुए बोले, 'हां, अश्विन को सेलेक्टर बना दो!' यह जवाब जितना मजेदार था, उतना ही आत्मविश्वास से भरा हुआ भी।
साथी खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाते भुवनेश्वर कुमार
- फोटो : IPL
सफलता का असली राज- विकेट और आत्मविश्वास
भुवनेश्वर का मानना है कि विकेट सब कुछ बदल देते हैं। उन्होंने कहा, 'जब आप विकेट लेते हैं तो सब कुछ अच्छा दिखने लगता है। विकेट आत्मविश्वास देते हैं। और आत्मविश्वास आपको बेहतर तरीके से योजना लागू करने में मदद करता है।'
भुवनेश्वर कुमार की कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, जिंदगी का सबक है। गिरने के बाद भी टूटना नहीं, चुप रहकर मेहनत करना, समय आने पर दुनिया को जवाब देना, यही उनकी पहचान है। 36 साल की उम्र में जब कई खिलाड़ी ढलान पर होते हैं, भुवनेश्वर कुमार फिर शिखर की ओर बढ़ रहे हैं। यह सिर्फ वापसी नहीं... यह चरित्र की जीत है।
भुवनेश्वर का मानना है कि विकेट सब कुछ बदल देते हैं। उन्होंने कहा, 'जब आप विकेट लेते हैं तो सब कुछ अच्छा दिखने लगता है। विकेट आत्मविश्वास देते हैं। और आत्मविश्वास आपको बेहतर तरीके से योजना लागू करने में मदद करता है।'
भुवनेश्वर कुमार की कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, जिंदगी का सबक है। गिरने के बाद भी टूटना नहीं, चुप रहकर मेहनत करना, समय आने पर दुनिया को जवाब देना, यही उनकी पहचान है। 36 साल की उम्र में जब कई खिलाड़ी ढलान पर होते हैं, भुवनेश्वर कुमार फिर शिखर की ओर बढ़ रहे हैं। यह सिर्फ वापसी नहीं... यह चरित्र की जीत है।