Haridwar: डाक कांवड़ की तैयारियों में जुटा समूचा पुलिस-प्रशासन, अखिरी तीन दिन होती है सबसे बड़ी चुनौती
डाक कावड़ की चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। हरिद्वार कावड़ यात्रा के दौरान अखिरी तीन दिन सबसे बड़ी चुनौती होती है। सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी के साथ साइबर कमांडो सक्रिय है।
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कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को दूसरे दिन से ही समूचा प्रशासन अब डाक कांवड़ की तैयारियों में जुट गया है। यह यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगी, जिसका समापन महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक से होगा। पुलिस और प्रशासन के सामने डाक कावड़ के आखिरी तीन दिन सबसे बड़ी चुनौती होते है।
इस चुनौती से निपटने के लिए बैरागी कैंप और बैरागी द्वीप में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह ने बताया कि पार्किंग की पर्याप्त सुविधा है। वाहनों को इधर-उधर खड़ा होने से रोकने के लिए बैरागी द्वीप को पूरी तरह तैयार किया गया है।
यह क्षेत्र कुंभ मेले में अखाड़ों के शिविरों के लिए आरक्षित रहता है। इस बार पार्किंग और यात्रियों के ठहराव का पूरा भार पंतद्वीप क्षेत्र में ही की गई है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर कोई अवरोध न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। वॉच टावर पर भी पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो पूरे क्षेत्र पर नजर रखेंगे। इसके अलावा लाउडस्पीकर की व्यवस्था की गई है, जिससे आपात स्थिति में सूचनाएं प्रसारित होंगी और पुलिस बल सक्रियता से तैनात रहेगा।
यातायात योजना को बेहतर करने की रूपरेखा तय
पुलिस अधीक्षक नगर अभय प्रताप सिंह ने कहा कि मार्ग परिवर्तन के साथ यातायात योजना को बेहतर करने की रूपरेखा तय है। वहीं, 100 से अधिक घाटों पर भी विशेष योजना बनाई गई है। श्रद्धालु मां मनसा देवी, मां चंडी देवी और दक्ष मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जाते हैं, वहां भी पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
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सीसीटीवी के साथ ड्रोन कैमरे भी निगरानी में मदद कर रहे हैं। पुलिस टीमों के साथ पीएसी और सीआरपीएफ की 13 कंपनी, डॉग स्क्वाड, बीडीएस, जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। साइबर टीम, सोशल मीडिया निगरानी टीम और साइबर कमांडो की टीमें भी सक्रिय हैं। इन सभी का मुख्य उद्देश्य कावड़ यात्रियों को सुगम यातायात, सुरक्षित यात्रा और सुखद अनुभूति देना है।