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Faridabad News: प्रतापगढ़ और आसपास के सेक्टरों में जलभराव से मिलेगी राहत
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जल्द शुरू होगा डिस्पोजल का निर्माण, नगर निगम ने प्रोजेक्ट की सभी औपचारिकताएं पूरी कीं
इसी इलाके में एफएमडीए साढ़े आठ करोड़ से कर रहा है मास्टर सीवर लाइन का सफाई और मरम्मत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी क्षेत्र के प्रतापगढ़ और आसपास के सेक्टरों में लंबे समय से बनी जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या को दूर करने के लिए अब डिस्पोजल निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है। नगर निगम ने डिस्पोजल प्रोजेक्ट की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और इसी आने वाले सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि यह डिस्पोजल चालू होने के बाद प्रतापगढ़ के साथ-साथ सेक्टर-23, 25, 53 और 55 की निकासी व्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा। वहीं एफएमडीए की तरफ से भी करीब साढ़े आठ करोड़ की लागत से इस इलाके की मास्टर सीवर लाइन को साफ करने के साथ मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से ड्रेनेज की कमजोर व्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी होती है। हल्की बारिश में भी गलियों और सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है और कई जगह पानी घरों तक पहुंच जाता है। इसी समस्या को देखते हुए नया डिस्पोजल बनाकर गंदे पानी को एक जगह एकत्र कर मुख्य सीवर लाइन तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि डिस्पोजल बनने के बाद प्रतापगढ़ और आसपास के इलाके का पानी सीधे मुख्य लाइन में डाला जा सकेगा जिससे सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक खत्म होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के समय हालात सबसे खराब हो जाते हैं और कई दिन तक गंदा पानी भरा रहता है। ऐसे में डिस्पोजल निर्माण को सबसे जरूरी काम माना जा रहा था।
मास्टर सीवर लाइन की भी हो रही है सफाई
डिस्पोजल प्रोजेक्ट के साथ-साथ फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने प्रतापगढ़ सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी मास्टर सीवर लाइनों की सफाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 70 किलोमीटर लंबी मुख्य लाइन की सफाई पर साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह लाइन सेक्टर-23, सेक्टर-25, सेक्टर-53 और सेक्टर-55 से होकर गुजरती है और इसके जाम होने से पूरे इलाके में ओवरफ्लो की समस्या पैदा हो जाती है। अधिकारियों के अनुसार मास्टर लाइन साफ होने से नए डिस्पोजल से निकलने वाला पानी भी बिना रुकावट ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सकेगा।
बरसात से पहले राहत देने का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि डिस्पोजल का काम जल्द शुरू कर मानसून से पहले निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाए। शहर में बढ़ती आबादी और पुराने सीवर नेटवर्क पर बढ़ते दबाव के कारण हर साल कई सेक्टरों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। अधिकारियों का कहना है कि अगर तय समय पर काम पूरा हो गया तो इस बार बरसात के मौसम में प्रतापगढ़ और आसपास के सेक्टरों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आम लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त
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इसी इलाके में एफएमडीए साढ़े आठ करोड़ से कर रहा है मास्टर सीवर लाइन का सफाई और मरम्मत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी क्षेत्र के प्रतापगढ़ और आसपास के सेक्टरों में लंबे समय से बनी जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या को दूर करने के लिए अब डिस्पोजल निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है। नगर निगम ने डिस्पोजल प्रोजेक्ट की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और इसी आने वाले सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि यह डिस्पोजल चालू होने के बाद प्रतापगढ़ के साथ-साथ सेक्टर-23, 25, 53 और 55 की निकासी व्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा। वहीं एफएमडीए की तरफ से भी करीब साढ़े आठ करोड़ की लागत से इस इलाके की मास्टर सीवर लाइन को साफ करने के साथ मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से ड्रेनेज की कमजोर व्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी होती है। हल्की बारिश में भी गलियों और सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है और कई जगह पानी घरों तक पहुंच जाता है। इसी समस्या को देखते हुए नया डिस्पोजल बनाकर गंदे पानी को एक जगह एकत्र कर मुख्य सीवर लाइन तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि डिस्पोजल बनने के बाद प्रतापगढ़ और आसपास के इलाके का पानी सीधे मुख्य लाइन में डाला जा सकेगा जिससे सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या काफी हद तक खत्म होगी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के समय हालात सबसे खराब हो जाते हैं और कई दिन तक गंदा पानी भरा रहता है। ऐसे में डिस्पोजल निर्माण को सबसे जरूरी काम माना जा रहा था।
मास्टर सीवर लाइन की भी हो रही है सफाई
डिस्पोजल प्रोजेक्ट के साथ-साथ फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने प्रतापगढ़ सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी मास्टर सीवर लाइनों की सफाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब 70 किलोमीटर लंबी मुख्य लाइन की सफाई पर साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह लाइन सेक्टर-23, सेक्टर-25, सेक्टर-53 और सेक्टर-55 से होकर गुजरती है और इसके जाम होने से पूरे इलाके में ओवरफ्लो की समस्या पैदा हो जाती है। अधिकारियों के अनुसार मास्टर लाइन साफ होने से नए डिस्पोजल से निकलने वाला पानी भी बिना रुकावट ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सकेगा।
बरसात से पहले राहत देने का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि डिस्पोजल का काम जल्द शुरू कर मानसून से पहले निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाए। शहर में बढ़ती आबादी और पुराने सीवर नेटवर्क पर बढ़ते दबाव के कारण हर साल कई सेक्टरों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। अधिकारियों का कहना है कि अगर तय समय पर काम पूरा हो गया तो इस बार बरसात के मौसम में प्रतापगढ़ और आसपास के सेक्टरों के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आम लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। - धीरेंद्र खड़गटा, निगम आयुक्त