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ISI Spy: ...ताकि पकड़े जाएं तो न खुले पूरा भेद, आपस में जोड़े नहीं गए थे पाक के जासूस, हैंलडर ने दे रखे थे काम

पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 12 Apr 2026 03:17 PM IST
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सार

स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि मनमीत सिंह मॉडल के पास फरवरी महीने में सात आधुनिक हथियार व कारतूस आए थे। इनमें से चार हथियारों को बेच दिया गया था। ये हथियार दिल्ली के रोहित ने दिल्ली में बेचे थे। 

ISI Spy Network India Suspects Not Linked Pakistan Handlers Used Separate Modules to Avoid Detection
सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई व आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार सभी संदिग्ध आपस में कनेक्ट नहीं थे। पाकिस्तान में बैठे हैंलडर सभी संदिग्धों से बात करते थे और सभी को अलग-अलग काम दे रखा था, ताकि देश की सुरक्षा एजेंसियां किसी संदिग्ध को पकड़ ले तो पूरा मॉड्यूल ना पकड़ा जाए। 
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आईएसआई हैंडलर ने किसी को रेकी करने, किसी को वीडियो भेजने, किसी को सीमा पार से आए हथियार लेने, किसी को उन्हें बेचकर पैसे लेने और किसी को सीसीटीवी लगाने का काम सौंपा हुआ था। हालांकि एक गांव के होने के कारण गिरफ्तार हुए संदिग्ध आपस में एक-दूसरे को जानते थे। 
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गिरफ्तार किए गुरजीत और हरजीत उर्फ हैप्पी एक गांव के होने के कारण एक-दूसरे को जानते थे। ये खुलासा गिरफ्तार सभी संदिग्धों से पूछताछ में सामने आया है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पहले एक आतंकी पकड़ा जाता तो पूरे मॉड्यूल के आतंकी पकड़े जाते थे। 

ऐसे में अब पाकिस्तान में बैठे हैंडलर व आईएसआई ने अपनी रणनीति बदली है। स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया था कि पकड़े गए ज्यादातर संदिग्ध आपस में कनेक्ट नहीं थे। सभी को हैंडलर से अलग-अलग टॉरगेट मिले हुए थे। 

 

एक गांव के होने की वजह कुछ संदिग्ध आपस में बात कर लेते थे। हैंडलर आपस में किसी को मिलाते नहीं थे और न ही एक-दूसरे का नाम व पता देते थे। पकड़े गए ज्यादातर संदिग्ध पंजाब के हैं। 

स्पेशल के एक  अधिकारी ने बताया कि पहले गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्धों ने खुलासा किया है कि वह पंजाब के पांच-छह जिलों की रैकी कर चुके थे और उनकी वीडियो व फोटो पाकिस्तान भेज दिए थे।

स्पेशल सेल की साउथ-वेस्ट रेंज ने जिन पांच संदिग्धों गुरजीत सिंह, रिम्पलदीप सिंह , सल्विंदर सिह उर्फ कालू, हरप्रीत उर्फ हैप्पी और बूटा सिंह ने बताया कि पाक हैंडलर ने रैकी कर वीडियो इसलिए मंगवाई थी, ताकि वह उन जगहों पर लाइव के लिए सीसीटीवी लगवा सकें। 
 

पाकिस्तान हैंडलर के संपर्क में सबसे पहले आरोपी गुरजीत आया था। वह पहले मादक पदार्थों की तस्करी करता था। मादक पदार्थों की तस्करी के दौरान ही गांव के कुछ लोगों के जरिए हैंडलरों के संपर्क में आया। वह वर्ष 2020 से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। 



 

दिल्ली में किसने खरीदे हथियार जांच रही पुलिस
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि मनमीत सिंह मॉडल के पास फरवरी महीने में सात आधुनिक हथियार व कारतूस आए थे। इनमें से चार हथियारों को बेच दिया गया था। ये हथियार दिल्ली के रोहित ने दिल्ली में बेचे थे। 

 

बाकी हथियारों को इंस्पेक्टर सतीश राणा व अशोक कुमार भंडाना की टीम ने इनसे बरामद कर लिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दिल्ली में ये हथियार किसने लिए थे।

 

पंजाब से खरीदे जा रहे थे सीसीटीवी कैमरे
स्पेशल सेल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आरोपी सोलर सीसीटीवी कैमरे पंजाब से खरीद रहे थे। सीसीटीवी लगाने का काम मनप्रीत सिंह मॉड्यूल में दिया हुआ था। हथियारों से जो पांच लाख रुपये आए थे उससे सीसीटीवी खरीदे गए थे। बाकी खरीदे जाने थे।

 

बीकेआई कारिंदा पाकिस्तान में बैठा है 
प्रतिबंधित आंतकी संगठन बीकेआई का गैंगस्टर व आतंकी हरविंदर उर्फ रिंदा इस समय पाकिस्तान में बैठा है। वह आईएसआई के साथ मिलकर भारत में खासकर पंजाब में हमले करवा रहा है।
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