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Delhi Building Collapse: 2015 से अवैध घोषित थी इमारत, अनदेखी ने ली छह लोगों की जान; पुलिस ने दी थी ये चेतावनी
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 02 Jun 2026 05:59 AM IST
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सार
सैदुल्लाजाब में इमारत ढहने की घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि वर्षों की प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट शनिवार शाम हुए हादसे ने पांच युवा डॉक्टरों और एक कैंटीन संचालिका समेत छह लोगों की जान ले ली।
Delhi Building Collapses
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सैदुल्लाजाब में इमारत ढहने की घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि वर्षों की प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट शनिवार शाम हुए हादसे ने पांच युवा डॉक्टरों और एक कैंटीन संचालिका समेत छह लोगों की जान ले ली। पुलिस के अनुसार अधिकांश मृतकों की मौत मलबे में दबने के बाद दम घुटने से हुई है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार यह त्रासदी अचानक नहीं हुई। उपलब्ध दस्तावेज और प्रशासनिक रिकॉर्ड बताते हैं कि भवन को वर्ष 2015 में ही दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित कर लिया था। करीब 700 वर्ग गज में बने इस भवन के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया। मामला 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा। अदालत के निर्देशों के बाद एमसीडी ने भी स्वीकार किया कि भवन अवैध है और इसे ध्वस्त किया जाना चाहिए। बावजूद न तो भवन को गिराया गया और न ही उसे खाली कराया गया।
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स्थानीय पुलिस ने मार्च में भी भेजी थी चेतावनी
सूत्रों के अनुसार मार्च 2026 में स्थानीय पुलिस ने एमसीडी को दो अलग-अलग पत्र लिखकर सूचित किया था कि भवन में अतिरिक्त मंजिल का निर्माण किया जा रहा है। पुलिस ने आशंका जताई थी कि अतिरिक्त निर्माण से इमारत की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो सकती है और किसी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो सकता है। चेतावनियों के बाद निर्माण जारी रहा।
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इमारत मालिक कर्मवीर जेलदार गिरफ्तार बिल्डर-ठेकेदार की अब भी तलाश जारी
दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब इमारत हादसे में महरौली पुलिस ने मुख्य आरोपी और इमारत मालिक कर्मवीर जेलदार (71) को गिरफ्तार कर लिया है। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस के अनुसार कर्मवीर को सोमवार शाम वसंतकुंज क्षेत्र से पकड़ा गया, जहां वह एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था। इलाके का रसूखदार माने जाने वाले कर्मवीर के पास क्षेत्र में काफी संपत्ति है। पुलिस उसे मंगलवार को अदालत में पेश कर रिमांड मांग सकती है। वहीं, बिल्डर मनीष खत्री और ठेकेदार की तलाश जारी है।
कब-कब क्या हुआ
2015: एमसीडी ने भवन को अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित किया।
2021: हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एमसीडी ने भवन को ध्वस्त किए जाने योग्य माना।
2021-2026: कार्रवाई नहीं हुई, भवन का उपयोग जारी रहा।
मार्च 2026: पुलिस ने अवैध निर्माण को लेकर एमसीडी को दो बार चेतावनी दी।
30 मई 2026: इमारत ढह गई, छह लोगों की मौत हुई।
अधिकांश मौतें दम घुटने के कारण हुईं
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतकों के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं, लेकिन शुरुआती चिकित्सकीय आकलन में अधिकांश की मौत का कारण दम घुटना सामने आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पार्वती, आलोक और एकता की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि लगभग हो चुकी है। ये सभी कैंटीन क्षेत्र में मौजूद थे, जहां इमारत का बड़ा हिस्सा आकर गिरा था।