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Delhi NCR News: आईआरएस अधिकारी की बेटी से दुष्कर्म व हत्या मामले में अदालत ने चार्जशीट पर लिया संज्ञान
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वीडियो साक्ष्य सुरक्षित रखने और चार्जशीट लीक न होने के निर्देश, अगली सुनवाई 1 अगस्त को
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरन ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस को निर्देश दिया कि जांच से जुड़े सभी वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और उनकी जानकारी बचाव पक्ष को भी उपलब्ध कराई जाए। अदालत ने दस्तावेजों की जांच के लिए मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त तय की है। साथ ही आरोपी की न्यायिक हिरासत भी उसी तारीख तक बढ़ा दी गई है।
अदालत ने आरोपी की ओर से नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल सायंतनी साहू को चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध करा दी हैं। बचाव पक्ष को इन दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि कुछ फॉरेंसिक और अन्य जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। ये रिपोर्ट बाद में सप्लीमेंट्री चार्जशीट के साथ दाखिल की जाएंगी।
जांच अधिकारी ने यह भी कहा कि मृतका की तस्वीरें बचाव पक्ष को उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं। इस पर अदालत ने पुलिस को आवेदन दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि कौन-कौन से दस्तावेज बचाव पक्ष को दिए जा सकते हैं और किन दस्तावेजों को साझा करने पर कानूनी रोक है। शिकायतकर्ता के वकील शुभम सिंघल की मांग पर अदालत ने चार्जशीट की सामग्री किसी भी स्तर पर सार्वजनिक या लीक नहीं होने देने के निर्देश भी दिए।
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यह मामला दक्षिण-पूर्व दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। पीड़िता आईआईटी से स्नातक थी और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 22 अप्रैल की सुबह उसके माता-पिता ने ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित घर में उसका शव पाया था। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय राहुल मीणा पहले पीड़िता के घर में काम करता था, लेकिन फरवरी में कथित वित्तीय अनियमितताओं के कारण उसे नौकरी से हटा दिया गया था।
चार्जशीट न खोले कई राज
चार्जशीट के अनुसार, घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट, हथेली और अंगूठे के निशान आरोपी से मेल खाते हैं। डीएनए जांच में भी घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों का मिलान आरोपी के डीएनए से हुआ है। जांच में केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के विशेषज्ञों की सहायता ली गई। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी सुबह करीब 6:30 बजे आवासीय परिसर में प्रवेश करते और लगभग 7:20 बजे बाहर निकलते दिखाई दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी राहुल मीणा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरन ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस को निर्देश दिया कि जांच से जुड़े सभी वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और उनकी जानकारी बचाव पक्ष को भी उपलब्ध कराई जाए। अदालत ने दस्तावेजों की जांच के लिए मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त तय की है। साथ ही आरोपी की न्यायिक हिरासत भी उसी तारीख तक बढ़ा दी गई है।
अदालत ने आरोपी की ओर से नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल सायंतनी साहू को चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध करा दी हैं। बचाव पक्ष को इन दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि कुछ फॉरेंसिक और अन्य जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। ये रिपोर्ट बाद में सप्लीमेंट्री चार्जशीट के साथ दाखिल की जाएंगी।
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जांच अधिकारी ने यह भी कहा कि मृतका की तस्वीरें बचाव पक्ष को उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं। इस पर अदालत ने पुलिस को आवेदन दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि कौन-कौन से दस्तावेज बचाव पक्ष को दिए जा सकते हैं और किन दस्तावेजों को साझा करने पर कानूनी रोक है। शिकायतकर्ता के वकील शुभम सिंघल की मांग पर अदालत ने चार्जशीट की सामग्री किसी भी स्तर पर सार्वजनिक या लीक नहीं होने देने के निर्देश भी दिए।
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यह मामला दक्षिण-पूर्व दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। पीड़िता आईआईटी से स्नातक थी और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 22 अप्रैल की सुबह उसके माता-पिता ने ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित घर में उसका शव पाया था। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय राहुल मीणा पहले पीड़िता के घर में काम करता था, लेकिन फरवरी में कथित वित्तीय अनियमितताओं के कारण उसे नौकरी से हटा दिया गया था।
चार्जशीट न खोले कई राज
चार्जशीट के अनुसार, घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट, हथेली और अंगूठे के निशान आरोपी से मेल खाते हैं। डीएनए जांच में भी घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों का मिलान आरोपी के डीएनए से हुआ है। जांच में केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) के विशेषज्ञों की सहायता ली गई। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की, जिसमें आरोपी सुबह करीब 6:30 बजे आवासीय परिसर में प्रवेश करते और लगभग 7:20 बजे बाहर निकलते दिखाई दिया।