Noida: महर्षि आश्रम की जमीन बेचने के आरोपियों ने एमपी, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में बनाईं संपत्तियां; मिले सुबूत
ईडी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में आरोपी प्रदीप सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, जी. रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय की करोड़ों की संपत्ति और उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी-जालसाजी के एफआईआर मिली हैं।
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महर्षि आश्रम से जुड़े स्पिरिचुअल रीजेनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एसएमआरएफ) ट्रस्ट की जमीन फर्जी तरीके से बेचने वाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच आगे बढ़ी है। ईडी को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में आरोपी प्रदीप सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, जी. रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय की करोड़ों की संपत्ति और उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी-जालसाजी के एफआईआर मिली हैं।
अब नोएडा में ट्रस्ट की जमीन समेत अन्य राज्यों में मौजूद संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक लगा दी गई है। वहीं, सेक्टर-33ए स्थित रजिस्ट्री कार्यालय ने एसएमआरएफ ट्रस्ट की भंगेल के खसरा संख्या 217 और गेझा तिलपताबाद के खसरा संख्या 14,16,96, 98, 99, 100 और 102-1 की जमीन की खरीदने या बेचने पर रोक लगा दी है। इसके लिए ट्रस्ट ने 15 जुलाई को विभाग को पत्र लिखा था।
ईडी ने 10 जुलाई को नोएडा के साथ-साथ अन्य राज्यों में मौजूद आरोपियों की जमीन और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच रिपोर्ट दी थी। इसमें सामने आया कि आरोपियों की संपत्ति कर्नाटक के बंगलूरू के यशवंतपुरा, मध्य प्रदेश के जबलपुर, धार, सुनेरा और छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बलोदा बाजार व बिलासपुर इलाके में है जिनकी कीमत करोड़ों में है। इनके खिलाफ तीनों राज्यों में 2011, 2014, 2024 में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप पर प्राथमिकी दर्ज हैं।
रजिस्ट्री विभाग ने ईडी को सौंपे 36 दस्तावेज : ईडी ने नोएडा के रजिस्ट्री विभाग से जमीन की जानकारी मांगी थी। 1990 से अब तक 36 से ज्यादा रजिस्ट्री की जानकारी ईडी को सौंपी जा चुकी है। ट्रस्ट का आरोप था कि गेझा तिलपताबाद और भंगेल में 3.36 हेक्टेयर भूमि ट्रस्ट के फर्जी पदाधिकारी और दस्तावेज तैयार कर बेची गई। जांच की गई तो प्लॉट बेचने वालों के नाम उजागर हुए।
ईडी दो को कर चुकी है गिरफ्तार
दिसंबर 2025 में यह मामला सामने आया था। ईडी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन पर फर्जी पदाधिकारी बनकर और दस्तावेज बनाकर करीब 33 करोड़ की जमीन सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को 16 करोड़ में बेचने का आरोप है। सेक्टर-39 थाने में सिंहवाहिनी के निदेशक प्रदीप सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, जी. रामचंद्र मोहन और आकाश मालवीय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। हाईकोर्ट से सुनवाई पूरी होने तक राघवेंद्र की गिरफ्तारी पर रोक लगी थी। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फर्जीवाड़े के मामले में ईडी को जांच के आदेश दिए थे।
संपत्तियां हो सकती हैं कुर्क
- अब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच में आरोपियों की जो संपत्तियां मिली हैं उनको कुर्क भी किया जा सकता है
ईडी की रिपोर्ट के आधार पर रजिस्ट्री विभाग को ट्रस्ट की जमीन की खरीद-फरोख्त को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए आग्रह किया गया है। -यादवेंद सिंह, अध्यक्ष, एसआरएम फाउंडेशन ऑफ इंडिया
ट्रस्ट की ओर से पत्र मिला है। इसके आधार पर संबंधित खसरा संख्या की जमीन की खरीद-फरोख्त पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
-अरुण कुमार शर्मा, एआईजी प्रथम, गौतमबुद्ध नगर