Samwad: लखनऊ संवाद में शिरकत करेंगे जैकी श्रॉफ; निर्देशक मनीष सैनी भी आएंगे नजर; जुनून और जिंदगी पर होगी बात
Amar Ujala Samwad 2026: संवाद का मंच फिर सज रहा है। इस बार नवाबों के शहर लखनऊ में आयोजन होने जा रहा है, जहां जैकी श्रॉफ शिरकत करेंगे। उनके साथ निर्देशक मनीष सैनी भी अमर उजाला संवाद में भाग लेने वाले हैं।
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अमर उजाला समूह उत्तर प्रदेश की राजधानी में संवाद उत्तर प्रदेश 2026 का आयोजन करने जा रहा है। यह दो दिवसीय आयोजन 18-19 मई को होगा, जिसमें राजनीति, खेल, धर्म-अध्यात्म और बिजनेस से लेकर मनोरंजन जगत तक की चर्चित हस्तियां शिरकत करेंगी और अलग-अलग विषयों पर विचार रखेंगी। लखनऊ के द सेंट्रम होटल में होने वाले इस कार्यक्रम में जैकी श्रॉफ और निर्देशक मनीष सैनी भी शिरकत करने वाले हैं। दोनों दिग्गज 'जुनून और जिंदगी' विषय पर बात करेंगे।
सुपरहीरो फिल्म लेकर आ रहे जैकी श्रॉफ और मनीष सैनी
जैकी श्रॉफ इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म का निर्देशन मनीष सैनी ने किया है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है और काफी दिलचस्प है। यह फिल्म 29 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह एक फैमिली ड्रामा और साइंस-फिक्शन एडवेंचर फिल्म है। इसमें एक बच्चा अपने दादा जी को सुपरहीरो मानता है और उनके बारे में मजेदार कहानियां सुनाता है।
जैकी श्रॉफ का करियर
जैकी श्रॉफ उर्फ 'जग्गू दादा' ने 80 के दशक में इंडस्ट्री पर राज किया है। उन्होंने बतौर एक्शन हीरो खुद को इंडस्ट्री में स्थापित किया और उनका ऐसा जादू चला कि निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्म में लेने को उतावले रहने लगे। उनके घर निर्देशकों की कतार लगने लगी। मगर, सिनेमा में अपना ऐसा कद बनाने के पीछे उन्हें खूब मशक्कत करनी पड़ी। जैकी श्रॉफ ने काफी संघर्ष के बाद बॉलीवुड में पहचान बनाई। उनका बचपन मुंबई के चॉल में गुजरा। वहां से निकलकर उन्होंने एक्शन हीरो बनकर दुनियाभर में पहचान बनाई है। जैकी श्रॉफ को रोमांटिक हीरो के रूप में भी खूब पसंद किया गया। जैकी श्रॉफ का जन्म 01 फरवरी 1957 को वालकेश्वर, मुंबई के तीन बत्ती एरिया में एक गरीब परिवार में हुआ। उनका वास्तविक नाम जयकिशन काकुभाई श्रॉफ है।
बस स्टैंड पर खड़े थे और मिल गया पहली फिल्म का ऑफर
जैकी हमेशा अपने चॉल के लोगों की मदद करते थे और इसीलिए उनका नाम 'जग्गू दादा' रखा गया। चॉल में सभी इसी नाम से बुलाते थे। गरीबी के चलते जैकी ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और नौकरी की तलाश करने लगे। जैकी श्रॉफ ने अपने करियर में करीब 250 फिल्मों में काम किया है। उन्हें करियर का पहला ऑफर बस स्टैंड पर मिला था। दरअसल, कई दिनों तक नौकरी की तलाश में भटकने के बाद एक दिन जैकी बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहे थे, वहां खड़े एक शख्स ने उनकी हाइट देखकर पूछा, 'क्या आप मॉडलिंग में दिलचस्पी लेंगे?' जवाब में जैकी ने कहा, 'क्या आप पैसे देंगे? यहीं से उनकी अभिनय पारी शुरू हो गई। जैकी ने साल 1973 में 'हीरा पन्ना' से इंडस्ट्री में कदम रखा था। इसमें उनका नेगेटिव रोल था। फिर, उनकी फिल्म 'स्वामी दादा' आई, लेकिन, जैकी श्रॉफ की किस्मत सुभाष घई की फिल्म 'हीरो' ने पलट दी और उन्हें पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा। निजी जिंदगी की बात करें तो जैकी श्रॉफ ने 1987 में आयशा से लव मैरिज की थी। उनके दो बच्चे- एक्टर टाइगर श्रॉफ और कृष्णा श्रॉफ हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता निर्देशक हैं मनीष सैनी
मनीष सैनी भारतीय फिल्म निर्माता-निर्देशक हैं। वे मुख्य रूप से गुजराती भाषा की फिल्मों में काम करते हैं। ऐसे वक्त में जब बच्चों के लिए अच्छा सिनेमा दुर्लभ बात लगती है, तब मनीष सैनी कमाल कर रहे हैं। उम्मीद कर सकते हैं कि उनकी आगामी फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' भी बच्चों को खूब लुभाएगी। मगर, इससे पहले भी बच्चों पर केंद्रित वे शानदार फिल्में दे चुके हैं और इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला है। मनीष को उनकी पहली फिल्म 'ढह' (2017) के लिए जाना जाता है, जिसका निर्देशन उन्होंने किया था। इसके लिए उन्हें 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में गुजराती में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं मनीष सैनी
मनीष की जड़ें हरियाणा से जुड़ी हैं। हालांकि, उनका जन्म भले हरियाणा में हुआ, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई अहमदाबाद, गुजरात में की। उन्होंने अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन से पढ़ाई की। इसके बाद मनीष ने एक स्क्रिप्ट पर काम करना शुरू किया और अपने प्रोजेक्ट के लिए फंड जुटाने के लिए प्रोड्यूसर्स को मनाने की कोशिश में जुट गए। कई बार रिजेक्शन का सामना करने के बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से पैसे उधार लेकर अपनी खुद की निर्देशित फिल्म 'ढह' बनाई। उनकी दूसरी फिल्म 'गांधी एंड कंपनी' ने इंटरनेशनल गुजराती फिल्म फेस्टिवल (IGFF) 2022 में 'बेस्ट चिल्ड्रन्स फिल्म' का अवॉर्ड जीता था इसके अलावा 69वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में भी इस फिल्म को बेस्ट चिल्ड्रन फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। मनीष गुजराती भाषा की फिल्में 'शुभ यात्रा' और 'जय माता जी-लेट्स रॉक' का निर्देशन भी कर चुके हैं। मनीष सैनी को उनकी शॉर्ट फिल्म 'गिद्ध' के लिए भी 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सम्मान में बेस्ट डायरेक्टर के नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था।