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Delhi NCR News: स्लिम होने का सपना दिखा बुना ठगी का जाल, 11 गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 05:55 PM IST
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साकेत थाना पुलिस ने गोविंदपुरी में फर्जी काॅल सेंटर गिरोह का किया खुलासा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण जिले की साकेत थाना पुलिस ने गोविंदपुरी में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह वजन घटाने वाले प्रोडक्ट के नाम पर लोगों के साथ ठगी कर रहा था। मामले में सरगना समेत 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। वे ठगी के लिए म्यूल बैंक खाता का इस्तेमाल करते थे। मामले में 20 महिलाकर्मियों के नाम भी सामने आए हैं।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि आरोपियों की पहचान तुगलकाबाद एक्सटेंशन निवासी संदीप चौधरी, संगम विहार आइ-ब्लॉक निवासी अश्विनी कुमार उर्फ तुषार, संगम विहार के-ब्लाॅक निवासी नीरज गुप्ता , तुगलकाबाद एक्सटेंशन निवासी अभय कुमार, श्रीनिवासपुरी निवासी अमन भगत, मोलड़बंद एक्सटेंशन बदरपुर निवासी आर्यन नाथ, अंबेडकर नगर निवासी सिद्धार्थ चौहान, करोल बाग निवासी अंकित गुप्ता, अंबेडकर नगर निवासी ध्रुव, संगम विहार निवासी आकाश गुप्ता और देवली गांव निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है। इसके अलावा एक महिला पार्टनर रितु कुमारी और 20 महिला कर्मचारियों की पहचान की गई है। इन सभी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
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35 मोबाइल, तीन लैपटॉप बरामद
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर गुरुग्राम के एक निवासी ने 13,200 रुपये के साइबर धोखाधड़ी की शिकायत की थी। जांच टीम ने खाताधारक पवन कुमार को पकड़ा। उसने खुलासा किया कि उसने कमीशन के बदले अपना बैंक खाता और एटीएम विवरण आरोपी को दे दिए थे। इसी आधार पर पुलिस टीम फर्जी फर्म हर्रबिटेकचर हेल्थ केयर तक पहुंची, जहां 21 महिला और 10 पुरुष कर्मचारी टेलीकाॅलिंग और उससे जुड़े कामों में लगे हुए पाए गए। इनके पास से टीम ने 35 मोबाइल फोन, तीन लैपटाप, एक डेस्कटॉप, 15 नए सिम कार्ड, 35 वापस आए पार्सल (दवाएं), बैंक के दस्तावेज, चेक बुक आदि बरामद किए।
ऐसे काम करता था गिरोह
आरोपी इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वजन घटाने वाले प्रोडक्ट का विज्ञापन देते थे। भरोसा जीतने के लिए शुरू में डिलीवरी की जाती थी। बाद में पीड़ितों को गुमराह करके और पैसे देने के लिए उकसाया जाता था। प्रोडक्ट या तो डिलीवर नहीं किए जाते थे या झूठे वादों के साथ बदल दिए जाते थे। बाद में जवाब देना बंद कर देते थे।
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