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Ghaziabad News: यूपी पुलिस की तैयारी कर रहे दो युवकों की सड़क हादसे में मौत
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खोड़ा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर रविवार रात को तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक यूपी पुलिस की तैयारी कर रहे थे। घटना के दौरान वह अपने बीमार दोस्त को देखने के लिए दिल्ली के निजी अस्पताल जा रहे थे। इनमें बुलंदशहर के बीबी नगर स्थित भैंसाखुर निवासी आकाश (22) और गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक विजयनगर निवासी सुमित (23) के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिए है। लोगों ने इस घटना के बाद सवाल उठाया है कि बाइक सवारों का एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंध है, लेकिन वह ऊपर कैसे पहुंचे। यह सीधे-सीधे टोल बूथ के कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार रात डायल 112 पर हादसे की सूचना मिली थी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायल आकाश और सुमित को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों ने सुमित को मृत घोषित कर दिया। जबकि आकाश की इलाज के दौरान मौत हुई। शिनाख्त होने पर परिजन को सूचना दी बुलंदशहर के बीबी नगर निवासी सौरभ ने बताया कि वह विजय नगर में रहता है और उनके साथ रहकर यूपी पुलिस की तैयारी कर रहा था। लाइब्रेरी में पढ़ने के दौरान ही आकाश की मुलाकात सुमित से हुई थी। इसके बाद प्रिंस और सचिन से भी दोस्ती हो गई थी।
एसीपी ने बताया कि प्रिंस और सचिन भी अलग बाइक से दिल्ली के लिए उनके साथ जा रहे थे। दोनों ने बताया कि उनका एक दोस्त बीमार है और दिल्ली अस्पताल में भर्ती है। उसी का हालचाल लेने के लिए रविवार को चारों दो बाइकों से दिल्ली जा रहे थे। इसके बाद उनका अक्षरधाम मंदिर जाने का कार्यक्रम था। वह चारों डीएमई से जा रहे थे और खोड़ा क्षेत्र पहुंचे तो तेज रफ्तार ट्रक ने आकाश व सुमित की बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों दूर तक बाइक समेत घिसटते चले गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की मदद से प्रिंस और सचिन ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद से दोनों के घर पर कोहराम मचा हुआ है।
हादसे का खतरा खुद मोल ले रहे लोग
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर दो पहिया वाहनों प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन सवाल यह उठता है कि बाइक से चारों दोस्त डीएमई पर चढ़े कैसे और कई किमी दूर जाने के बावजूद पुलिस और हाईवेकर्मियों को जानकारी तक नहीं हुई। इसी तरह पहले भी कई लोग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने के दौरान काल के गाल में समा चुके है। मगर डीएमई के अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से कोई सख्ती नहीं की जाती है। इस घटना से साफ पता चलता है कि डीएमई पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी कितनी गंभीरता से कर्त्तव्यों का निर्वाहन कर रहे है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
22 नवंबर 2025 की रात डीएमई पर ही एक वैन की टक्कर से बाइक सवार गौतमबुद्ध नगर के चिपियाना निवासी अमन चौधरी की मौत हो गई थी। एक नवंबर 2025 को भी डीएमई पर हुए हादसे में नंदग्राम निवासी विकास की मौत हुई थी। रात के समय ट्रैफिक कर्मी भी राहत में हो जाते हैं। 22 फरवरी 2026 की रात जब आकाश, सुमित, प्रिंस और सचिन अपनी बाइकों से डीएमई पर पहुंचे तब कोई ट्रैफिक कर्मी उन्हें नहीं देख पाया। यहां तक कि जिस जगह हादसा हुआ वहां तक भी किसी ने उन्हें नहीं रोका। पुलिस की सख्ती केवल दिन में ही दिखाई दे रही है।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिस वाहन की टक्कर से हादसा हुआ है, उसकी तलाश सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से की जा रही है। उसके बाद ही आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया जाएगा।
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एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार रात डायल 112 पर हादसे की सूचना मिली थी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायल आकाश और सुमित को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों ने सुमित को मृत घोषित कर दिया। जबकि आकाश की इलाज के दौरान मौत हुई। शिनाख्त होने पर परिजन को सूचना दी बुलंदशहर के बीबी नगर निवासी सौरभ ने बताया कि वह विजय नगर में रहता है और उनके साथ रहकर यूपी पुलिस की तैयारी कर रहा था। लाइब्रेरी में पढ़ने के दौरान ही आकाश की मुलाकात सुमित से हुई थी। इसके बाद प्रिंस और सचिन से भी दोस्ती हो गई थी।
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एसीपी ने बताया कि प्रिंस और सचिन भी अलग बाइक से दिल्ली के लिए उनके साथ जा रहे थे। दोनों ने बताया कि उनका एक दोस्त बीमार है और दिल्ली अस्पताल में भर्ती है। उसी का हालचाल लेने के लिए रविवार को चारों दो बाइकों से दिल्ली जा रहे थे। इसके बाद उनका अक्षरधाम मंदिर जाने का कार्यक्रम था। वह चारों डीएमई से जा रहे थे और खोड़ा क्षेत्र पहुंचे तो तेज रफ्तार ट्रक ने आकाश व सुमित की बाइक में टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों दूर तक बाइक समेत घिसटते चले गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की मदद से प्रिंस और सचिन ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद से दोनों के घर पर कोहराम मचा हुआ है।
हादसे का खतरा खुद मोल ले रहे लोग
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर दो पहिया वाहनों प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन सवाल यह उठता है कि बाइक से चारों दोस्त डीएमई पर चढ़े कैसे और कई किमी दूर जाने के बावजूद पुलिस और हाईवेकर्मियों को जानकारी तक नहीं हुई। इसी तरह पहले भी कई लोग दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने के दौरान काल के गाल में समा चुके है। मगर डीएमई के अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से कोई सख्ती नहीं की जाती है। इस घटना से साफ पता चलता है कि डीएमई पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी कितनी गंभीरता से कर्त्तव्यों का निर्वाहन कर रहे है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
22 नवंबर 2025 की रात डीएमई पर ही एक वैन की टक्कर से बाइक सवार गौतमबुद्ध नगर के चिपियाना निवासी अमन चौधरी की मौत हो गई थी। एक नवंबर 2025 को भी डीएमई पर हुए हादसे में नंदग्राम निवासी विकास की मौत हुई थी। रात के समय ट्रैफिक कर्मी भी राहत में हो जाते हैं। 22 फरवरी 2026 की रात जब आकाश, सुमित, प्रिंस और सचिन अपनी बाइकों से डीएमई पर पहुंचे तब कोई ट्रैफिक कर्मी उन्हें नहीं देख पाया। यहां तक कि जिस जगह हादसा हुआ वहां तक भी किसी ने उन्हें नहीं रोका। पुलिस की सख्ती केवल दिन में ही दिखाई दे रही है।
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिस वाहन की टक्कर से हादसा हुआ है, उसकी तलाश सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से की जा रही है। उसके बाद ही आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया जाएगा।