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Gurugram News: स्कूलों में पोषण सामग्री को खराब होने से बचाना बना चुनौती
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स्कूलों में कोल्ड स्टोरेज और फ्रिज जैसी सुविधाएं न होने से समस्या
शिक्षकों को बरतनी पड़ रही सतर्कता, मेन्यू बदलने और कोल्ड स्टोरेज की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। भीषण गर्मी के कारण जिले के सरकारी स्कूलों के सामने बच्चों की पोषण सामग्री को खराब होने से बचाना एक चुनौती बन गया है। इस कारण शिक्षक बच्चों को देने से पहले सतर्कता बरत रहे हैं। पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत बच्चों को दी जाने वाली पिन्नी, प्रोटीन मिल्क बार, इंस्टेंट खीर, फ्लेवर्ड दूध और स्कूल के मिड-डे मील में आने वाला खाना र्मी में खराब हो रहा है। कई स्कूलों में ठंडे स्टोरेज और फ्रिज जैसी सुविधाएं नहीं होने के कारण यह समस्या आ रही है।
जिले के कई स्कूलों में पिन्नी को खराब होने से बचाने के लिए डिब्बों में बंद करके रखा जा रहा है। इसके बावजूद खराब होने का खतरा बना रहता है। शिक्षकों और स्कूल प्रधानाचार्यों ने सरकार से मांग की है कि स्कूलों में बेहतर स्टोरेज और फ्रिज की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा गर्मी के मौसम में पिन्नी की जगह मौसमी फलों को शामिल करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि बच्चों को ताजा और सुरक्षित पोषण मिल सके।
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प्रोटीन मिल्क बार और फ्लेवर्ड दूध जैसी चीजों को गर्मी में ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। इसके लिए स्कूलों में बेहतर स्टोरेज या फ्रिज की व्यवस्था होनी चाहिए। - अशोक, मुख्य अध्यापक, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-4/7
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गर्मी के कारण बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सामग्री पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। कई बार खाने को जल्दी वितरित करना पड़ रहा है, ताकि उसके खराब होने का खतरा कम रहे। - मुरिंद्र, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, समसपुर
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गर्मी को देखते हुए बच्चों को पोषण आहार देने में सतर्कता बरती जा रही है। स्कूल प्रबंधन का प्रयास रहता है कि बच्चों को मिड-डे मील में आने वाला खाना गर्म उपलब्ध कराया जाए। खाना मिलने पर तुरंत छात्रों को दिया जाता है। - अशोक कुमार, जिला प्रधान राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। भीषण गर्मी के कारण जिले के सरकारी स्कूलों के सामने बच्चों की पोषण सामग्री को खराब होने से बचाना एक चुनौती बन गया है। इस कारण शिक्षक बच्चों को देने से पहले सतर्कता बरत रहे हैं। पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत बच्चों को दी जाने वाली पिन्नी, प्रोटीन मिल्क बार, इंस्टेंट खीर, फ्लेवर्ड दूध और स्कूल के मिड-डे मील में आने वाला खाना र्मी में खराब हो रहा है। कई स्कूलों में ठंडे स्टोरेज और फ्रिज जैसी सुविधाएं नहीं होने के कारण यह समस्या आ रही है।
जिले के कई स्कूलों में पिन्नी को खराब होने से बचाने के लिए डिब्बों में बंद करके रखा जा रहा है। इसके बावजूद खराब होने का खतरा बना रहता है। शिक्षकों और स्कूल प्रधानाचार्यों ने सरकार से मांग की है कि स्कूलों में बेहतर स्टोरेज और फ्रिज की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा गर्मी के मौसम में पिन्नी की जगह मौसमी फलों को शामिल करने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि बच्चों को ताजा और सुरक्षित पोषण मिल सके।
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प्रोटीन मिल्क बार और फ्लेवर्ड दूध जैसी चीजों को गर्मी में ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। इसके लिए स्कूलों में बेहतर स्टोरेज या फ्रिज की व्यवस्था होनी चाहिए। - अशोक, मुख्य अध्यापक, पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-4/7
गर्मी के कारण बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सामग्री पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। कई बार खाने को जल्दी वितरित करना पड़ रहा है, ताकि उसके खराब होने का खतरा कम रहे। - मुरिंद्र, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, समसपुर
गर्मी को देखते हुए बच्चों को पोषण आहार देने में सतर्कता बरती जा रही है। स्कूल प्रबंधन का प्रयास रहता है कि बच्चों को मिड-डे मील में आने वाला खाना गर्म उपलब्ध कराया जाए। खाना मिलने पर तुरंत छात्रों को दिया जाता है। - अशोक कुमार, जिला प्रधान राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ