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Noida News: डूब क्षेत्र में बिना एनओसी बन रहे अवैध स्वीमिंग पूल
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फोटो:
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- खेल विभाग की एनओसी के बिना नहीं हो सकता निर्माण और संचालन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध स्वीमिंग पूल बनने लगे हैं। कुलेसरा और आसपास के गांवों में स्वीमिंग पूल का निर्माण चल रहा है। जबकि खेल विभाग की एनओसी के बिना निर्माण नहीं हो सकता। उसके बाद भी प्राधिकरण से लेकर प्रशासन और खेल विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि हर साल शिकायत करने के बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं होती।
इन गांवों में बनना शुरू हुए स्वीमिंग पूल की शिकायत प्रशासन से भी की गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डूब क्षेत्र में पक्के निर्माण की अनुमति नहीं है। उसके बाद भी निर्माण कार्य चल रहे हैं। प्राधिकरण और प्रशासन के अफसर अनजान बने हुए हैं। अधिकारी फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
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निर्माण और संचालन की अलग-अलग अनुमति जरूरी
खेल विभाग के अफसरों के मुताबिक, जिले में अगर किसी सोसाइटी या अन्य जगह पर स्वीमिंग पूल का निर्माण करना है तो पहले खेल विभाग से अनुमति लेनी होती है। एनओसी के बाद ही निर्माण किया जा सकता है। निर्माण होने के बाद संचालन की अनुमति अलग से लेनी होती है। लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। निर्माण के बाद संचालन की भी अनुमति नहीं ली जा रही है।
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कई बार हो चुके हैं हादसे
डूब क्षेत्र समेत अन्य जगहों पर चल रहे अवैध स्वीमिंग पूल में लोगों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। वहां 50 से 60 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाता है, लेकिन वहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते। साल 2024 में चिपियाना गांव के एक स्वीमिंग पूल में 10 साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि स्वीमिंग पूल के पास एनओसी नहीं थी। वहां लाइफगार्ड भी नहीं था। हिंडन के डूब क्षेत्र में भी कई जगह हादसे हो चुके हैं।
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अगर डूब क्षेत्र में स्वीमिंग पूल का निर्माण चल रहा है तो प्राधिकरण को सूचना भेजी जाएगी। अगर कहीं पर एनओसी मांगी जाती है तो उस पर प्राधिकरण की रिपोर्ट ली जाती है।
- डॉ. परवेज अली, प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर
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डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। स्वीमिंग पूल का निर्माण होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में प्राधिकरण को जानकारी दे दी गई है। अवैध निर्माणों को तोड़ा जाएगा।
- आशुतोष गुप्ता, एसडीएम सदर
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- खेल विभाग की एनओसी के बिना नहीं हो सकता निर्माण और संचालन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में अवैध स्वीमिंग पूल बनने लगे हैं। कुलेसरा और आसपास के गांवों में स्वीमिंग पूल का निर्माण चल रहा है। जबकि खेल विभाग की एनओसी के बिना निर्माण नहीं हो सकता। उसके बाद भी प्राधिकरण से लेकर प्रशासन और खेल विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि हर साल शिकायत करने के बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं होती।
इन गांवों में बनना शुरू हुए स्वीमिंग पूल की शिकायत प्रशासन से भी की गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि डूब क्षेत्र में पक्के निर्माण की अनुमति नहीं है। उसके बाद भी निर्माण कार्य चल रहे हैं। प्राधिकरण और प्रशासन के अफसर अनजान बने हुए हैं। अधिकारी फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
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निर्माण और संचालन की अलग-अलग अनुमति जरूरी
खेल विभाग के अफसरों के मुताबिक, जिले में अगर किसी सोसाइटी या अन्य जगह पर स्वीमिंग पूल का निर्माण करना है तो पहले खेल विभाग से अनुमति लेनी होती है। एनओसी के बाद ही निर्माण किया जा सकता है। निर्माण होने के बाद संचालन की अनुमति अलग से लेनी होती है। लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। निर्माण के बाद संचालन की भी अनुमति नहीं ली जा रही है।
कई बार हो चुके हैं हादसे
डूब क्षेत्र समेत अन्य जगहों पर चल रहे अवैध स्वीमिंग पूल में लोगों की जिंदगी के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। वहां 50 से 60 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क लिया जाता है, लेकिन वहां सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते। साल 2024 में चिपियाना गांव के एक स्वीमिंग पूल में 10 साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि स्वीमिंग पूल के पास एनओसी नहीं थी। वहां लाइफगार्ड भी नहीं था। हिंडन के डूब क्षेत्र में भी कई जगह हादसे हो चुके हैं।
अगर डूब क्षेत्र में स्वीमिंग पूल का निर्माण चल रहा है तो प्राधिकरण को सूचना भेजी जाएगी। अगर कहीं पर एनओसी मांगी जाती है तो उस पर प्राधिकरण की रिपोर्ट ली जाती है।
- डॉ. परवेज अली, प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर
डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। स्वीमिंग पूल का निर्माण होने की जानकारी मिली है। इस संबंध में प्राधिकरण को जानकारी दे दी गई है। अवैध निर्माणों को तोड़ा जाएगा।
- आशुतोष गुप्ता, एसडीएम सदर