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Ghaziabad News: देश की जासूसी के आरोप में चार गिरफ्तार, पांच नाबालिग हिरासत में

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:58 AM IST
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Four arrested, five minors detained on charges of spying for the country
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कौशांबी। पाकिस्तान के लिए देश के सैन्य ठिकानों समेत मुख्य स्थानों की जासूसी करने के आरोप में एसआईटी ने 20 मार्च को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें मेरठ के परतापुर निवासी गणेश, बिहार के पूर्णिया जिला स्थित ओली टोला निवासी विवेक, मेरठ के शास्त्री नगर निवासी गगन कुमार और जौनपुर के काजीपुर स्थित सराय मोहद्दीन जामदारा शाहगंज निवासी दुर्गेश शामिल हैं।
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इनके अलावा मेरठ, गाजियाबाद और कौशांबी के पांच नाबालिगों का भी आरोपी सहयोग ले रहे थे। आरोपियों के कब्जे से नौ मोबाइल फोन और 10 सिमकार्ड बरामद हुए हैं। पूछताछ में सभी ने सरदार के व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा होने, फोटो-वीडियो व लोकेशन भेजने और कैमरे लगाने की बात स्वीकार की है।
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एसआईटी को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के मुख्य सदस्य सुहेल मलिक, नौशाद अली व समीर उर्फ शूटर हैं। वह देश के सैन्य ठिकानों, सुरक्षाबलों के सेंटर, प्रमुख प्रतिष्ठान, रेलवे स्टेशन आदि की रेकी कर फोटो-वीडियो और जीपीएस लोकेशन विदेशी नंबरों पर भेज रहे थे। लोकेशन के लिए अलग-अलग तरह के एप उनके मोबाइल फोन में इंस्टॉल कराए गए थे। उन्हें इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग सरदार ने ऑनलाइन दी थी। आरोपियों ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन, सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सौर ऊर्जा संचालित सिम आधारित स्टैंड एलोन सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात स्वीकार की है। साथ ही 50 और स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे।

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि भारत के मोबाइल नंबरों पर ही पाकिस्तान में बैठकर सरदार व्हाट्सएप समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा था। आरोपियों को छिनैती के मोबाइल फोन से निकाले गए सिमकार्ड, अलग-अलग एजेंट के जरिये प्री एक्टिवेटिड सिम या परिवार वालों व रिश्तेदारों की आईडी पर जारी सिमकार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे। इसके लिए उन्हें 500 से 15 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था। आरोपी यूपीआई के जरिये इस राशि को लेते थे, लेकिन सीधे अपने खाते में रुपये नहीं मंगाते थे। इसके लिए वह जन सेवा केंद्र या दुकानों के बार कोड पर ट्रांसफर कराते थे। इसके बाद केंद्र संचालक व दुकानदारों को चंद रुपये अदा करके उनसे नकदी ले लेते थे। एसआईटी की जांच में सामने आया कि जासूसी के लिए तकनीकी जानकारी रखने वाले युवा और नाबालिगों को गिरोह में तेजी से शामिल किया जा रहा था। इनमें मोबाइल फोन, सीसीटीवी कैमरे व कंप्यूटर ऑपरेट करने की जानकारी वालों को प्राथमिकता दी जाती थी।



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चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच नाबालिग हिरासत में लिए गए हैं। उनको किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। दो आरोपी अभी भागे हुए हैं। आरोपी विदेशी व्यक्ति के सीधे संपर्क में रहकर उसी के इशारे पर जासूसी कर रहे थे।
--राजकरन नैय्यर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था, गाजियाबाद
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