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Ghaziabad News: लगभग 30 हजार घरों तक पहुंचीं टीमें, 157 बच्चे मिले पिछली खुराक से वंचित
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विजयनगर क्षेत्र में सर्वे करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
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गाजियाबाद। शहर भले ही वर्षों पहले पोलियो मुक्त घोषित हो चुका हो, लेकिन सीवेज के एक नमूने ने स्वास्थ्य महकमे की नींद उड़ा दी है। शनिवार के अभियान तक 24,278 घरों में पहुंचकर 11,207 बच्चों का स्वास्थ्य और टीकाकरण रिकॉर्ड खंगाला जा चुका है। सर्वे में अब तक 205 ऐसे बच्चे मिले हैं, जो पिछली विशेष पोलियो मुहिम में टीकाकरण से वंचित रह गए थे, जबकि 241 बच्चों ने पिछले दो राउंड में कम से कम एक बार ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की खुराक नहीं ली थी। इनमें से 157 बच्चे ऐसे हैं जो एक भी खुराक नहीं लिए हैं।
सीएमओ डॉ. सचिन वैश्य के अनुसार पांच जून को राज्य सर्विलांस यूनिट से सूचना मिली थी कि विजयनगर सीवेज पंपिंग स्टेशन के एक सीवेज नमूने में वैक्सीन डिराइव्ड पोलियो वायरस मिला है। इसके बाद शासन और राष्ट्रीय स्तर की सर्विलांस इकाइयों के साथ बैठकें कर स्थिति की समीक्षा की गई। छह और सात जून को प्रभावित इलाकों का माइक्रोप्लान तैयार किया गया, जबकि आठ जून को स्वास्थ्य कर्मियों और मेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देकर सर्वे शुरू कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने राजनगर, शास्त्रीनगर, बीएलएस इंडस्ट्रियल एरिया, दौलतपुरा, पंचवटी कॉलोनी, गुखना, हिंडन विहार, कैला भट्ठा, मिर्जापुर, विजयनगर-एक, विजयनगर-दो और खैराती नगर समेत 12 चिकित्सा इकाइयों के अंतर्गत 107 टीमों को तैनात किया है। इन टीमों को करीब 1.51 लाख आबादी और 30,384 घरों के सर्वे का लक्ष्य दिया गया है।
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अभियान के तहत नौ जून को 7,119 घरों में सर्वे कर 3,203 बच्चों की जांच की गई। इस दौरान 44 बच्चे पिछली पोलियो मुहिम में टीकाकरण से वंचित मिले, जबकि 90 बच्चों ने पिछले दो राउंड में कम से कम एक खुराक छोड़ी थी। 10 जून को 7,417 घरों में सर्वे हुआ, जहां 3,379 बच्चों की जांच में 113 बच्चे पिछली मुहिम से छूटे मिले और 124 बच्चों ने कम से कम एक खुराक नहीं ली थी। 11 जून को 5,421 घरों में पहुंचकर 2,592 बच्चों का सत्यापन किया गया, जिसमें 48 बच्चे पिछली विशेष मुहिम में टीकाकरण से वंचित पाए गए। वहीं, 12 जून को 4,321 घरों में 2,033 बच्चों का सर्वे किया गया, जहां 42 बच्चे पिछली पोलियो खुराक से छूटे मिले। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 247 ऐसे बच्चे सामने आए हैं, जो पिछली पोलियो मुहिम में टीकाकरण से वंचित थे, जबकि 157 बच्चों ने पिछले दो राउंड में एक भी ओपीवी खुराक नहीं ली।
शनिवार को अभियान के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने सभी 12 चिकित्सा इकाइयों के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से छूटने न पाए। सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि फिलहाल यह एहतियाती कदम है, लेकिन अभिभावकों को बच्चों के टीकाकरण को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
सीएमओ डॉ. सचिन वैश्य के अनुसार पांच जून को राज्य सर्विलांस यूनिट से सूचना मिली थी कि विजयनगर सीवेज पंपिंग स्टेशन के एक सीवेज नमूने में वैक्सीन डिराइव्ड पोलियो वायरस मिला है। इसके बाद शासन और राष्ट्रीय स्तर की सर्विलांस इकाइयों के साथ बैठकें कर स्थिति की समीक्षा की गई। छह और सात जून को प्रभावित इलाकों का माइक्रोप्लान तैयार किया गया, जबकि आठ जून को स्वास्थ्य कर्मियों और मेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देकर सर्वे शुरू कराया गया।
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स्वास्थ्य विभाग ने राजनगर, शास्त्रीनगर, बीएलएस इंडस्ट्रियल एरिया, दौलतपुरा, पंचवटी कॉलोनी, गुखना, हिंडन विहार, कैला भट्ठा, मिर्जापुर, विजयनगर-एक, विजयनगर-दो और खैराती नगर समेत 12 चिकित्सा इकाइयों के अंतर्गत 107 टीमों को तैनात किया है। इन टीमों को करीब 1.51 लाख आबादी और 30,384 घरों के सर्वे का लक्ष्य दिया गया है।
अभियान के तहत नौ जून को 7,119 घरों में सर्वे कर 3,203 बच्चों की जांच की गई। इस दौरान 44 बच्चे पिछली पोलियो मुहिम में टीकाकरण से वंचित मिले, जबकि 90 बच्चों ने पिछले दो राउंड में कम से कम एक खुराक छोड़ी थी। 10 जून को 7,417 घरों में सर्वे हुआ, जहां 3,379 बच्चों की जांच में 113 बच्चे पिछली मुहिम से छूटे मिले और 124 बच्चों ने कम से कम एक खुराक नहीं ली थी। 11 जून को 5,421 घरों में पहुंचकर 2,592 बच्चों का सत्यापन किया गया, जिसमें 48 बच्चे पिछली विशेष मुहिम में टीकाकरण से वंचित पाए गए। वहीं, 12 जून को 4,321 घरों में 2,033 बच्चों का सर्वे किया गया, जहां 42 बच्चे पिछली पोलियो खुराक से छूटे मिले। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 247 ऐसे बच्चे सामने आए हैं, जो पिछली पोलियो मुहिम में टीकाकरण से वंचित थे, जबकि 157 बच्चों ने पिछले दो राउंड में एक भी ओपीवी खुराक नहीं ली।
शनिवार को अभियान के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने सभी 12 चिकित्सा इकाइयों के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से छूटने न पाए। सर्विलांस अधिकारी का कहना है कि फिलहाल यह एहतियाती कदम है, लेकिन अभिभावकों को बच्चों के टीकाकरण को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।