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Faridabad News: इलेक्ट्रॉनिक सामान हुआ महंगा, व्यापारियों की बढ़ी चिंता
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लागत बढ़ने से मुनाफा हुआ कम, झेलनी पड़ रही दोहरी मार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वैश्विक तनाव और कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे का सीधा असर अब स्थानीय बाजार पर दिखने लगा है। जिले के इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। बाजार में पंखे, कूलर, बैटरी और वायरिंग के सामान समेत लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के दाम 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि लागत बढ़ने से उनका मुनाफा सिकुड़ गया है और बाजार में लागत ज्यादा लगानी पड़ रही है।
स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, जो माल पहले एक लाख रुपये में आ जाता था, उसके लिए अब सवा लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। निवेश बढ़ने के बावजूद उनका लाभांश जस का तस है। कई चीजों पर तो पहले से कम भी हो गया है। बाजार में सबसे ज्यादा उछाल वायरिंग के इस्तेमाल में आने वाले कॉपर वायर (तार) और पाइप में देखा जा रहा है।
दुकानदार संजीव चावला ने बताया कि जो तार पहले एक हजार रुपये में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर 1,500 से 1,600 रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा पावर बैकअप के लिए इस्तेमाल होने वाली जो बैटरी पहले नौ हजार रुपये में आती थी, उसके दाम अब 10 हजार रुपये हो चुके हैं। वहीं वायरिंग के पाइप का जो बंडल पहले एक हजार रुपये का था, वह अब 1,300 रुपये में मिल रहा है।
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व्यापारी करण भाटिया ने बताया कि महंगाई की मार छोटे-बड़े हर आइटम पर है। रोजमर्रा की जरूरत का एलईडी बल्ब जो पहले 50 रुपये का मिलता था, अब उसके लिए ग्राहकों को 60 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा पंखे, एसी और कूलर के दामों में भी पांच से आठ प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वैश्विक तनाव और कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे का सीधा असर अब स्थानीय बाजार पर दिखने लगा है। जिले के इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। बाजार में पंखे, कूलर, बैटरी और वायरिंग के सामान समेत लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के दाम 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि लागत बढ़ने से उनका मुनाफा सिकुड़ गया है और बाजार में लागत ज्यादा लगानी पड़ रही है।
स्थानीय व्यापारियों के मुताबिक, जो माल पहले एक लाख रुपये में आ जाता था, उसके लिए अब सवा लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। निवेश बढ़ने के बावजूद उनका लाभांश जस का तस है। कई चीजों पर तो पहले से कम भी हो गया है। बाजार में सबसे ज्यादा उछाल वायरिंग के इस्तेमाल में आने वाले कॉपर वायर (तार) और पाइप में देखा जा रहा है।
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दुकानदार संजीव चावला ने बताया कि जो तार पहले एक हजार रुपये में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर 1,500 से 1,600 रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा पावर बैकअप के लिए इस्तेमाल होने वाली जो बैटरी पहले नौ हजार रुपये में आती थी, उसके दाम अब 10 हजार रुपये हो चुके हैं। वहीं वायरिंग के पाइप का जो बंडल पहले एक हजार रुपये का था, वह अब 1,300 रुपये में मिल रहा है।
व्यापारी करण भाटिया ने बताया कि महंगाई की मार छोटे-बड़े हर आइटम पर है। रोजमर्रा की जरूरत का एलईडी बल्ब जो पहले 50 रुपये का मिलता था, अब उसके लिए ग्राहकों को 60 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा पंखे, एसी और कूलर के दामों में भी पांच से आठ प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।