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Pollution: दिल्ली-एनसीआर से हटेंगे दो लाख पुराने ट्रक-बस, वायु प्रदूषण होगा कम; केंद्र से नई योजना को मंजूरी

अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 04 Jun 2026 03:40 AM IST
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सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हुए इस फैसले का मकसद वायु प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है।

Pollution: Two lakh old trucks and buses will be removed from Delhi-NCR, new plan approved by the Centre
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में दो लाख से अधिक पुराने ट्रक और बसों को बदलने के लिए लगभग 9,585  करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में हुए इस फैसले का मकसद वायु प्रदूषण कम करना और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है।



योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रक और बसों के मालिकों को बीएस-6 या उससे अधिक उन्नत मानकों वाले वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्रों में लगभग 2.07 लाख वाहन मालिकों को लाभ मिलेगा। इनमें 1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें शामिल हैं। 
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नए वाहनों पर पंजीकरण शुल्क माफ
योजना में राज्य सरकारें नए वाहनों पर पंजीकरण शुल्क माफ करेंगी और 10 वर्षों तक मोटर वाहन टैक्स में 100 प्रतिशत तक की छूट देंगी। पुराने वाहनों के लिए छूट 50 प्रतिशत होगी। पुराने वाहनों पर लंबित देनदारियां भी माफ की जाएंगी। वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत तक छूट देंगी। 

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  • योजना पर कुल 9,585 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र का योगदान 5,041 करोड़ रुपये होगा, जबकि राज्य 1,601 करोड़ रुपये की कर रियायत देंगे
  • वाहन मालिकों को नए वाहन खरीदने के लिए कर्ज पर पांच वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी। हर महीने 4,800 रुपये तक के ईंधन वाउचर मिलेंगे

पुराने वाहनों को करना होगा स्क्रैप
बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर नष्ट करना अनिवार्य होगा। वहीं, बीएस-4 वाहन या तो स्क्रैप किए जा सकते हैं या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी शहरों और कस्बों में बेचे जा सकते हैं। इसके बाद वाहन मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे बेहतर मानकों वाला वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में योजना के तहत खरीदे जाने वाले हल्के मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक श्रेणी की होंगी। सरकारी वाहनों को इस योजना से बाहर रखा गया है।

एटीएफ की कीमत स्थिर रखने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये 
पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल के दाम में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों से एयरलाइंस को राहत देने  के लिए एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इसमें सरकारी तेल कंपनियों को 10,000 करोड़ तक की ब्याज-मुक्त अग्रिम राशि दी जाएगी। 

  • इससे वे भारतीय एयरलाइंस को स्थिर कीमत पर एटीएफ उपलब्ध करा सकेंगी। जब भी एटीएफ कीमतें तय मानक स्तर से ऊपर जाएंगी, तब तेल कंपनियों को भरपाई की जाएगी। वैश्विक कीमतें सामान्य होने पर मदद वापस ली जाएगी
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