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विकल्प: LPG संकट के बीच PNG की ओर बढ़े दिल्लीवालों के कदम, IGL के पास 10 दिन में आए सात हजार से अधिक आवेदन
सचिन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 21 Mar 2026 07:08 AM IST
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सार
सिलिंडर की समय पर आपूर्ति नहीं होने और बुकिंग के बाद लंबे इंतजार से परेशान उपभोक्ता अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को अपनाना पसंद कर रहे हैं।
LPG vs PNG
- फोटो : Adobe stock
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विस्तार
राजधानी में एलपीजी की कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सिलिंडर की समय पर आपूर्ति नहीं होने और बुकिंग के बाद लंबे इंतजार से परेशान उपभोक्ता अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को अपनाना पसंद कर रहे हैं।
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इसकी गवाही बड़ी संख्या में आईजीएल के पास आए आवेदन हैं। मार्च के पहले 10 दिन में 7 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। फरवरी में पूरे 28 दिन में 11 हजार आवेदन आए थे। इससे साबित होता है कि उपभोक्ता कितनी तेजी से एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।
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आईजीएल के मुताबिक, औसतन हर दिन 700 से ज्यादा लोग पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं, जो सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है। आईजीएल से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यही रफ्तार जारी रही तो मार्च के अंत तक आवेदन की संख्या अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
हालांकि, बढ़ती मांग के कारण सिस्टम पर दबाव लगातार बना हुआ है। घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा व्यावसायिक क्षेत्र में भी पीएनजी की मांग बढ़ी है। मार्च के पहले 10 दिनों में 250 से अधिक व्यावसायिक कनेक्शन के लिए आवेदन मिले हैं। इससे एक माह पहले पूरी फरवरी में 180 आवेदन आए थे।
बीते दो हफ्तों में करीब 100 नए व्यावसायिक कनेक्शन लगाए जा चुके हैं। होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, ढाबे और लॉन्ड्री जैसे व्यवसायों से जुड़े लोग अब पीएनजी को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। नरेला इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमी मनवीर ने बताया कि एलपीजी के बाद अब लोग पीएनजी का रुख कर रहे हैं। पीएनजी, एलपीजी की तुलना में काफी सुरक्षित है।
आईजीएल कॉल सेंटर पर बढ़े कॉल
आईजीएल से जुड़े अमनदीप ने बताया कि पिछले कुछ समय में कनेक्शन के लिए पूछताछ और आवेदन में वृद्धि हुई है। लोग अपने घरों में स्थायी गैस सुविधा चाहते हैं, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बच सके। घरेलू ईंधन के क्षेत्र में अब पीएनजी लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है।
पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प
पर्यावरण विशेषज्ञ संजय मिश्रा ने बताया कि पीएनजी को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है। यह एलपीजी और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है। एलपीजी की मौजूदा किल्लत ने उपभोक्ताओं की सोच को बदल दिया है। पीएनजी विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बनती जा रही है। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच कनेक्शन देने की गति और आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। पीएनजी की मांग देखते हुए आईजीएल ने पीएनजी घर आएगा नाम से विशेष अभियान शुरू किया है।
ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी सिलिंडर नहीं
राजधानी में गैस सिलिंडर सप्लाई की समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है। हालात यह है कि ऑनलाइन बुकिंग कराने के बावजूद लोगों को समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है। मजबूरन उपभोक्ता गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइन में लग रहे हैं। लक्ष्मी नगर, शाहदरा, मयूर विहार, संगम विहार, विवेक विहार, बदरपुर और कालकाजी समेत कई इलाकों में बारिश के बीच सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ लग रही है। उपभोक्ताओं के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग के बाद उन्हें डिलीवरी का समय दिया जाता है, लेकिन सिलिंडर समय पर नहीं पहुंचता है ।
एजेंसियों का दावा, सप्लाई में कोई कमी नहीं
गैस किल्लत पर गैस एजेंसियों का कहना है कि सप्लाई में किसी तरह की कमी नहीं है। आरके पुरम स्थित गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि अधिकतर उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
परिवहन या तकनीकी कारणों से थोड़ी देरी हो सकती है। अधिकतर एजेंसी संचालकों का कहना है कि सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य है, इसे लेकर बस पैनिक फैलाया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों की डिलीवरी व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही।