फरीदाबाद एनआईटी नंबर दो स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बृहस्पतिवार को आए मिड डे मील में सांप का बच्चा मिलने से हड़कंप मच गया। दर्जनभर छात्राओं को खिचड़ी परोसी जा चुकी थी।
मिड डे मील में निकला सांप, तीन छात्राएं हुईं बीमार और 70 हजार बच्चे रह गए भूखे
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इस बीच खिचड़ी के ड्रम में सांप का बच्चा दिखाई देते ही अफरातफरी मच गई। खिचड़ी खाने के बाद छह छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन के निर्देश पर छात्राओं को बीके सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को मिड डे मील का वितरण रोकने के आदेश जारी कर दिए। मौके पर पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने खिचड़ी के नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखवा दिए। इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन की तरफ से जिले के 350 से ज्यादा स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के 70 हजार से ज्यादा बच्चों को दोपहर का खाना उपलब्ध कराया जाता है। रोजाना की तरह बृहस्पतिवार सुबह करीब 11:15 बजे मिड डे मील वैन एनआईटी नंबर दो स्थित स्कूल पहुंची।
करीब 11:30 बजे मिड डे मील के तहत खिचड़ी बांटने का काम शुरू किया गया। लाइन में लगी 10-12 छात्राओं को खिचड़ी बांटी जा चुकी थी। इसी दौरान आठवीं कक्षा की छात्रा सोनिया ने टिफिन आगे बढ़ाया और उसे खिचड़ी परोस दी गई। टिफिन में परोसी गई खिचड़ी में सांप का बच्चा देख सोनिया की चीख निकल गई। खाना बांटने वाली कर्मचारी अंजु ने जैसे ही सांप के दो मुंहे बच्चे को देखा उसने सभी छात्राओं को खिचड़ी फेंकने के लिए कहा। जानकारी मिलते ही स्कूल की प्रधानाचार्या बृजबाला व अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कौर वर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी शशि अहलावत और एनआईटी नंबर दो चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। बताया जा रहा है कि स्कूल की 550 छात्राओं को मिड डे मील बांटा जाना था।
एडीसी ने दिए मेडिकल जांच के निर्देश
जिला प्रशासन को मामले की जैसे ही जानकारी मिली, अधिकारी हरकत में आ गए। बिना देरी किए अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र दहिया ने खिचड़ी का स्वाद चखने वाली छात्रा कमला, अपूर्वा, आरती, हेमलता, मनीषा, अनुजा, लक्ष्मी व कोमल सहित दर्जनभर छात्राओं को मेडिकल जांच के लिए तुरंत बीके सिविल अस्पताल ले जाने के निर्देश दिए। इसके अलावा छात्राओं को खिचड़ी वितरित होने से पहले जांच के तहत उसका स्वाद चखने वाली प्रधानाचार्या बृजबाला, शिक्षिका सुषमा, पुष्पा, रेखा व वितरक अंजु की भी जांच कराई गई। स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि एक छात्रा को स्कूल में ही उल्टियां होने लगी थीं, जबकि कोमल और लक्ष्मी नामक छात्रा को गले में दर्ज होने लगा था।
लापरवाही आई सामने
सुबह करीब साढ़े 11 बजे खिचड़ी बांटनी शुरू हुई थी। दोपहर 12 बजे तक घटना की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी छात्राओं को मेडिकल जांच के लिए दोपहर 2 बजे तक इंतजार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रशासन ने एंबुलेंस का इंतजाम कराया और न ही मौके पर जांच के लिए डॉक्टरों की सुविधा मुहैय्या कराई। स्कूल प्रशासन की तरफ से ही जैसे-तैसे कर छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया गया।