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Health: नवजात शिशुओं की स्क्रीनिंग के लिए दिल्ली में मिशन अनमोल को मंजूरी, रेखा सरकार ने बजट में की थी घोषणा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 08 Apr 2026 01:36 AM IST
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सार
इस योजना के तहत 56 तरह की जांच शिशुओं की निशुल्क की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली में जन्म लेने वाले हर शिशु में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका उचित इलाज सुनिश्चित करना है। दिल्ली सरकार ने बजट में अनमोल योजना को लेकर घोषणा की थी।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : FreePik
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विस्तार
दिल्ली सरकार ने नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य देखभाल और स्क्रीनिंग को मजबूत बनाने के लिए मिशन एडवांस न्यूबोर्न मॉनिटरिंग एंड ऑप्टिमल लाइफकेयर (अनमोल) योजना लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 56 तरह की जांच शिशुओं की निशुल्क की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली में जन्म लेने वाले हर शिशु में जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका उचित इलाज सुनिश्चित करना है। दिल्ली सरकार ने बजट में अनमोल योजना को लेकर घोषणा की थी।
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इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मिशन अनमोल पहल के तहत अब हर साल डेढ़ लाख की जगह लगभग ढाई लाख नवजात शिशुओं की पूरी स्क्रीनिंग की जाएगी। हमारा लक्ष्य है कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग हर नवजात की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जा सके। इस विस्तार से कई प्रकार की मेटाबॉलिक, एंडोक्राइन, फंक्शनल और जन्मजात बीमारियों की समय रहते पहचान और समुचित इलाज सुनिश्चित होगा। जिससे भविष्य में नवजातों के स्वास्थ्य परिणामों में काफी सुधार होगा।
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जन्मजात बीमारियों की हो सकेगी स्क्रीनिंग
उन्होंने बताया कि मिशन अनमोल पहल एक एकीकृत और टेक्नोलॉजी आधारित कार्यक्रम है। जिसे राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों और सबसे अच्छे तरीकों के अनुरूप तैयार किया गया है ताकि हर नवजात शिशुओं की पूरी स्क्रीनिंग को एक मानक के रूप में स्थापित किया जा सके। इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, जन्मजात हृदय रोग, सुनने की समस्या और समय से पहले जन्मे बच्चों में होने वाली आंखों की बीमारी (रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी) जैसी स्थितियों के साथ जन्मजात बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।
योजना के लिए 148 पद किए स्वीकृत
इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बड़े पैमाने पर इसके कार्यान्वयन में सहायता के लिए मानव संसाधनों को और मजबूत बनाना है। जिसके लिए कुल 148 पद स्वीकृत किए गए हैं। जिनमें मौजूदा 73 प्रयोगशाला और फील्ड कर्मचारियों के पदों को जारी रखा गया है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 60 स्टाफ नर्सों और 15 ऑप्टोमेट्रिस्ट के रूप में अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई है। स्टाफ नर्सें नवजात शिशुओं विशेषकर समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के सैंपल लेने, सुरक्षित देखभाल के समन्वय को सुनिश्चित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मिशन अनमोल से हर नवजात होगा सुरक्षित
जबकि ऑप्टोमेट्रिस्ट पूरे राज्य में नवजातों की आंखों की स्क्रीनिंग में सहयोग करेंगे ताकि नवजात शिशुओं में अंधेपन की समस्या को रोका जा सके। यह कार्यक्रम अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और प्रबंधन इकाइयों के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित करेगा। नवजात की अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले पूरी तरह से स्क्रीनिंग सुनिश्चित हो सके। खासतौर पर उन अस्पतालों और नवजात गहन देखभाल इकाइयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां प्रसव की संख्या बहुत अधिक होती है। मिशन अनमोल हर नवजात बच्चे के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद है।
