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Ghaziabad News: डिलीवरी का संदेश आया, गैस नहीं एजेंसी से 99 सिलिंडर मिले गायब
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मोदीनगर स्थित गैस एजेंसी का निरीक्षण करती आपूर्ति विभाग की टीम। स्रोत: विभाग
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गाजियाबाद। मोदीनगर में गैस सिलिंडर बुकिंग के बाद डिलीवरी मैसेज मिलने के बावजूद सिलिंडर घर तक न पहुंचने की शिकायतों पर हुई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शनिवार को जांच के दौरान धीरेंद्र गैस सर्विस के स्टॉक में 99 घरेलू सिलिंडर कम पाए गए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के बाद जिला पूर्ति विभाग की ओर से मोदीनगर थाने में एजेंसी की प्रबंधक योगिता और प्रोपराइटर कमस तोमर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि स्टॉक में कमी को लेकर एजेंसी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 20 मार्च को मोदीनगर निवासी सचिन चौधरी ने जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ से एजेंसी पर सिलिंडरों की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसके बाद तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए गए। राजस्व और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने एजेंसी के गोदाम पर पहुंचकर जांच की तो बड़ी गड़बड़ी मिली।
स्टॉक और रजिस्टर का मिलान करने पर सिलिंडर कम पाए गए। कॉमर्शियल सिलिंडरों की जानकारी भी सही नहीं मिली। आरोप है कि एजेंसी ने घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी कर उन्हें अधिक कीमत पर बेचा।
निर्देश के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था : अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी थीं। विभाग ने समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शिकायतें लगातार आती रहीं। इस मामले में सचिन चौधरी, आवेश, हिमांशु त्यागी, अरुणा, नसीम और निखिल ने बयान दर्ज कराते हुए बताया कि उन्हें गैस डिलीवरी का मैसेज मिला, लेकिन सिलिंडर घर तक नहीं पहुंचा। इससे पहले भी मोदीनगर और आसपास के क्षेत्रों में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के बाद जिला पूर्ति विभाग की ओर से मोदीनगर थाने में एजेंसी की प्रबंधक योगिता और प्रोपराइटर कमस तोमर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि स्टॉक में कमी को लेकर एजेंसी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, 20 मार्च को मोदीनगर निवासी सचिन चौधरी ने जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ से एजेंसी पर सिलिंडरों की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसके बाद तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए गए। राजस्व और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने एजेंसी के गोदाम पर पहुंचकर जांच की तो बड़ी गड़बड़ी मिली।
स्टॉक और रजिस्टर का मिलान करने पर सिलिंडर कम पाए गए। कॉमर्शियल सिलिंडरों की जानकारी भी सही नहीं मिली। आरोप है कि एजेंसी ने घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी कर उन्हें अधिक कीमत पर बेचा।
निर्देश के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था : अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी थीं। विभाग ने समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शिकायतें लगातार आती रहीं। इस मामले में सचिन चौधरी, आवेश, हिमांशु त्यागी, अरुणा, नसीम और निखिल ने बयान दर्ज कराते हुए बताया कि उन्हें गैस डिलीवरी का मैसेज मिला, लेकिन सिलिंडर घर तक नहीं पहुंचा। इससे पहले भी मोदीनगर और आसपास के क्षेत्रों में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।