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Faridabad News: मानसून शुरू, पर खुले नालों पर बैरिकेडिंग नहीं
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बारिश के दौरान जलभराव होने पर हादसों की आशंका लगातार बनी
भारती दुबे
फरीदाबाद। जिले में मानसून सक्रिय हो चुका है, लेकिन प्रशासन की तैयारियां अब भी अधूरी नजर आ रही हैं। शहर के कई हिस्सों में खुले नालों पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। नालों में केवल कूड़ा बहता नजर आ रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव होने पर हादसों की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष इस समस्या की शिकायत की जाती है, लेकिन समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाते।
शहर के विभिन्न इलाकों में नाले खुले पड़े हैं। एसी नगर, एसडीएम नगर प्याली चौक, पर्वतीय कॉलोनी वार्ड नंबर- 26 सहित अन्य इलाकों में नाले खुले पड़े हैं। इसके चलते कई बार हादसे हुए हैं, कई लोगों की जान भी गई है बावजूद इसके अभी तक इस ओर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
निचले इलाकों में तीन से चार फीट तक भरता है पानी
बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाता है। जलभराव के कारण सड़क और खुले नालों के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है। पूर्व में भी ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों को चोटें आई हैं। शहर के कई क्षेत्रों में नाले खुले पड़े हैं। इन स्थानों पर न तो लोहे की रेलिंग लगाई गई है और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान छोटे बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
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निवासियों ने बैरिकेडिंग और साइन बोर्ड की मांग की
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान हादसों को रोकने के लिए खुले नालों के आसपास तत्काल बैरिकेडिंग कराई जाए और चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि सड़कों पर जलभराव की समस्या कम हो सके।
सभी प्रमुख जंक्शनों को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। सभी जंक्शनों पर काम किया जा रहा है।
- के एस पठानिया, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
निवासियों से बातचीत
यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- अनिल कुमार
प्रतिवर्ष खुले नालों के कारण लोगों की जान जाती है। इसके बावजूद प्रशासन सबक नहीं लेता है। इस वर्ष भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
-- बिट्टू
नालों में कूड़ा भरा हुआ है। पानी कम और कूड़ा ज्यादा नजर आ रहा है। प्रशासन की ओर से नालों की सफाई नहीं की जाती, इससे परेशानी होती है।
- रमेश
हमारी मांग है कि प्रशासन सभी नालों की सफाई कराकर नालों की बैरिकेडिंग कराएं और चेतावनी बोर्ड लगाए, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- युगल किशोर
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भारती दुबे
फरीदाबाद। जिले में मानसून सक्रिय हो चुका है, लेकिन प्रशासन की तैयारियां अब भी अधूरी नजर आ रही हैं। शहर के कई हिस्सों में खुले नालों पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। नालों में केवल कूड़ा बहता नजर आ रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान जलभराव होने पर हादसों की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष इस समस्या की शिकायत की जाती है, लेकिन समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाते।
शहर के विभिन्न इलाकों में नाले खुले पड़े हैं। एसी नगर, एसडीएम नगर प्याली चौक, पर्वतीय कॉलोनी वार्ड नंबर- 26 सहित अन्य इलाकों में नाले खुले पड़े हैं। इसके चलते कई बार हादसे हुए हैं, कई लोगों की जान भी गई है बावजूद इसके अभी तक इस ओर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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निचले इलाकों में तीन से चार फीट तक भरता है पानी
बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाता है। जलभराव के कारण सड़क और खुले नालों के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है। पूर्व में भी ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों को चोटें आई हैं। शहर के कई क्षेत्रों में नाले खुले पड़े हैं। इन स्थानों पर न तो लोहे की रेलिंग लगाई गई है और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान छोटे बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
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निवासियों ने बैरिकेडिंग और साइन बोर्ड की मांग की
निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मानसून के दौरान हादसों को रोकने के लिए खुले नालों के आसपास तत्काल बैरिकेडिंग कराई जाए और चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाए, ताकि सड़कों पर जलभराव की समस्या कम हो सके।
सभी प्रमुख जंक्शनों को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। सभी जंक्शनों पर काम किया जा रहा है।
- के एस पठानिया, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
निवासियों से बातचीत
यदि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- अनिल कुमार
प्रतिवर्ष खुले नालों के कारण लोगों की जान जाती है। इसके बावजूद प्रशासन सबक नहीं लेता है। इस वर्ष भी कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
नालों में कूड़ा भरा हुआ है। पानी कम और कूड़ा ज्यादा नजर आ रहा है। प्रशासन की ओर से नालों की सफाई नहीं की जाती, इससे परेशानी होती है।
- रमेश
हमारी मांग है कि प्रशासन सभी नालों की सफाई कराकर नालों की बैरिकेडिंग कराएं और चेतावनी बोर्ड लगाए, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- युगल किशोर