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Ghaziabad News: नौ माह तक नहीं हुआ पंजीकरण, नोएडा भेजने के लिए 5 दिन में पूरी हो गई प्रक्रिया
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साहिबाबाद। अप्रैल 2026 से पंजीकरण के इंतजार में खड़ीं 28 ई-बसों को सोमवार से नोएडा में संचालन के लिए भेज दिया गया है। अगस्त 2025 में गाजियाबाद परिवहन निगम को 38 ई-बसों की सौगात मिली थी। इनमें से 10 बसों का संचालन वर्तमान में किया जा रहा था, लेकिन 28 ई-बसों का पंजीकरण न होने की वजह से करीब नौ माह से साहिबाबाद डिपो में धूल फांक रही थीं। जेवर एयरपोर्ट की शुरुआत होने के बाद नोएडा में संचालन के लिए 28 ई-बसों के पंजीकरण की प्रक्रिया को केवल पांच दिन में पूरा करा दिया गया। व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस (वीएलटीडा) प्रक्रिया को पूरा करते हुए पंजीकरण भी करा दिया और बसें भेज भी दी गईं।
परिवहन निगम अधिकारियों के अनुसार 11 जून की शाम को मुख्यालय से बीएलटीडी की फाइल स्वीकृत हो हुई थी। इसके बाद शासन की ओर से जरूरी प्रक्रिया पूरी कर वाहन पोर्टल पर अपडेट किया गया। इन सबके बाद 15 जून से जेवर एयरपोर्ट से शुरू हो रही व्यावसायिक फ्लाइट के लिए बसों को तैयार किया गया। जिस प्रक्रिया को पूरा करने में निगम को 5 दिन भी पूरे नहीं लगे उसकी वजह से नौ माह तक गाजियाबाद में ई-बसों का संचालन अटका रहा। लोगों का कहना है कि यही तेजी अगर विभाग ने पूर्व में दिखाई होती तो शायद गाजियाबाद से अलग-अलग शहरों की यात्रा करने वालों को भी इसका लाभ मिल पाता।
गाजियाबाद को मिली ई-बसों का पंजीकरण सिर्फ इसलिए अटका था कि परिवहन विभाग ने पंजीकरण नियमावली में बदलाव किया था। नए नियमों में ट्रेकिंग डिवाइस और पैनिक बटन व उनके प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया था। हालांकि अभी इसमें यह भी सवाल उठ रहा है कि बसें अगस्त 2025 में आई थीं, लेकिन नियमों में बदलाव 1 अप्रैल 2026 से हुए थे, तो बदलाव से पहले पंजीकरण क्यों नहीं कराया गया।
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आरएम गाजियाबाद केसरी नंदन चौधरी ने बताया कि वर्तमान समय में नोएडा को ही सबसे अधिक ई बसों की जरूरत थी। बसों का पंजीकरण होने के बाद मुख्यालय से आए आदेश से सभी ई बसों को नोएडा भेज दिया गया है। आगामी एक-दो वर्ष में गाजियाबाद के लिए नई बसें आएंगी और नोएडा भेजी गईं दस बसों को भी स्थिती स्थिर होने के बाद गाजियाबाद वापस लाया जाएगा।
परिवहन निगम अधिकारियों के अनुसार 11 जून की शाम को मुख्यालय से बीएलटीडी की फाइल स्वीकृत हो हुई थी। इसके बाद शासन की ओर से जरूरी प्रक्रिया पूरी कर वाहन पोर्टल पर अपडेट किया गया। इन सबके बाद 15 जून से जेवर एयरपोर्ट से शुरू हो रही व्यावसायिक फ्लाइट के लिए बसों को तैयार किया गया। जिस प्रक्रिया को पूरा करने में निगम को 5 दिन भी पूरे नहीं लगे उसकी वजह से नौ माह तक गाजियाबाद में ई-बसों का संचालन अटका रहा। लोगों का कहना है कि यही तेजी अगर विभाग ने पूर्व में दिखाई होती तो शायद गाजियाबाद से अलग-अलग शहरों की यात्रा करने वालों को भी इसका लाभ मिल पाता।
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गाजियाबाद को मिली ई-बसों का पंजीकरण सिर्फ इसलिए अटका था कि परिवहन विभाग ने पंजीकरण नियमावली में बदलाव किया था। नए नियमों में ट्रेकिंग डिवाइस और पैनिक बटन व उनके प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया था। हालांकि अभी इसमें यह भी सवाल उठ रहा है कि बसें अगस्त 2025 में आई थीं, लेकिन नियमों में बदलाव 1 अप्रैल 2026 से हुए थे, तो बदलाव से पहले पंजीकरण क्यों नहीं कराया गया।
आरएम गाजियाबाद केसरी नंदन चौधरी ने बताया कि वर्तमान समय में नोएडा को ही सबसे अधिक ई बसों की जरूरत थी। बसों का पंजीकरण होने के बाद मुख्यालय से आए आदेश से सभी ई बसों को नोएडा भेज दिया गया है। आगामी एक-दो वर्ष में गाजियाबाद के लिए नई बसें आएंगी और नोएडा भेजी गईं दस बसों को भी स्थिती स्थिर होने के बाद गाजियाबाद वापस लाया जाएगा।