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Delhi NCR News: चंडीगढ़ फायर विभाग का फायरमैन निकला भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड
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-दिल्ली पुलिस ने सरगना सहित सात आरोपियों को दबोचा
10-12 लाख रुपये लेकर ब्लूटूथ और नैनो ईयरबड से कराते थे नकल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की जनकपुरी थाना पुलिस ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना और चंडीगढ़ फायर विभाग का फायरमैन सोनू कुमार उर्फ सोनू मान, सन्नी, दीपक, वीरेंद्र, रिंकू, हेमंत और आरती को गिरफ्तार किया है।
आरोपी सन्नी लेडी इरविन कॉलेज में लैब अटेंडेंट हैं वह उम्मीदवारों को गिरोह से जोड़ने का काम करता था जबकि आरोपी दीपक एजेंट के रूप में अभ्यर्थियों की व्यवस्था और तकनीकी मदद करता था। आरोपी अभ्यर्थियों से 10 से 12 लाख रुपये तक लेकर उन्हें सरकारी भर्ती परीक्षाओं में नकल कराते थे। इसके लिए कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, नैनो ईयरबड और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों के कब्जे से विदेशी व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़ा टैबलेट, कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, नैनो ईयरबड समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पश्चिमी जिले के उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी के अनुसार, 26 जुलाई को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से जनकपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय (केवीएस) में आयोजित लोअर डिवीजन क्लर्क भर्ती परीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों के अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने की शिकायत दी गई थी।
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जांच के दौरान अभ्यर्थी आरती के पास से विशेष रूप से तैयार किया गया मोबाइल फोन मिला, जबकि दूसरे अभ्यर्थी हेमंत के पास से ब्लूटूथ डिवाइस, सिम कार्ड और नैनो ईयरबड बरामद हुए। शिकायत के आधार पर जनकपुरी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए विशेष जांच शुरू की। पूछताछ में हेमंत ने खुलासा किया कि उसके भाई रिंकू ने वीरेंद्र के माध्यम से 12 लाख रुपये में ब्लूटूथ डिवाइस और सिम कार्ड की व्यवस्था कराई थी, ताकि परीक्षा केंद्र के बाहर से उसे उत्तर बताए जा सकें।
इसके आधार पर पुलिस ने रिंकू और वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर, आरती ने बताया कि उसके परिचित सन्नी ने उसे कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और नैनो ईयरबड उपलब्ध कराए थे। इसके बदले 10 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। जांच आगे बढ़ी तो सन्नी और उसके बाद दीपक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, सन्नी और दीपक के बीच यह सौदा आठ लाख रुपये में तय हुआ था।
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-विदेशी व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिये मिलते थे प्रश्नपत्र...
तकनीकी निगरानी, सोशल मीडिया विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सरगना सोनू कुमार उर्फ सोनू मान की पहचान की। उसे हरियाणा के चरखी दादरी स्थित दादरी बाइपास रोड से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह एक अन्य सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने की तैयारी कर रहा था। पुलिस का दावा है कि सोनू मान विदेशी व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिये प्रश्नपत्र प्राप्त कर उनके उत्तर तैयार करवाता था और अपने एजेंटों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों के भीतर मौजूद अभ्यर्थियों तक पहुंचाता था। उसके पास से टैबलेट, कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, तीन ब्लूटूथ डिवाइस, चार नैनो ईयरबड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान, वित्तीय लेन-देन और विभिन्न राज्यों में आयोजित अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।
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10-12 लाख रुपये लेकर ब्लूटूथ और नैनो ईयरबड से कराते थे नकल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की जनकपुरी थाना पुलिस ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना और चंडीगढ़ फायर विभाग का फायरमैन सोनू कुमार उर्फ सोनू मान, सन्नी, दीपक, वीरेंद्र, रिंकू, हेमंत और आरती को गिरफ्तार किया है।
आरोपी सन्नी लेडी इरविन कॉलेज में लैब अटेंडेंट हैं वह उम्मीदवारों को गिरोह से जोड़ने का काम करता था जबकि आरोपी दीपक एजेंट के रूप में अभ्यर्थियों की व्यवस्था और तकनीकी मदद करता था। आरोपी अभ्यर्थियों से 10 से 12 लाख रुपये तक लेकर उन्हें सरकारी भर्ती परीक्षाओं में नकल कराते थे। इसके लिए कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, नैनो ईयरबड और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों के कब्जे से विदेशी व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़ा टैबलेट, कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, नैनो ईयरबड समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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पश्चिमी जिले के उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी के अनुसार, 26 जुलाई को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से जनकपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय (केवीएस) में आयोजित लोअर डिवीजन क्लर्क भर्ती परीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों के अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने की शिकायत दी गई थी।
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जांच के दौरान अभ्यर्थी आरती के पास से विशेष रूप से तैयार किया गया मोबाइल फोन मिला, जबकि दूसरे अभ्यर्थी हेमंत के पास से ब्लूटूथ डिवाइस, सिम कार्ड और नैनो ईयरबड बरामद हुए। शिकायत के आधार पर जनकपुरी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए विशेष जांच शुरू की। पूछताछ में हेमंत ने खुलासा किया कि उसके भाई रिंकू ने वीरेंद्र के माध्यम से 12 लाख रुपये में ब्लूटूथ डिवाइस और सिम कार्ड की व्यवस्था कराई थी, ताकि परीक्षा केंद्र के बाहर से उसे उत्तर बताए जा सकें।
इसके आधार पर पुलिस ने रिंकू और वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। दूसरी ओर, आरती ने बताया कि उसके परिचित सन्नी ने उसे कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और नैनो ईयरबड उपलब्ध कराए थे। इसके बदले 10 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। जांच आगे बढ़ी तो सन्नी और उसके बाद दीपक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, सन्नी और दीपक के बीच यह सौदा आठ लाख रुपये में तय हुआ था।
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-विदेशी व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिये मिलते थे प्रश्नपत्र...
तकनीकी निगरानी, सोशल मीडिया विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सरगना सोनू कुमार उर्फ सोनू मान की पहचान की। उसे हरियाणा के चरखी दादरी स्थित दादरी बाइपास रोड से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह एक अन्य सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने की तैयारी कर रहा था। पुलिस का दावा है कि सोनू मान विदेशी व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिये प्रश्नपत्र प्राप्त कर उनके उत्तर तैयार करवाता था और अपने एजेंटों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों के भीतर मौजूद अभ्यर्थियों तक पहुंचाता था। उसके पास से टैबलेट, कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, तीन ब्लूटूथ डिवाइस, चार नैनो ईयरबड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान, वित्तीय लेन-देन और विभिन्न राज्यों में आयोजित अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।