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Delhi NCR News: कूड़ा उठाने वाले वाहन हो रहे इलेक्ट्रिक, एमसीडी ने एक साथ उतारे 135 ईवी
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नरेला, सिविल लाइंस और केशवपुरम जोन में तैनात होंगे वाहन, सबसे ज्यादा 46 ईवी रोहिणी को मिलेडीजल पर निर्भरता घटेगी, घर-घर कचरा संग्रहण और स्रोत पर कचरा प्रबंधन को मिलेगी रफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम कूड़ा उठाने वाले वाहनों के बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल रहा है। शनिवार को 135 नए इलेक्ट्रिक स्वच्छता वाहन निगम के बेड़े में शामिल किए गए है। इससे कचरा संग्रहण व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही डीजल की खपत घटेगी और स्वच्छता सेवाओं को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।
महापौर प्रवेश वाही ने रोहिणी सेक्टर-10 में नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई। ये वाहन रोहिणी, नरेला, सिविल लाइंस और केशवपुरम जोन में लाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 46 वाहन रोहिणी क्षेत्र को मिले हैं। इस मौके पर महापौर ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बेड़े में शामिल करना दिल्ली की नई ईवी नीति के अनुरूप उठाया गया कदम है। इससे ईंधन की बचत होगी, परिचालन लागत कम होगी और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी।
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लैंडफिल पर दबाव घटाने पर जोर
महापौर ने कहा कि केवल आधुनिक वाहन पर्याप्त नहीं हैं। अगर लोग घरों में ही गीले, सूखे और अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग करना शुरू करें तो लैंडफिल साइट पर पहुंचने वाला काफी कम हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से स्रोत पर कचरा पृथक्करण और गीले कचरे के स्थानीय निस्तारण में सहयोग करने की अपील की। इलेक्ट्रिक स्वच्छता वाहनों का बढ़ता उपयोग केवल कचरा उठाने की व्यवस्था को बेहतर नहीं बनाएगा, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम कूड़ा उठाने वाले वाहनों के बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल रहा है। शनिवार को 135 नए इलेक्ट्रिक स्वच्छता वाहन निगम के बेड़े में शामिल किए गए है। इससे कचरा संग्रहण व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही डीजल की खपत घटेगी और स्वच्छता सेवाओं को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा।
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महापौर प्रवेश वाही ने रोहिणी सेक्टर-10 में नए वाहनों को हरी झंडी दिखाई। ये वाहन रोहिणी, नरेला, सिविल लाइंस और केशवपुरम जोन में लाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 46 वाहन रोहिणी क्षेत्र को मिले हैं। इस मौके पर महापौर ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बेड़े में शामिल करना दिल्ली की नई ईवी नीति के अनुरूप उठाया गया कदम है। इससे ईंधन की बचत होगी, परिचालन लागत कम होगी और प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी।
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लैंडफिल पर दबाव घटाने पर जोर
महापौर ने कहा कि केवल आधुनिक वाहन पर्याप्त नहीं हैं। अगर लोग घरों में ही गीले, सूखे और अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग करना शुरू करें तो लैंडफिल साइट पर पहुंचने वाला काफी कम हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से स्रोत पर कचरा पृथक्करण और गीले कचरे के स्थानीय निस्तारण में सहयोग करने की अपील की। इलेक्ट्रिक स्वच्छता वाहनों का बढ़ता उपयोग केवल कचरा उठाने की व्यवस्था को बेहतर नहीं बनाएगा, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।