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Ghaziabad News: निजी अस्पताल में युवक की मौत मामले में कार्रवाई की मांग
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गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित एक निजी अस्पताल में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत मामले में परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को मृतक के परिजन समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष फैजल हुसैन के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन से मिले। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की समिति गठित कर दी गई है। समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वसुंधरा सेक्टर 10 निवासी नानक चंद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बताया कि उनके बेटे रवि कुमार को नौ मार्च की सुबह पेट दर्द की शिकायत के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करते समय 5,000 रुपये और बाद में करीब 24,500 रुपये जमा कराए गए। इसके बावजूद मरीज को समुचित इलाज नहीं दिया गया।
परिजनों के अनुसार, रातभर रवि की हालत बिगड़ती रही, लेकिन स्टाफ उसे सामान्य बताता रहा और किसी वरिष्ठ डॉक्टर को नहीं बुलाया। सुबह करीब पांच बजे फोन पर हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच तीखी बहस भी हुई। इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि इसके बाद दबाव में आकर मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि समय पर सही इलाज या रेफर किया जाता तो रवि की जान बच सकती थी।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की समिति गठित कर दी गई है। समिति को एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वसुंधरा सेक्टर 10 निवासी नानक चंद ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बताया कि उनके बेटे रवि कुमार को नौ मार्च की सुबह पेट दर्द की शिकायत के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करते समय 5,000 रुपये और बाद में करीब 24,500 रुपये जमा कराए गए। इसके बावजूद मरीज को समुचित इलाज नहीं दिया गया।
परिजनों के अनुसार, रातभर रवि की हालत बिगड़ती रही, लेकिन स्टाफ उसे सामान्य बताता रहा और किसी वरिष्ठ डॉक्टर को नहीं बुलाया। सुबह करीब पांच बजे फोन पर हालत गंभीर बताई गई। इसके बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच तीखी बहस भी हुई। इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि इसके बाद दबाव में आकर मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि समय पर सही इलाज या रेफर किया जाता तो रवि की जान बच सकती थी।