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Gurugram News: ट्रैफिक सर्वे से भविष्य में मेट्रो से जोड़े जाने वाले क्षेत्रों की होगी पहचान
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-एचएमआरटीसी ने एजेंसी रखने के लिए जारी किया टेंडर, गुरुग्राम-मानेसर क्षेत्र में प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क में छूटे रूट की होगी पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) गुरुग्राम-मानेसर कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी मैनेजमेंट प्लान (सीएमएमपी) में मेट्रो नेटवर्क में छूटे रूट की पहचान हेतु व्यवहार्यता अध्ययन कराने जा रहा है। सलाहकार रखने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। एचएमआरटीसी ने जिले में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर के उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण (ट्रैफिक सर्वे) कराया जाएगा, जिन्हें भविष्य में मेट्रो से जोड़ा जा सकता है। यह सर्वेक्षण मौजूदा परिवहन पैटर्न, जनसंख्या घनत्व और भविष्य की शहरीकरण योजनाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा ताकि सबसे व्यवहार्य और आवश्यक मेट्रो विस्तार मार्गों की पहचान की जा सके। प्री-फीजिबिलिटी स्टडी के माध्यम से गुरुग्राम-मानेसर क्षेत्र में प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क में छूटे हुए या आवश्यक कनेक्टिविटी वाले रूट की पहचान की जाएगी, ताकि भविष्य में मेट्रो नेटवर्क को और बेहतर ढंग से विकसित किया जा सके। इसके लिए टेंडर जारी किया गया है और दस अप्रैल को टेंडर खोला जाएगा। हालांकि, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीएमएमपी के तहत पहले से ही 176.99 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क की योजना बना चुका है। अभी ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो लाइन पर काम चल रहा है। एचएमआरटीसी भोंडसी गांव से रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की योजना है और डीपीआर बन रहा है। इसके अलावा रेजांगला चौक से सेक्टर-21 द्वारका तक, सेक्टर 55-वाटिका चौक से पचगांव तक मेट्रो रूट समेत अन्य शामिल हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) गुरुग्राम-मानेसर कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी मैनेजमेंट प्लान (सीएमएमपी) में मेट्रो नेटवर्क में छूटे रूट की पहचान हेतु व्यवहार्यता अध्ययन कराने जा रहा है। सलाहकार रखने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। एचएमआरटीसी ने जिले में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहर के उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण (ट्रैफिक सर्वे) कराया जाएगा, जिन्हें भविष्य में मेट्रो से जोड़ा जा सकता है। यह सर्वेक्षण मौजूदा परिवहन पैटर्न, जनसंख्या घनत्व और भविष्य की शहरीकरण योजनाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा ताकि सबसे व्यवहार्य और आवश्यक मेट्रो विस्तार मार्गों की पहचान की जा सके। प्री-फीजिबिलिटी स्टडी के माध्यम से गुरुग्राम-मानेसर क्षेत्र में प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क में छूटे हुए या आवश्यक कनेक्टिविटी वाले रूट की पहचान की जाएगी, ताकि भविष्य में मेट्रो नेटवर्क को और बेहतर ढंग से विकसित किया जा सके। इसके लिए टेंडर जारी किया गया है और दस अप्रैल को टेंडर खोला जाएगा। हालांकि, गुरुग्राम महानगरीय विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीएमएमपी के तहत पहले से ही 176.99 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क की योजना बना चुका है। अभी ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो लाइन पर काम चल रहा है। एचएमआरटीसी भोंडसी गांव से रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की योजना है और डीपीआर बन रहा है। इसके अलावा रेजांगला चौक से सेक्टर-21 द्वारका तक, सेक्टर 55-वाटिका चौक से पचगांव तक मेट्रो रूट समेत अन्य शामिल हैं।