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Delhi HC: नए वक्फ कानून पर याचिका दाखिल, हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य से मांगा जवाब
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 20 Jan 2026 07:39 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली हाईकोर्ट ने वक्फ संपत्तियों पर किरायेदारों के अधिकारों से संबंधित नए वक्फ अधिनियम, 2025 के कुछ प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, केंद्रीय वक्फ परिषद और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने इन सभी प्रतिवादियों को छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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याचिका वक्फ संपत्तियों के किरायेदारों ने दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट एक्ट, 2025 (उम्मीद एक्ट) के प्रावधानों को चुनौती दी है। इन प्रावधानों को संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लंघन बताते हुए याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये किरायेदारों के अधिकारों पर अंकुश लगाते हैं।
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याचिका में दावा किया गया है कि नए प्रावधानों से अतिक्रमणकारी की परिभाषा का विस्तार कर उन किरायेदारों को भी शामिल कर लिया गया है जिनकी किराया अवधि समाप्त हो चुकी है या समाप्त कर दी गई है, भले ही उन्हें दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट, 1958 के तहत संरक्षण प्राप्त हो। किराया समाप्त होने पर वक्फ बोर्ड द्वारा सीधे बेदखली का प्रावधान है, जबकि वक्फ ट्रिब्यूनल को ही मकान मालिक-किरायेदार संबंधों, बेदखली और अधिकारों पर फैसला करने का अधिकार दिया गया है। यह दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट के विशेष क्षेत्राधिकार का उल्लंघन है।