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Kaali Poster Row: लीना मणिमेकलाई ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख, काली पोस्टर विवाद में की FIR रद्द करने की मांग
'काली' पोस्टर विवाद को लेकर फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलई ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। लीना ने उनके खिलाफ दर्ज कई मामलों में संरक्षण की मांग की है। दरअसल, उन्होंने अपनी डॉक्यूमेंट्री 'काली' में देवी काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया था। इस विवाद को लेकर लीना पर कई केस दर्ज हुए थे। अब लीना ने सुप्रीम कोर्ट से इन सभी एफआईआर को एक साथ जोड़ने और उन्हें रद्द करने की मांग की है।
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काली पोस्टर विवाद
- फोटो : सोशल मीडिया
आज यानी शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले को रखा गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की है। लीना के खिलाफ इस मामले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में कई केस दर्ज हैं। याचिका में लीना ने कोर्ट से इन सभी एफआईआर को रद्द करने के निर्देश देने की मांग की है।
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Kaali Poster Controversy
- फोटो : सोशल मीडिया
लीना ने अपनी दलील में कहा है कि एक रचनात्मक फिल्म निर्माता के रूप में उनका प्रयास किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि एक मौलिक समावेशी देवी की छवि को प्रस्तुत करना था। उन्होंने कहा कि उनकी डॉक्यूमेंट्री फिल्म देवी के व्यापक विचारों को दर्शाती है। लीना ने अपने खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज, मध्यप्रदेश के रतलाम, भोपाल और इंदौर, उत्तराखंड के हरिद्वार और दिल्ली की जिला अदालतों में चल रही कार्यवाही को चुनौती दी है।
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लीना मणिमेकलई
- फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलई ने कहा कि अपनी फिल्म के पोस्टर को ट्वीट करने के बाद से उन्होंने 'जान से मारने' की धमकी और 'सिर कलम' करने की धमकी भरे फोन कॉल का सामना किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकी, उनके उत्पीड़न और उनके बोलने के साथ साथ उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
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