सुप्रीर्म कोर्ट का फैसला आने के बाद निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों के आरके पुरम सेक्टर-3स्थित रविदास कैंप में सन्नाटा इस कदर पसरा था कि कोई किसी से बात करने को तैयार नहीं था। कैंप में सब एक-दूसरे का मुंह ताक रहे थे। कैंप में ज्यादातर महिलाए मिलीं। पुरुष काम पर गए हुए थे। दूसरी तरफ दोषी पवन की नाबालिग बहन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत बताया और कहा कि भाई को सुधरने का मौका देना चाहिए।
निर्भया कांड: दोषियों के घर पसरा मातम सा सन्नाटा, बहन बोली- देना चाहिए था सुधरने का मौका
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शुक्रवार को अमर उजाला संवाददाता जब आरके पुरम के सेक्टर-3 स्थित दोषियों के निवास स्थान रविदास कैंप में पहुंचा तब तक कैंप के लोगों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी हो गई थी। कैंप में सिर्फ दोषी पवन का घर ए-64 खुला मिला।
घर में पवन की छोटी 17 वर्षीय बहन ही थी। शुरू में पवन की बहन ने मीडिया पर भड़ास निकाली। आंसू पोछते हुए बहन ने कहा कि उसके भाई को सुधरने का मौका देना चाहिए। उसका परिवार चार वर्ष से सफर कर रहा है। भाई के गम में उसकी बड़ी बहन की मौत हो चुकी है। कोर्ट को एक गलती को माफ कर देना चाहिए। राम सिंह व उसके भाई मुकेश का परिवार पहले ही कैंप से जा चुका है। विनय का परिवार कैंप में ही रहता है। शुक्रवार को विनय का घर बंद था। हालांकि विनय के पड़ोसी उसके घर के पास ही बैठे थे।
विनय के घर के बगल में रहने वाली एक पड़ोसी महिला ने बताया कि उनके कैंप के लड़के ने गलती तो की है। मगर उसे सुधरने का मौका देना चाहिए। पड़ोसी होने के नाते वह विनय के साथ सहानुभूति रखती है। दूसरी ओर जुवेनाइल कोर्ट से सजा पाए नाबालिग ने भी शहर छोड़ दिया है।
कैंप की सुधरी हालत
जिस समय निर्भया सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई थी उस समय रविदास कैंप की हालत बहुत ही खराब थी, गंदगी थी। कैंप में कच्चे घर थे। अब इस कैंप में काफी साफ-सफाई है। काफी झुग्गीनुमा घर पक्के हो गए हैं। कैंप में लाइट व सीवर भी आ चुका है।