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औद्योगिक शांति के लिए नियमित संवाद जरूरी : उद्योग संगठन
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पीएफटीआई समेत कई संगठनों ने श्रम विभाग के साथ बैठक में रखे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) समेत अन्य औद्योगिक संगठनों ने मानेसर में हुए बवाल को गंभीरता से लिया है। संगठनों का कहना है कि औद्योगिक शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए श्रम विभाग को उद्योगों और श्रमिकों के साथ नियमित संवाद और बैठक करनी चाहिए, ताकि सभी पक्षों के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ सके।
पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी ने बताया कि मानेसर की घटना को लेकर विभिन्न औद्योगिक संगठन चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। पीएफटीआई श्रमिकों और कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर श्रम विभाग की अतिरिक्त श्रमायुक्त डॉ. अनुराधा लांबा की अध्यक्षता में मानेसर में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें न्यूनतम वेतन वृद्धि के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में घोषित न्यूनतम वेतन के अनुपालन पर जोर दिया। दीपक मैनी ने सुझाव दिया कि वेतन वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि उद्योगों पर अचानक वित्तीय बोझ न पड़े और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संतुलित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, जिससे श्रमिकों और उद्योगों के बीच सामंजस्य बना रहे और प्रदेश में औद्योगिक विकास प्रभावित न हो।
हालांकि अतिरिक्त श्रमायुक्त डॉ. अनुराधा लांबा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन वृद्धि की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी उद्योग प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अधिसूचना का पालन सुनिश्चित करें और औद्योगिक शांति बनाए रखें। बैठक में गुरुग्राम और रेवाड़ी क्षेत्र के करीब 10 प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी व वाइस चेयरमैन डॉ. एसपी अग्रवाल, लेबर लॉ एडवाइजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट आरएल शर्मा, मानेसर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के राजेश गुप्ता, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव एसके आहूजा, कादीपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के श्रीपाल शर्मा, रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स के कृष्ण यादव, आईडीए सेक्टर-37 के सीबी सिंह, सोहना-मेवात इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आरपी खटाना और चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अश्वनी शर्मा शामिल रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (पीएफटीआई) समेत अन्य औद्योगिक संगठनों ने मानेसर में हुए बवाल को गंभीरता से लिया है। संगठनों का कहना है कि औद्योगिक शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए श्रम विभाग को उद्योगों और श्रमिकों के साथ नियमित संवाद और बैठक करनी चाहिए, ताकि सभी पक्षों के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ सके।
पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी ने बताया कि मानेसर की घटना को लेकर विभिन्न औद्योगिक संगठन चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। पीएफटीआई श्रमिकों और कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर श्रम विभाग की अतिरिक्त श्रमायुक्त डॉ. अनुराधा लांबा की अध्यक्षता में मानेसर में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें न्यूनतम वेतन वृद्धि के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा हाल ही में घोषित न्यूनतम वेतन के अनुपालन पर जोर दिया। दीपक मैनी ने सुझाव दिया कि वेतन वृद्धि को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि उद्योगों पर अचानक वित्तीय बोझ न पड़े और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संतुलित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, जिससे श्रमिकों और उद्योगों के बीच सामंजस्य बना रहे और प्रदेश में औद्योगिक विकास प्रभावित न हो।
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हालांकि अतिरिक्त श्रमायुक्त डॉ. अनुराधा लांबा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन वृद्धि की अधिसूचना जारी की जा चुकी है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी उद्योग प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अधिसूचना का पालन सुनिश्चित करें और औद्योगिक शांति बनाए रखें। बैठक में गुरुग्राम और रेवाड़ी क्षेत्र के करीब 10 प्रमुख औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी व वाइस चेयरमैन डॉ. एसपी अग्रवाल, लेबर लॉ एडवाइजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट आरएल शर्मा, मानेसर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के राजेश गुप्ता, चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव एसके आहूजा, कादीपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के श्रीपाल शर्मा, रेवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स के कृष्ण यादव, आईडीए सेक्टर-37 के सीबी सिंह, सोहना-मेवात इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आरपी खटाना और चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अश्वनी शर्मा शामिल रहे।