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Gurugram News: मानसून से पहले जलभराव मुक्त गुरुग्राम की तैयारी, निगमायुक्त ने दिए निर्देश
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सीवर व जलभराव समस्याओं पर तेजी से कार्य जारी, 40 में से 12 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस
नंबर गेम - 22 एसएमसी बिंदुओं का जमीनी निरीक्षण करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर की सीवर व्यवस्था और मानसून की तैयारियों को लेकर सीवरेज मैनेजमेंट सेल (एसएमसी) और मानसून मैनेजमेंट सेल (एमएमसी) की समीक्षा बैठक की। बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहर के 40 चिन्हित क्रिटिकल पॉइंट्स में से 12 अत्यंत महत्वपूर्ण स्थानों पर चल रहे कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए। विशेषकर सेक्टर-10, बसई, नाहरपुर रूपा, इंदिरा कॉलोनी और तिगरा जैसे क्षेत्रों में ड्रेनेज और डीसिल्टिंग का काम समय सीमा से पीछे पाया गया, जिसे तुरंत युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
फील्ड रिपोर्ट और सीसीटीवी जांच पर जोर
निगमायुक्त ने सभी संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे पूर्ण हो चुके 22 एसएमसी बिंदुओं का जमीनी निरीक्षण करें और फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। इसके अलावा, सीवर लाइनों की सीसीटीवी जांच और सुपर सकर मशीनों के उपयोग को अनिवार्य बनाने को कहा गया ताकि सीवरेज जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
विभागीय तालमेल से होगा समाधान
आयुक्त ने एनएचएआई (एनएचएआई) और जीएमडीए (जीएमडीए) के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उमंग भारद्वाज चौक से हीरो होंडा चौक के बीच ड्रेनेज समस्याओं के लिए एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को बैठक में तलब किया गया है। वहीं, जीएमडीए को एमसीजी कनेक्शन वाले नालों और कल्वर्ट्स की तत्काल सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि मानसून के दौरान जनता को परेशानी न हो।
सुरक्षा उपायों पर भी फोकस
निगमायुक्त ने जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली के खतरों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से पूछा कि क्या इलेक्ट्रिक बॉक्स को खंभों पर 8-10 फीट ऊंचाई पर शिफ्ट किया जा सकता है। जिन स्थानों पर जलभराव की संभावना अधिक रहती है।
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नंबर गेम - 22 एसएमसी बिंदुओं का जमीनी निरीक्षण करने के निर्देश
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गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर की सीवर व्यवस्था और मानसून की तैयारियों को लेकर सीवरेज मैनेजमेंट सेल (एसएमसी) और मानसून मैनेजमेंट सेल (एमएमसी) की समीक्षा बैठक की। बैठक में निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहर के 40 चिन्हित क्रिटिकल पॉइंट्स में से 12 अत्यंत महत्वपूर्ण स्थानों पर चल रहे कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए। विशेषकर सेक्टर-10, बसई, नाहरपुर रूपा, इंदिरा कॉलोनी और तिगरा जैसे क्षेत्रों में ड्रेनेज और डीसिल्टिंग का काम समय सीमा से पीछे पाया गया, जिसे तुरंत युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
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फील्ड रिपोर्ट और सीसीटीवी जांच पर जोर
निगमायुक्त ने सभी संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे पूर्ण हो चुके 22 एसएमसी बिंदुओं का जमीनी निरीक्षण करें और फोटो सहित विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। इसके अलावा, सीवर लाइनों की सीसीटीवी जांच और सुपर सकर मशीनों के उपयोग को अनिवार्य बनाने को कहा गया ताकि सीवरेज जाम की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
विभागीय तालमेल से होगा समाधान
आयुक्त ने एनएचएआई (एनएचएआई) और जीएमडीए (जीएमडीए) के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उमंग भारद्वाज चौक से हीरो होंडा चौक के बीच ड्रेनेज समस्याओं के लिए एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को बैठक में तलब किया गया है। वहीं, जीएमडीए को एमसीजी कनेक्शन वाले नालों और कल्वर्ट्स की तत्काल सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि मानसून के दौरान जनता को परेशानी न हो।
सुरक्षा उपायों पर भी फोकस
निगमायुक्त ने जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली के खतरों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से पूछा कि क्या इलेक्ट्रिक बॉक्स को खंभों पर 8-10 फीट ऊंचाई पर शिफ्ट किया जा सकता है। जिन स्थानों पर जलभराव की संभावना अधिक रहती है।