{"_id":"6a6d12d4fa5096a07c0cede1","slug":"youths-held-hostage-by-posing-as-fake-policemen-demanded-ransom-of-25-lakhs-four-arrested-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-96357-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवकों को बनाया बंधक, 25 लाख की मांगी फिरौती, चार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवकों को बनाया बंधक, 25 लाख की मांगी फिरौती, चार गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला समेत चार मौके से गिरफ्तार, तीन अन्य आरोपी भागने में सफल रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। फर्जी दिल्ली पुलिसकर्मी बनकर युवकों को बंधक बनाकर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। एक युवक की सूझबूझ से यह साजिश विफल हो गई। इस घटना में एक महिला सहित चार आरोपी मौके से गिरफ्तार किए गए। हालांकि, तीन अन्य आरोपी भागने में सफल रहे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतक के शिवाजी कॉलोनी निवासी सतविंदर सिंह, टीनू, बहु अकबरपुर निवासी नवीन और वार्ड-18 के आर्या नगर निवासी स्नेहा के रूप में हुई है। पीड़ित नितिन पाल सिंह कालकाजी, दिल्ली निवासी की शिकायत पर खेड़की दौला थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अन्य तीन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
के रहने वाले हैं। वह बीते डेढ़ महीने से गुरुग्राम के सेक्टर-86 स्थित अंसल हाइट्स सोसायटी के फ्लैट नंबर-1102 में रह रहे थे। बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपने दोस्तों अंकित, सागर और मोहित के साथ फ्लैट में पार्टी कर रहे थे। तभी दरवाजे पर एक महिला आई और खुद को पड़ोसी बताया। दरवाजा खुलते ही महिला के साथ छह युवक फ्लैट में घुस गए। युवकों ने खुद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम का सदस्य बताया और उन्होंने अपने पहचान पत्र भी दिखाए। घुसने वाले युवकों ने पीड़ित से कहा कि फ्लैट में गलत काम चल रहा है। इसके चलते छापा मारा गया है। आरोप है कि फर्जी पुलिसकर्मियों ने युवकों के साथ मारपीट भी की। इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया गया। कार्रवाई न करने की एवज में 25 लाख रुपये की मांग की गई। युवकों के पास इतने रुपये नहीं थे, जिससे वे काफी डर गए थे। उन्होंने अपने दोस्त से रुपये मंगवाने की बात कही।
युवक की सूझबूझ से पकड़े गए आरोपी
शिकायतकर्ता के दोस्त सागर को उसके दोस्त जागृत लूथरा के पास रुपये लेने भेजा गया। फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आए युवकों में से एक सागर के साथ उसकी गाड़ी में गया। रास्ते में आरोपी ने धमकी दी कि होशियारी करने पर फ्लैट में मौजूद दोस्तों को जान से मार दिया जाएगा। सागर ने अपने दोस्त जागृत को अपनी जगह भेजी और पुलिसकर्मी पर शक जताया। इस पर जागृत अपने दो-तीन दोस्तों के साथ मौके पर पहुंचा। जागृत ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने अपना नाम ऋषि बताया। इसी दौरान ऋषि घबरा गया और गाड़ी से उतरकर भागने लगा। युवकों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भागने में कामयाब हो गया। सागर के पीछे चल रहे दूसरी गाड़ी के चालक भी मौके से भाग गए। इसके बाद सभी युवक फ्लैट पर पहुंचे और अपने दोस्तों को बंधक से छुड़ाया। चारों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
ऋषि को नितिन पाल सिंह के संपन्न परिवार से होने और फ्लैट में आयोजन करने की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। पुलिस को आरोपियों के पास से दिल्ली पुलिस के तीन पहचान पत्र मिले, जो भागे हुए आरोपी ऋषि ने उपलब्ध कराए थे। आरोपी महिला स्नेहा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि अन्य तीन आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन की रिमांड पर लिया गया। - संदीप, पुलिस प्रवक्ता
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। फर्जी दिल्ली पुलिसकर्मी बनकर युवकों को बंधक बनाकर 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। एक युवक की सूझबूझ से यह साजिश विफल हो गई। इस घटना में एक महिला सहित चार आरोपी मौके से गिरफ्तार किए गए। हालांकि, तीन अन्य आरोपी भागने में सफल रहे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतक के शिवाजी कॉलोनी निवासी सतविंदर सिंह, टीनू, बहु अकबरपुर निवासी नवीन और वार्ड-18 के आर्या नगर निवासी स्नेहा के रूप में हुई है। पीड़ित नितिन पाल सिंह कालकाजी, दिल्ली निवासी की शिकायत पर खेड़की दौला थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अन्य तीन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
के रहने वाले हैं। वह बीते डेढ़ महीने से गुरुग्राम के सेक्टर-86 स्थित अंसल हाइट्स सोसायटी के फ्लैट नंबर-1102 में रह रहे थे। बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपने दोस्तों अंकित, सागर और मोहित के साथ फ्लैट में पार्टी कर रहे थे। तभी दरवाजे पर एक महिला आई और खुद को पड़ोसी बताया। दरवाजा खुलते ही महिला के साथ छह युवक फ्लैट में घुस गए। युवकों ने खुद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम का सदस्य बताया और उन्होंने अपने पहचान पत्र भी दिखाए। घुसने वाले युवकों ने पीड़ित से कहा कि फ्लैट में गलत काम चल रहा है। इसके चलते छापा मारा गया है। आरोप है कि फर्जी पुलिसकर्मियों ने युवकों के साथ मारपीट भी की। इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया गया। कार्रवाई न करने की एवज में 25 लाख रुपये की मांग की गई। युवकों के पास इतने रुपये नहीं थे, जिससे वे काफी डर गए थे। उन्होंने अपने दोस्त से रुपये मंगवाने की बात कही।
विज्ञापन
युवक की सूझबूझ से पकड़े गए आरोपी
शिकायतकर्ता के दोस्त सागर को उसके दोस्त जागृत लूथरा के पास रुपये लेने भेजा गया। फर्जी पुलिसकर्मी बनकर आए युवकों में से एक सागर के साथ उसकी गाड़ी में गया। रास्ते में आरोपी ने धमकी दी कि होशियारी करने पर फ्लैट में मौजूद दोस्तों को जान से मार दिया जाएगा। सागर ने अपने दोस्त जागृत को अपनी जगह भेजी और पुलिसकर्मी पर शक जताया। इस पर जागृत अपने दो-तीन दोस्तों के साथ मौके पर पहुंचा। जागृत ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने अपना नाम ऋषि बताया। इसी दौरान ऋषि घबरा गया और गाड़ी से उतरकर भागने लगा। युवकों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भागने में कामयाब हो गया। सागर के पीछे चल रहे दूसरी गाड़ी के चालक भी मौके से भाग गए। इसके बाद सभी युवक फ्लैट पर पहुंचे और अपने दोस्तों को बंधक से छुड़ाया। चारों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।
विज्ञापन
ऋषि को नितिन पाल सिंह के संपन्न परिवार से होने और फ्लैट में आयोजन करने की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। पुलिस को आरोपियों के पास से दिल्ली पुलिस के तीन पहचान पत्र मिले, जो भागे हुए आरोपी ऋषि ने उपलब्ध कराए थे। आरोपी महिला स्नेहा को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि अन्य तीन आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन की रिमांड पर लिया गया। - संदीप, पुलिस प्रवक्ता