सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   The smoke was wreaking havoc, the hope for life was fading every moment

Ghaziabad News: कहर बरपा रहा था धुआं, पल-पल धुंधली हो रही थी जिंदगी की उम्मीद

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 02:15 AM IST
विज्ञापन
The smoke was wreaking havoc, the hope for life was fading every moment
विज्ञापन
खोड़ा। इमारत में रहने वाले लोग रात में गेट बंद करके होली की तैयारियों के बाद सोने अपने-अपने कमरों में जा रहे थे। कुछ देर बाद अचानक शोर मचा तो गेट खोलकर बाहर जाने का प्रयास किया। लेकिन दरवाजे से बाहर इतना धुआं था कि बाहर गेट खोलते ही तुरंत लोगों को अपने आगोश में लेकर बेहोश कर रहा था। इस तरह एक के बाद एक कई परिवार बेहोश हो गए तो कुछ फ्लैटों में विंडो से धुआं अपना कहर बरपा रहा था। प्रभावित लोगों को खांसते-खांसते कुछ बन नहीं पा रहा था। धुएं से लगातार हाथ-पैर असहाय होते चले गए और बेसुध होकर जो जहां था पड़ा रह गया।
Trending Videos

सॉफ्टवेयर इंजीनियर नीरज ने बताया कि वह पहली मंजिल पर फ्लैट संख्या एक में पत्नी खुशी और चार वर्षीय बेटी शानवी और आठ माह की इशिता के साथ रहते है। आग लगते ही फ्लैट में धुआं भरने से सभी की हालत खराब हो गई। वह समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करना है। उन्होंने सबसे पहले अपने बच्चों को बचाने के लिए इमारत के सामने की ओर से चादर में बांधकर नीचे मौजूद लोगों को पकड़ाया। इसी तरह पत्नी को भी चादर के सहारे नीचे उतारा। इसके बाद वह फ्लैट से अलमारी में रखा कैश लेकर नीचे कूद गए। पुष्पा ने बताया कि वह इमारत में पांचवीं मंजिल पर अपनी मां और भाई के साथ रहती है। जबकि दूसरी मंजिल पर उनके बड़े भाई गौतम अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। वह रस्सी के सहारे नीचे उतरे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जबकि उनका छोटा भाई कन्हैया तीसरी मंजिल पर परिवार समेत रहता है। वह भी बचने के लिए पत्नी और बच्चों समेत बाथरूम में छिप गए थे। वह भी अपनी मां और भाई के साथ खुद भी बाथरूम में छिप गई थीं। उन्होंने आस छोड़ दी थी कि वह सब लोग जिंदा बच सकेंगे।
प्रमिला ने बताया कि वह दूसरी मंजिल पर पति और तीन बच्चों के साथ रहती है। शोर सुनकर उन्होंने दरवाजा खोला तो बाहर से धुआं और तपिश आ रही थी। इसके कारण उन्हें फ्लैट का दरवाजा बंद करना पड़ा। उनके फ्लैट के दरवाजे पर अफरोज की बिल्ली बैठी थी, जिसे उन्होंने किसी तरह से अंदर लिया।
44 फ्लैटों की इमारत में कोचिंग सेंटर भी चलता है। हालांकि उसका रास्ता अलग से भी है। एक फ्लैट को बिल्डर ने अपने पास रखा है और उसे किराये पर दे रखा है। भूतल पर पीछे की ओर पार्किंग और सामने की तरफ चार दुकानें हैं। दुकानों के बराबर में से ही इमारत में जाने के लिए सीढि़यां बनी हैं। सीढि़यां जहां से शुरू होती हैं, वहां पर पार्किंग है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed