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निर्भया केस: तिहाड़ में करवटें बदलते कटी दरिंदों की रात, फांसी के लिए जेल नंबर तीन में होंगे शिफ्ट

Thu, 11 May 2017 02:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 May 2017 02:33 PM IST
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  nirbhaya case all accused will shift to jail number 3 for capital punishment
त‌िहाड़ जेल - फोटो : अमर उजाला

सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा बरकरार रहने के बाद निर्भया कांड के दोषियों की पहली रात करवटें बदलते ही कटी। जेल नंबर सात में बंद विनय रात अपनी बैरक में चहलकदमी करता हुआ दिखा जबकि जेल नंबर दो में बंद तीनों आरोपी एक दूसरे से आंखों ही आंखों में बात करते हुए देखे गए।

जल्द ही जेल नंबर तीन में जाएंगे सभी दोषी

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nirbhaya - फोटो : pti

जेल सूत्रों का कहना है कि इन आरोपियों को हालांकि फांसी की सजा की ही उम्मीद थी। लेकिन सजा मिलने के बाद उनके व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया है। चारों ने अपने आसपास रहने वाले कैदियों से बातचीत भी करना बंद कर दिया है।

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न‌िर्भया के दोषी - फोटो : pti

हालांकि जेल अधिकारी इन कैदियों को अकेला नहीं छोडना चाहते हैं। जेल अधिकारियों ने सजा के बाद चारों कैदियों की काउंसिलिंग भी शुरू कर दी।

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nirbhaya - फोटो : pti

अधिकारियों ने दोषियों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा मिलने के बाद भी कई प्रक्रिया होती है जिससे उन्हें राहत मिल सकती है। पुनर्विचार याचिका के अलावा दया याचिका भी दी जा सकती है। अधिकारियों ने दोषियों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा मिलने के बाद भी कई कैदियों को राहत मिली है।

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nirbhaya

चारों दोषियों को जल्द ही जेल नंबर तीन में भेजे जाने की खबर है। जेल सूत्रों की माने तो तिहाड़ की जेल नंबर तीन में ही फांसी देने की व्यवस्था है। हालांकि फांसी की सजा देने से पहले वे सभी दो स्तरों पर फैसले को चुनौती दे सकते हैं और फिर राष्ट्रपति से दया याचिका की भी गुहार कर सकते हैं। सभी जगहों से उनकी अपील खारिज हो जाने के बाद दोषियों को जेल नंबर तीन में ही शिफ्ट कर दिया जाता है।

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