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Faridabad News: आईटीआई में 20 प्रतिशत सीटें घटने से बढ़ी परेशानी

Sun, 12 Jul 2026 01:11 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:11 AM IST
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Reduction in ITI seats by 20 percent leads to increased difficulties.
मनपसंद ट्रेड के लिए छात्रों में कड़ी प्रतिस्पर्धा, सीटें घटने के बावजूद इस साल आवेदनों की संख्या में बढ़ोतरी
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिला लेने की चाह रखने वाले छात्रों के लिए इस बार राह आसान नहीं होने वाली है। आईटीआई संस्थानों में प्रशिक्षकों की कमी के चलते इस सत्र में कुल सीटों में 20 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।
सीटें घटने से ट्रेड और दाखिले को लेकर छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी हो गई है। पिछले साल के मुकाबले इस बार काफी कम छात्र अपनी मनपसंद ट्रेड में दाखिला ले पाएंगे। हैरानी की बात यह है कि सीटें घटने के बावजूद इस साल आवेदनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनमें एनआईटी-5 स्थित प्रमुख आईटीआई में 456 सीटों के लिए अब तक 800 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। यानी यहां हर एक सीट पर करीब दो दावेदार हैं। इसी तरह, ओल्ड फरीदाबाद आईटीआई की 296 सीटों के लिए 400 से ज्यादा और महिला आईटीआई की 200 सीटों पर करीब 120 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अधिकतर छात्र एनआईटी आईटीआई को तवज्जो दे रहे हैं, जिससे वहां मुकाबला और कड़ा हो गया है। सीटें कम और आवेदक ज्यादा होने से छात्रों को मनपसंद ट्रेड न मिलने का डर सता रहा है।
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मैं इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में दाखिला चाहता हूं लेकिन सीटें कम होने से कटऑफ बहुत हाई जाने की उम्मीद है। डर है कि कहीं पसंदीदा ट्रेड छूट न जाए। -सनी सिंह, आवेदक
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महिला आईटीआई में सीटें तो हैं लेकिन कोपा जैसी लोकप्रिय ट्रेड के लिए आवेदन बहुत ज्यादा है। कम सीटों के कारण अब बस मेरिट का ही भरोसा है। -अंजू, आवेदक

एनआईटी आईटीआई मेरी पहली पसंद है क्योंकि यहां प्लेसमेंट अच्छा है। मगर एक सीट पर दो-दो दावेदार होने से इस बार प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। -सौरभ, आवेदक


संस्थानों में शिक्षक कम हैं, इसलिए सीटें घटा दी गईं। इसमें छात्रों की क्या गलती? अगर मनपसंद ट्रेड नहीं मिली, तो पूरा साल खराब होने का डर है। -दीपू, आवेदक
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