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Chardham Yatra 2026: गुप्तकाशी से गौरीकुंड का 32 किमी का सफर सताएगा, फाटा से आगे तरसाली के पास बेहद संवेदनशील

दीपक बिष्ट, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: Renu Saklani Updated Sat, 11 Apr 2026 05:23 PM IST
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सार

चारधाम यात्रा 2026: गुप्तकाशी से गौरीकुंड का 32 किमी का सफर श्रद्धालुओं को सताएगा।  फाटा से आगे तरसाली के पास यह क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।

Chardham yatra 2026 Kedarnath yatra route 32 km Journey from Guptkashi to Gaurikund Will Be Arduous
चारधाम यात्रा, सफर मुश्किल भरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

गुप्तकाशी से गौरीकुंड की दूरी भले ही करीब 32 किमी है, लेकिन इस पूरे मार्ग में मौजूद भूस्खलन जोन और खराब मार्ग यात्रा को कठिन बना रहे हैं। सामान्य दिनों में भी एक घंटे का सफर दो घंटे से ज्यादा समय ले रहा है। ऐसे में यात्रा काल में यह 4 घंटे या उससे अधिक समय ले सकता है। यह मार्ग केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग है। प्रशासन के लिए भी यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

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गुप्तकाशी से ही जाम की स्थिति शुरू हो जाती है। नगर पंचायत क्षेत्र से आगे नाला, नारायणकोटी और भते तक सड़क भले ठीक है, लेकिन संकरी चौड़ाई के कारण यातायात दबाव में यह हिस्सा चुनौतीपूर्ण बन जाता है। असली परीक्षा सेम भते के बाद शुरू होती है। खुमेरा क्षेत्र में सड़क दलदली बनी हुई है, जहां सुधार कार्य चल रहा है, लेकिन बारिश के चलते काम प्रभावित हुआ है। ब्यूंग गाड़ में भी हालात कुछ ऐसे ही है और यहां उपचार कार्य जारी है। इसके आगे फाटा तक करीब 800 मीटर का संकरा हिस्सा हर साल की तरह इस बार भी जाम की बड़ी वजह बन सकता।

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तरसाली के पास करीब 700 मीटर क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील
फाटा से आगे तरसाली के पास करीब 700 मीटर क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। यहां हाल ही में हुआ डामरीकरण भी उखड़ रहा है, जिससे सड़क पर रोड़ी की परत दोपहिया वाहनों के लिए खतरा बन रही है। रामपुर में सड़क खस्ताहाल है। यहां इन दिनों सुरक्षा दीवार निर्माण का कार्य चल रहा है। मार्ग पर डामरीकरण न होने से यह हिस्सा दलदली बना है। बड़ासू क्षेत्र में भी ढीली चट्टानें वाहनों की रफ्तार धीमी करने को मजबूर करती हैं।

सोनप्रयाग में हर साल की तरह इस बार भी ट्रैफिक बड़ी चुनौती रहेगा। यहां से त्रियुगीनारायण मार्ग पर भी वाहनों का दबाव जाम बढ़ाएगा। आगे गौरीकुंड मार्ग पर मुनकटिया स्लाइडिंग जोन इस बार भी परेशानी खड़ी करेगा। हालांकि यहां सड़क का चौड़ीकरण किया गया है, जिससे पैदल यात्रियों को राहत मिलेगी, लेकिन भारी वाहन संचालन अभी भी जोखिम भरा रहेगा।

गौरीकुंड से पहले एक नया भूस्खलन जोन भी सामने आया है, जहां जमा मलबा और ढीली चट्टानें लगातार खतरा बनी हुई हैं। ऐसे में पत्थर और बोल्डर गिरने की आशंका से यात्रा और कठिन हो सकती है। इस साल रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक करीब 74 किमी का सफर सामान्य दिनों में ही 3-4 घंटे ले रहा है, जबकि यात्रा काल में यही समय बढ़कर 6-7 घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

सुविधाएं अधूरी, शौचालयों में पानी तक नहीं

यात्रा मार्ग पर सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। बड़ी संख्या में वाहन यात्रियों के साथ-साथ पैदल चलने वाले श्रद्धालु भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं। बीते साल कई श्रद्धालु तो लेटकर यात्रा करते हुए भी देखे गए हैं, लेकिन उनके लिए न तो पर्याप्त वाटर एटीएम की व्यवस्था है और न ही कहीं ठहरने के लिए प्रतीक्षालय उपलब्ध हैं। मार्ग में बने शौचालयों की हालत भी खराब है, अधिकांश स्थानों पर पानी की व्यवस्था तक नहीं है। स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो गुप्तकाशी में पीएचसी, फाटा में पीएचसी, सोनप्रयाग में मेडिकल रिलीफ प्वाइंट और गौरीकुंड में पीएचसी मौजूद हैं। ईंधन सुविधा के रूप में गुप्तकाशी और गौरीकुंड के बीच कोरखी फाटा में एक पेट्रोल पंप उपलब्ध है।

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- हमने जिम्मेदार अधिकारियों को फील्ड विजिट में भेजा है। जो सही जानकारी की रिपोर्ट देंगे। सुलभ व अन्य विभाग व्यवस्थाएं सुचारु कर रहे हैं। उनकी भी रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि यात्रा से पहले व्यवस्थाएं सुचारु हो। - विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग

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