Uttarakhand: मौसम बदला पर बिजली की मांग बरकरार, उत्पादन कम, गैस किल्लत के बीच 200 मेगावाट बढ़ने का अनुमान
मौसम बदला पर बिजली की मांग बरकरार है। गैस किल्लत के बीच 200 मेगावाट की अतिरिक्त मांग बढ़ने का अनुमान है।
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प्रदेश में मौसम तो बदला लेकिन बिजली की मांग चार करोड़ यूनिट से ऊपर जा रही है। वहीं, राज्य का उत्पादन काफी निम्न स्तर पर होने से यूपीसीएल के लिए बिजली आपूर्ति चुनौती है। उधर, गैस किल्लत के बीच भविष्य में इंडक्शन का प्रचलन बढ़ने पर यूपीसीएल को 200 मेगावाट अतिरिक्त मांग का अनुमान है।
प्रदेश में बीते पांच दिनों में मौसम में ठंडक होने के बावजूद बिजली की मांग 4.4 करोड़ यूनिट चल रही है। जिस तरह से गैस किल्लत के बीच इंडक्शन की मांग बढ़ रही है, उस हिसाब से बिजली की इस मांग को बरकरार माना जा रहा है। यूपीसीएल ने भविष्य में इंडक्शन की वजह से बिजली की मांग 200 मेगावाट अधिक बढ़ने का अनुमान भी जताया है।
वर्तमान हालात देखें तो यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन अपने न्यूनतम स्तर 58 लाख यूनिट पर चल रहा है। मांग के सापेक्ष यूपीसीएल को केंद्रीय पूल से 1.2 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है। बाकी का इंतजाम यूपीसीएल बाजार व अन्य माध्यमों से कर रहा है। कटौती तो नहीं हो रही लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ऐसे हालात में चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।
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फिलहाल मांग के सापेक्ष उपलब्धता हो रही है। कहीं भी घोषित कटौती नहीं की जा रही है। भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के हिसाब से निगम प्रबंधन अपनी रणनीति बना रहे हैं। मकसद है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति जारी रहे। -- एमआर आर्य, निदेशक परिचालन, यूपीसीएल