सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   UKPSC Over Three Years Neither a Chairperson Nor Members Appointed to Commission Recruitment Processes Stalled

Uttarakhand: लोक सेवा आयोग, नियम बदले हुए तीन साल बीत गए, अध्यक्ष आए न सदस्य, भर्तियां भी लटकीं

आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 28 May 2026 01:37 PM IST
विज्ञापन
सार

पीसीएस समेत बड़ी भर्तियों की जिम्मेदारी संभालने वाले उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में अभी तक अध्यक्ष आए न सदस्य। भर्तियां भी लटकीं हुई हैं। 

UKPSC Over Three Years Neither a Chairperson Nor Members Appointed to Commission Recruitment Processes Stalled
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष, सदस्यों की नियुक्ति के नियम बदले तीन साल बीत गए। आज तक न तो अध्यक्ष आया और न ही सदस्य नियुक्त हुए। हालात ये हो गए कि अध्यक्ष व छह सदस्यों के पदों के सापेक्ष वर्तमान में केवल तीन सदस्य ही बचे हैं। इस कारण पीसीएस परीक्षा का अंतिम परिणाम अटका हुआ है। कई अन्य भर्तियां प्रभावित हो रही हैं।

प्रदेश में पीसीएस समेत बड़ी भर्तियों की जिम्मेदारी संभालने वाला उत्तराखंड लोक सेवा आयोग खुद जिम्मेदारों की कमी से जूझ रहा है। विज्ञप्तियां निकाली जा रही हैं लेकिन सरकार को आयोग के लिए अब तक पात्र अध्यक्ष और सदस्य नहीं मिले। डॉ. राकेश कुमार के इस्तीफा देने के बाद से आयोग अध्यक्ष की कुर्सी कामचलाऊ व्यवस्था से चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने अपने पद से दिया था इस्तीफा 
11 जून 2023 में आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद आयोग के वरिष्ठ सदस्य डॉ. जगमोहन सिंह राणा और फिर रविदत्त गोदियाल ने बतौर प्रभारी अध्यक्ष जिम्मेदारी संभाली। पिछले दिनों रविदत्त का कार्यकाल पूरा होने के बाद से आयोग के अध्यक्ष की कुर्सी खाली है। आयोग के पास वैसे तो सदस्यों के छह पद हैं लेकिन अब इनमें केवल तीन अनिल कुमार राणा, नंदी राजू श्रीवास्तव और डॉ. ऋचा गौड़ की बचे हुए हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

कार्मिक विभाग ने नए नियमों के तहत नवंबर 2023 में राज्य लोक सेवा आयोग में दो सदस्य और एक अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसके लिए 24 नवंबर तक आवेदन मांगे गए थे। अध्यक्ष व दो सदस्यों के लिए साहित्य, विज्ञान, कला, समाजसेवा, प्रशासनिक और न्याय क्षेत्र विषयों की गहराई से जानकारी व अनुभव रखने वाले केंद्र या राज्य में श्रेणी-क के पद पर कम से कम 10 साल सेवा देने वाले इसके लिए पात्र थे। इसके बावजूद नियुक्ति नहीं हो पाई। कार्मिक विभाग के मुताबिक अभी चयन प्रक्रिया गतिमान है।

ये भी पढे़ं...Uttarkashi: बड़ेथी में जंगल की भीषण आग बस्ती और हाईवे तक पहुंची, गेस्ट हाउस से 70 यात्रियों को सुरक्षित निकाला

25 अगस्त 2023 को बदले गए थे अर्हता के नियम

राज्य सरकार ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में अर्हता के नियम 25 अगस्त 2023 को बदले थे। प्रावधान किया गया था कि आयोग सदस्यों का चयन अब समिति करेगी। सदस्यों को अपने पूर्व के सरकारी या निजी संस्थान से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा। इसके लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सेवा शर्तों के बारे में (संशोधन) विनियम 2023 को मंजूरी दी थी। इसके तहत समिति विज्ञप्ति निकालेगी, जिसके बाद आए हुए आवेदनों की छंटनी करेगी। एक सदस्य के लिए तीन पात्र दावेदारों के नाम मुख्यमंत्री को भेजेगी। इनमें से किसी एक का चयन किया जाएगा। पूर्व के संस्थान से इस्तीफा देने की शर्त भी अनिवार्य की गई थी।

पीसीएस 2024 का अंतिम परिणाम लटका

आयोग में अध्यक्ष न होने का असर नजर आने लगा है। पीसीएस 2024 का अंतिम चयन परिणाम लटक गया है। परिणाम जारी करने से पहले आयोग के अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक होती है। लिहाजा, फिलहाल भर्तियों की प्रक्रिया लटक गई है। वहीं, नई भर्तियों का लेकर भी स्थिति साफ नहीं हो पा रही है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed