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गुणवत्तापूर्ण शिक्षक देश की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का आधार : प्रह्लाद जोशी
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- एनसीटीई के 32वें स्थापना दिवस पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सम्मेलन, मित्रा और पुष्टि एप का शुभारंभ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के 32वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का आधार है। बदलते शैक्षिक परिवेश और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ऐसे शिक्षकों को तैयार करना जरूरी है, जो विषय ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक और नई शिक्षण पद्धतियों में भी दक्ष हों।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षक शिक्षा में निरंतर सुधार, नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। शिक्षक प्रशिक्षण को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यावहारिक और आधुनिक जरूरतों से जोड़ना होगा। सक्षम और प्रशिक्षित शिक्षक ही देश की भावी पीढ़ी को बेहतर शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में एनसीटीई के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा ने परिषद की 32 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने भावी शिक्षकों को तकनीकी दक्षता, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने पर जोर दिया।
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इस अवसर पर एनसीटीई की विभिन्न पहलों और प्रकाशनों का विमोचन किया गया। साथ ही मित्रा और पुष्टि एप का शुभारंभ भी किया गया।
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- एनसीटीई के 32वें स्थापना दिवस पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सम्मेलन, मित्रा और पुष्टि एप का शुभारंभ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के 32वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का आधार है। बदलते शैक्षिक परिवेश और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ऐसे शिक्षकों को तैयार करना जरूरी है, जो विषय ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक और नई शिक्षण पद्धतियों में भी दक्ष हों।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षक शिक्षा में निरंतर सुधार, नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। शिक्षक प्रशिक्षण को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यावहारिक और आधुनिक जरूरतों से जोड़ना होगा। सक्षम और प्रशिक्षित शिक्षक ही देश की भावी पीढ़ी को बेहतर शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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कार्यक्रम में एनसीटीई के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा ने परिषद की 32 वर्षों की यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने भावी शिक्षकों को तकनीकी दक्षता, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने पर जोर दिया।
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इस अवसर पर एनसीटीई की विभिन्न पहलों और प्रकाशनों का विमोचन किया गया। साथ ही मित्रा और पुष्टि एप का शुभारंभ भी किया गया।