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Delhi NCR News: रद्द किया गया केस फिर से शुरू, शिकायतकर्ता को मिली राहत
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अदालत ने शिकायतकर्ता पर 6,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, जो आरोपी सूरज भान और चंदर भान को 3,000-3,000 रुपये के रूप में देना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
द्वारका कोर्ट ने एक व्यापारिक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा शिकायत रद्द करने के फैसले को पलटते हुए केस को दोबारा बहाल किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भावना कालिया ने कहा कि शिकायतकर्ता को न्याय पाने का पूरा मौका मिलना चाहिए, क्योंकि वह पहले ही गवाह के रूप में अदालत में पेश हो चुका है। हालांकि, अदालत ने शिकायतकर्ता पर 6,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, जो आरोपी सूरज भान और चंदर भान को 3,000-3,000 रुपये के रूप में देना होगा। यह मामला महावीर एनक्लेव स्थित अनिल इलेक्ट्रॉनिक्स के पार्टनर अनिल कुमार की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने संगम विहार की बब्बन इलेक्ट्रॉनिक्स (बब्बन होम्स एंड अप्लायंसेज) के मालिक सूरज भान और चंदर भान के खिलाफ 2022 में मामला दर्ज कराया था। इस मामले में 30 मई 2022 को आरोपियों को अपराध का नोटिस दिया गया था।
ट्रायल कोर्ट ने 21 जून 2024 को शिकायतकर्ता की गैर-मौजूदगी के कारण केस को रद्द कर दिया था। अदालत ने कहा था कि शिकायतकर्ता का वकील 13 मार्च 2024 के बाद कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अपील में अनिल कुमार ने बताया कि उनके वकील ने उन्हें कोर्ट की तारीखों और आदेशों की जानकारी नहीं दी। जब उन्होंने खुद केस की स्थिति देखी तो पता चला कि मामला पहले ही खत्म कर दिया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने रिकॉर्ड देखा और पाया कि शिकायतकर्ता 30 अक्तूबर 2023 और 12 जनवरी 2024 को गवाह के रूप में अदालत में पेश होकर अपनी क्रॉस-एग्जामिनेशन भी करा चुके हैं। इससे यह साफ होता है कि वह केस को आगे बढ़ाने में रुचि रखते थे। अदालत ने कहा कि केवल तकनीकी कारणों से किसी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। इसलिए शिकायत को फिर से बहाल करना उचित है।
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नई दिल्ली।
द्वारका कोर्ट ने एक व्यापारिक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा शिकायत रद्द करने के फैसले को पलटते हुए केस को दोबारा बहाल किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भावना कालिया ने कहा कि शिकायतकर्ता को न्याय पाने का पूरा मौका मिलना चाहिए, क्योंकि वह पहले ही गवाह के रूप में अदालत में पेश हो चुका है। हालांकि, अदालत ने शिकायतकर्ता पर 6,000 रुपये का जुर्माना लगाया है, जो आरोपी सूरज भान और चंदर भान को 3,000-3,000 रुपये के रूप में देना होगा। यह मामला महावीर एनक्लेव स्थित अनिल इलेक्ट्रॉनिक्स के पार्टनर अनिल कुमार की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने संगम विहार की बब्बन इलेक्ट्रॉनिक्स (बब्बन होम्स एंड अप्लायंसेज) के मालिक सूरज भान और चंदर भान के खिलाफ 2022 में मामला दर्ज कराया था। इस मामले में 30 मई 2022 को आरोपियों को अपराध का नोटिस दिया गया था।
ट्रायल कोर्ट ने 21 जून 2024 को शिकायतकर्ता की गैर-मौजूदगी के कारण केस को रद्द कर दिया था। अदालत ने कहा था कि शिकायतकर्ता का वकील 13 मार्च 2024 के बाद कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अपील में अनिल कुमार ने बताया कि उनके वकील ने उन्हें कोर्ट की तारीखों और आदेशों की जानकारी नहीं दी। जब उन्होंने खुद केस की स्थिति देखी तो पता चला कि मामला पहले ही खत्म कर दिया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने रिकॉर्ड देखा और पाया कि शिकायतकर्ता 30 अक्तूबर 2023 और 12 जनवरी 2024 को गवाह के रूप में अदालत में पेश होकर अपनी क्रॉस-एग्जामिनेशन भी करा चुके हैं। इससे यह साफ होता है कि वह केस को आगे बढ़ाने में रुचि रखते थे। अदालत ने कहा कि केवल तकनीकी कारणों से किसी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। इसलिए शिकायत को फिर से बहाल करना उचित है।
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