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Gurugram News: पंजाब के मंत्री के स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी जेल प्रबंधन को सौंपी
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मंत्री संजीव अरोड़ा को है डायबिटीज ग्रेड-दो, जमानत याचिका पर शुक्रवार को होगी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार हुए पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी विशेष अदालत ने जेल प्रबंधन को दी है। जेल प्रबंधन को समय-समय पर मंत्री का ग्लूकोज टेस्ट करना होगा। प्रबंधन को इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था भी करनी होगी। यह आदेश सोमवार को पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने मंत्री संजीव अरोड़ा को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए दिए हैं। वहीं, मंत्री की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
बचाव पक्ष की तरफ से अदालत को बताया कि मंत्री संजीव अरोड़ा को डायबिटीज ग्रेड-दो है। ऐसे में उन्हें ग्लूकोज का स्तर जांच करने के लिए मशीन अपने पास रखने की अनुमति दी जाए। इसके संबंध में चिकित्सक का पर्चा भी पेश किया गया। अदालत ने भोंडसी के जिला जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि मंत्री को हिरासत में लेते समय चिकित्सक के पर्चे में बताई गई दवा को साथ ले जाने की अनुमति दें। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो यह सुनिश्चित किया जाए कि ये सभी दवाएं जेल अधिकारियों द्वारा नियमों के अनुसार उन्हें तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
यदि नियमों के तहत इसकी अनुमति हो अगर अनुमति नहीं है तो जेल में उसके ग्लूकोज स्तर की नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। ईडी ने नौ मई की रात को मंत्री संजीव अरोड़ा को शेल कंपनी बनाने, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और एक्सपोर्ट पर जीएसटी रिफंड कराकर सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने अपनी फर्मों के जरिये मोबाइल खरीद की करीब 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए।
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गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार हुए पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी विशेष अदालत ने जेल प्रबंधन को दी है। जेल प्रबंधन को समय-समय पर मंत्री का ग्लूकोज टेस्ट करना होगा। प्रबंधन को इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था भी करनी होगी। यह आदेश सोमवार को पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश व जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत ने मंत्री संजीव अरोड़ा को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए दिए हैं। वहीं, मंत्री की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
बचाव पक्ष की तरफ से अदालत को बताया कि मंत्री संजीव अरोड़ा को डायबिटीज ग्रेड-दो है। ऐसे में उन्हें ग्लूकोज का स्तर जांच करने के लिए मशीन अपने पास रखने की अनुमति दी जाए। इसके संबंध में चिकित्सक का पर्चा भी पेश किया गया। अदालत ने भोंडसी के जिला जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि मंत्री को हिरासत में लेते समय चिकित्सक के पर्चे में बताई गई दवा को साथ ले जाने की अनुमति दें। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो यह सुनिश्चित किया जाए कि ये सभी दवाएं जेल अधिकारियों द्वारा नियमों के अनुसार उन्हें तुरंत उपलब्ध कराई जाए।
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यदि नियमों के तहत इसकी अनुमति हो अगर अनुमति नहीं है तो जेल में उसके ग्लूकोज स्तर की नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। ईडी ने नौ मई की रात को मंत्री संजीव अरोड़ा को शेल कंपनी बनाने, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और एक्सपोर्ट पर जीएसटी रिफंड कराकर सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने अपनी फर्मों के जरिये मोबाइल खरीद की करीब 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए।