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Noida News: यमुना सिटी में बनेगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और बस अड्डा
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- 92वीं बोर्ड बैठक में लिया गया फैसला, ताइवान सिटी को मिली मंजूरी, अलग-अलग सेक्टरों में जमीन की गई आरक्षित
500 ई-बसें शुरू होंगी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम के अलावा अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) और आधुनिक किसान मंडी बनेगी। इसके अलावा जापान और सिंगापुर सिटी की तरह करीब 300 एकड़ में ताइवान सिटी के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। वहीं यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले ही गौतमबुद्ध नगर में ई-बसों की संख्या 110 से बढ़ाकर 500 हो जाएंगी।
सोमवार को यमुना प्राधिकरण कार्यालय में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित 92वीं बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम करीब 50 एकड़ जमीन पर बनेगा। इसके लिए सेक्टर-23डी में जमीन आरक्षित की गई है। इससे युवाओं को भी यमुना सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी। खेल विभाग इसमें सर्विस डिपार्टमेंट की भूमिका में रहेगा। यमुना प्राधिकरण खेल विभाग को नि:शुल्क जमीन उपलब्ध कराएगा। बोर्ड से मंजूरी के बाद अब स्टेडियम के डिजाइन और निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसे सिग्नेचर स्टेडियम की तर्ज पर भी इसे विकसित किए जाने की योजना है।
इसके अलावा विकास परियोजनाओं में सेक्टर-13 और 14 में 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब और सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप को मंजूरी दी गई है। मेडिकल हब में चिकित्सा इकाइयों के अलावा मेडिकल कालेज और रिसर्च सेंटर को जमीन आवंटन हो सकेगी। वहीं यूनिवर्सिटी टाउनशिप में दुनिया की प्रमुख यूनिवर्सिटी को जगह आवंटित होनी है। यमुना सिटी फेज-1 के सेक्टर-34 में लगभग 36 एकड़ भूमि मंडी विकसित होगी। यहां स्थानीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार अपने कृषि उत्पाद बेचने के लिए मिल सकेगा।
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फार्मास्युटिकल क्लस्टर बनाने के लिए सेक्टर-06 में करीब 125 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है। यहां फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का विकास होना है। यह क्लस्टर गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) के अनुरूप होगा। इससे प्रदेश को एक अग्रणी फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क में आस्का लैब (मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी )की स्थापना के लिए एक टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी के गठन को मंजूरी दी गई है। इससे भारतीय निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षण सुविधाएं देश में ही मिल सकेंगी।
प्राधिकरण की बढ़ी आय, घटा कर्ज
बोर्ड के सामने रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक यमुना प्राधिकरण की आय बढ़ी है। वहीं कर्ज कम करने में मदद मिली है। अधिकारियों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक कुल आय 1853.74 करोड़ रुपये थी। यह पिछले साल 974.37 करोड़ रुपये की तुलना में 90.25 प्रतिशत अधिक है। इस वित्तीय वर्ष में प्राधिकरण का कुल खर्च 3690.64 करोड़ रुपये रहा। इसमें मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी शामिल है। पिछले वित्तीय वर्ष में इसी समय में 1385 करोड़ रुपये इसी मद में खर्च हुए थे।
सीएम ने दिए बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले जिले में ई-बसों की संख्या 500 हो जाएगी। बोर्ड बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि पूर्व में तय अनुपात में ही तीनों प्राधिकरणों को बसों के संचालन की जिम्मेदारी रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि ट्रेड शो से पहले इन बसों को गौतमबुद्ध नगर में चलाना शुरू किया जाए। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित करना होगा। बोर्ड ने सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) की स्थापना के लिए जमीन आरक्षित की है।
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500 ई-बसें शुरू होंगी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम के अलावा अंतरराज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) और आधुनिक किसान मंडी बनेगी। इसके अलावा जापान और सिंगापुर सिटी की तरह करीब 300 एकड़ में ताइवान सिटी के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। वहीं यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले ही गौतमबुद्ध नगर में ई-बसों की संख्या 110 से बढ़ाकर 500 हो जाएंगी।
सोमवार को यमुना प्राधिकरण कार्यालय में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित 92वीं बोर्ड बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम करीब 50 एकड़ जमीन पर बनेगा। इसके लिए सेक्टर-23डी में जमीन आरक्षित की गई है। इससे युवाओं को भी यमुना सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी। खेल विभाग इसमें सर्विस डिपार्टमेंट की भूमिका में रहेगा। यमुना प्राधिकरण खेल विभाग को नि:शुल्क जमीन उपलब्ध कराएगा। बोर्ड से मंजूरी के बाद अब स्टेडियम के डिजाइन और निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसे सिग्नेचर स्टेडियम की तर्ज पर भी इसे विकसित किए जाने की योजना है।
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इसके अलावा विकास परियोजनाओं में सेक्टर-13 और 14 में 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब और सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप को मंजूरी दी गई है। मेडिकल हब में चिकित्सा इकाइयों के अलावा मेडिकल कालेज और रिसर्च सेंटर को जमीन आवंटन हो सकेगी। वहीं यूनिवर्सिटी टाउनशिप में दुनिया की प्रमुख यूनिवर्सिटी को जगह आवंटित होनी है। यमुना सिटी फेज-1 के सेक्टर-34 में लगभग 36 एकड़ भूमि मंडी विकसित होगी। यहां स्थानीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार अपने कृषि उत्पाद बेचने के लिए मिल सकेगा।
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फार्मास्युटिकल क्लस्टर बनाने के लिए सेक्टर-06 में करीब 125 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है। यहां फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का विकास होना है। यह क्लस्टर गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) के अनुरूप होगा। इससे प्रदेश को एक अग्रणी फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस पार्क में आस्का लैब (मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी )की स्थापना के लिए एक टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी के गठन को मंजूरी दी गई है। इससे भारतीय निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षण सुविधाएं देश में ही मिल सकेंगी।
प्राधिकरण की बढ़ी आय, घटा कर्ज
बोर्ड के सामने रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक यमुना प्राधिकरण की आय बढ़ी है। वहीं कर्ज कम करने में मदद मिली है। अधिकारियों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक कुल आय 1853.74 करोड़ रुपये थी। यह पिछले साल 974.37 करोड़ रुपये की तुलना में 90.25 प्रतिशत अधिक है। इस वित्तीय वर्ष में प्राधिकरण का कुल खर्च 3690.64 करोड़ रुपये रहा। इसमें मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी शामिल है। पिछले वित्तीय वर्ष में इसी समय में 1385 करोड़ रुपये इसी मद में खर्च हुए थे।
सीएम ने दिए बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले जिले में ई-बसों की संख्या 500 हो जाएगी। बोर्ड बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि पूर्व में तय अनुपात में ही तीनों प्राधिकरणों को बसों के संचालन की जिम्मेदारी रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि ट्रेड शो से पहले इन बसों को गौतमबुद्ध नगर में चलाना शुरू किया जाए। इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित करना होगा। बोर्ड ने सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) की स्थापना के लिए जमीन आरक्षित की है।