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Faridabad News: जेवर एयरपोर्ट के साथ फरीदाबाद में बनेंगे लॉजिस्टिक और वेयरहाउस हब
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उद्योगों के विस्तार की बढ़ी उम्मीद, एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर कनेक्टिविटी से बदलेगा औद्योगिक नक्शा
सेक्टर-65, ग्रेटर फरीदाबाद और पलवल रोड बेल्ट पर निवेशकों की नजर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के साथ फरीदाबाद में लॉजिस्टिक, वेयरहाउस और नए औद्योगिक हब विकसित होने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के कारण फरीदाबाद को एनसीआर के नए लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के बाद कंपनियां एयरपोर्ट के नजदीक वेयरहाउस और सप्लाई सेंटर स्थापित करने की योजना बना सकती हैं।
फरीदाबाद पहले से हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक शहर है जहां ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, मशीनरी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हजारों यूनिट संचालित हो रहे हैं। अब जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद सड़क, एयर और फ्रेट कॉरिडोर एक साथ जुड़ने से उद्योगों को माल भेजने और मंगाने में आसानी होगी।
अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-65 के पास से बनने वाला ग्रीनफील्ड कॉरिडोर सीधे एयरपोर्ट तक जाएगा, जबकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद दूसरे राज्यों तक पहुंच और आसान हो जाएगी। इससे फरीदाबाद से निकलने वाला माल बिना शहर के अंदर आए सीधे एक्सप्रेसवे के जरिये बाहर जा सकेगा।
कंपनियों के लिए फरीदाबाद बहुत अच्छा विकल्प बन जाएगा
औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट के आसपास हमेशा लॉजिस्टिक और वेयरहाउस की मांग बढ़ती है। फरीदाबाद में भी सेक्टर-65, तिगांव, सोतई, ग्रेटर फरीदाबाद और पलवल रोड के आसपास जमीन को इस नजर से देखा जा रहा है। सेक्टर-24 स्थित एक उद्योग संचालक नरेश अग्रवाल ने बताया कि अगर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की सीधी कनेक्टिविटी मिल जाती है तो कंपनियों के लिए फरीदाबाद बहुत अच्छा विकल्प बन जाएगा। अभी कई उद्योगों को सामान दिल्ली या गुरुग्राम के रास्ते भेजना पड़ता है जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं।
नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी
सरकारी स्तर पर भी एयरपोर्ट से जुड़े इलाकों में औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और भविष्य में नए इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किए जा सकते हैं। तिगांव क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जमीन के बारे में पूछताछ बढ़ी है। कई लोग वेयरहाउस और फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन देख रहे हैं। उनका कहना है कि अगर उद्योग आएंगे तो स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद बन सकता है नया विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम में जमीन महंगी होने के बाद अब कंपनियां नए विकल्प तलाश रही हैं। जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद फरीदाबाद की दूरी कम होने से निवेश का रुख इस तरफ बढ़ सकता है। बेहतर सड़क नेटवर्क, एयरपोर्ट की नजदीकी और फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी के कारण फरीदाबाद को आने वाले समय में एनसीआर के नए लॉजिस्टिक और औद्योगिक हब के रूप में विकसित होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के चालू होने के बाद इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है।
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सेक्टर-65, ग्रेटर फरीदाबाद और पलवल रोड बेल्ट पर निवेशकों की नजर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के साथ फरीदाबाद में लॉजिस्टिक, वेयरहाउस और नए औद्योगिक हब विकसित होने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। एयरपोर्ट को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के कारण फरीदाबाद को एनसीआर के नए लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के बाद कंपनियां एयरपोर्ट के नजदीक वेयरहाउस और सप्लाई सेंटर स्थापित करने की योजना बना सकती हैं।
फरीदाबाद पहले से हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक शहर है जहां ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, मशीनरी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े हजारों यूनिट संचालित हो रहे हैं। अब जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद सड़क, एयर और फ्रेट कॉरिडोर एक साथ जुड़ने से उद्योगों को माल भेजने और मंगाने में आसानी होगी।
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अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-65 के पास से बनने वाला ग्रीनफील्ड कॉरिडोर सीधे एयरपोर्ट तक जाएगा, जबकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद दूसरे राज्यों तक पहुंच और आसान हो जाएगी। इससे फरीदाबाद से निकलने वाला माल बिना शहर के अंदर आए सीधे एक्सप्रेसवे के जरिये बाहर जा सकेगा।
कंपनियों के लिए फरीदाबाद बहुत अच्छा विकल्प बन जाएगा
औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट के आसपास हमेशा लॉजिस्टिक और वेयरहाउस की मांग बढ़ती है। फरीदाबाद में भी सेक्टर-65, तिगांव, सोतई, ग्रेटर फरीदाबाद और पलवल रोड के आसपास जमीन को इस नजर से देखा जा रहा है। सेक्टर-24 स्थित एक उद्योग संचालक नरेश अग्रवाल ने बताया कि अगर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की सीधी कनेक्टिविटी मिल जाती है तो कंपनियों के लिए फरीदाबाद बहुत अच्छा विकल्प बन जाएगा। अभी कई उद्योगों को सामान दिल्ली या गुरुग्राम के रास्ते भेजना पड़ता है जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं।
नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी
सरकारी स्तर पर भी एयरपोर्ट से जुड़े इलाकों में औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है और भविष्य में नए इंडस्ट्रियल एरिया विकसित किए जा सकते हैं। तिगांव क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जमीन के बारे में पूछताछ बढ़ी है। कई लोग वेयरहाउस और फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन देख रहे हैं। उनका कहना है कि अगर उद्योग आएंगे तो स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद बन सकता है नया विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम में जमीन महंगी होने के बाद अब कंपनियां नए विकल्प तलाश रही हैं। जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद फरीदाबाद की दूरी कम होने से निवेश का रुख इस तरफ बढ़ सकता है। बेहतर सड़क नेटवर्क, एयरपोर्ट की नजदीकी और फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी के कारण फरीदाबाद को आने वाले समय में एनसीआर के नए लॉजिस्टिक और औद्योगिक हब के रूप में विकसित होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट के चालू होने के बाद इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है।