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दिल्ली में मौत का मंजर: क्या 1000 डिग्री तक पहुंच गया था तापमान? मालवीय नगर अग्निकांड पर कुछ सवाल, कई कयास
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 04 Jun 2026 04:03 AM IST
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सार
विशेषज्ञों का मानना है कि बंद भवन में आग तेजी से फैलने पर तापमान असामान्य रूप से बढ़ सकता है और कुछ हिस्सों में यह 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताए भयावह हालात।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद घटनास्थल का मुआयना करने वाले लोगों के अनुसार आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि होटल के भीतर रखी कई वस्तुएं पूरी तरह नष्ट हो गईं। मृतकों, घायलों की स्थिति ने भी आग की भयावहता को उजागर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद भवन में आग तेजी से फैलने पर तापमान असामान्य रूप से बढ़ सकता है और कुछ हिस्सों में यह 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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बर्न विशेषज्ञ के अनुसार, मानव शरीर का कोई निश्चित ‘मेल्टिंग प्वाॅइंट’ नहीं होता। शरीर मुख्य रूप से पानी, प्रोटीन, वसा और ऊतकों से बना होता है, जो अत्यधिक तापमान में पिघलने के बजाय जलने, क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। 120 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान पर शरीर के ऊतक गंभीर रूप से प्रभावित होने लगते हैं। शरीर में मौजूद पानी भाप बनने लगता है और प्रोटीन टूटने लगते हैं, जिससे ऊतक नष्ट होने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आग की वास्तविक तीव्रता और तापमान का सटीक आकलन फोरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही संभव होगा।
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घटनाक्रम
- 8.00 बजे सुबह: स्थानीय लोगों ने इमारत से हल्का धुआं उठता देखा
- 8.30 बजे इमारत में आग भड़क गई और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं
- 8.40 बजे शोर सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, बचाव कार्य शुरू
- 8.48 बजे पुलिस को कॉल मिली। पुलिस मौके के लिए रवाना हुई
- 8.50 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली
- 8.55 बजे स्थानीय लोगों ने इमारत के नीचे गद्दे बिछाए। आग में फंसे लोगों ने जान बचाने के लिए कूदना शुरू किया
- 9.14 बजे सुबह: दमकल की गाड़ियां पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया
- 9.16 बजे सुबह: दमकल अधिकारियों ने आग को ‘मेक-4’ घोषित करते हुए अतिरिक्त स्टाफ, संसाधन मांगा
- 9.25 बजे बेसमेंट तक पहुंचने के लिए शटर काटने का काम शुरू किया गया
- 9.45 बजे सुबह: बेसमेंट में लगी आग पर काबू पाने के बाद दमकलकर्मियों ने वहां से तीन लोगों को बाहर निकाला
- 9.54 बजे सुबह: दक्षिणी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सूचना दी गई
- 10.00 बजे दमकल, पुलिस, स्थानीय लोग फंसे लोगों को निकालने लगे
- 10.05 बजे सुबह: डीडीएमए की टीम डॉक्टरों के दल के साथ मौके पर पहुंची
- 10.25 बजे आग पर काबू पा लिया गया
- 10.50 बजे सुबह: आग बुझा दी गई। सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया
- 11.20 दमकल अधिकारियों के अनुसार, सुबह 9.45 बजे से 11.20 बजे तक 35 लोग इमारत से बाहर निकाले गए
- 11.25 बजे सुबह: दमकलकर्मियों ने ऊपरी मंजिलों से दो और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला
- 3.35 बजे दोपहर: सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि इमारत में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है