Pradeep Rawat: हिंदी फिल्मों से क्या थी प्रदीप रावत की शिकायत? ‘लगान’ के लिए आमिर ने खुद किया था फोन
Ghajini Actor Pradeep Rawat Career Journey: बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्मों में खूंखार विलेन के रूप में प्रदीप रावत जाने जाते थे। अब यह अभिनेता हमारे बीच नहीं है। मंगलवार शाम प्रदीप रावत का निधन हो गया। आखिर उनके एक्टिंग करियर की शुरुआत कैसे हुई? आमिर खान से उनका एक खास रिश्ता कैसे बना? पढ़िए, प्रदीप रावत के करियर और जिंदगी से जुड़े अनसुने किस्से।
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विस्तार
आमिर खान की फिल्म ‘गजनी’ में विलेन गजनी धर्मात्मा का रोल निभाकर प्रदीप रावत बॉलीवुड में छा गए थे। कई फिल्मों में उन्होंने खलनायक बनकर दर्शकों को खूब डराया था। वह आमिर खान के साथ भी एक खास बॉन्डिंग साझा करते थे। अब यह उम्दा कलाकार दुनिया को अलविदा कह चुका है। प्रदीप ने अपने करियर में लगभग 150 फिल्मों में काम किया था। जानिए, उनके करियर और फिल्मी करियर से जुड़ी कुछ खास बातें।
आर्मी में जाने का सपना रह गया अधूरा
जबलपुर में जन्मे प्रदीप रावत एक आर्मी फैमिली से आते थे। पिता आर्मी में ऑफिसर थे। ऐसे घर के माहौल में पले-बढ़े थे तो आगे चलकर उन्होंने भी आर्मी में जाने का सोचा लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। किसी कारण से वह आर्मी में सेलेक्स नहीं हो पाए। आगे चलकर प्रदीप ने जबलपुर में ही बैंक में नौकरी करना शुरू कर दिया।
बैंक की नौकरी छोड़कर थिएटर की दुनिया में आए
बैंक की नौकरी में प्रदीप का मन नहीं लगा। वह आगे चलकर राज बब्बर के थिएटर ग्रुप ‘एकजुट’ में शामिल हुए। यहां से उनको अभिनय का चस्का लगा। थिएटर में उन्होंने अपने अभिनय को मांझा। साल 1985 में फिल्म ‘मेरी जंग’ से उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म में उन्होंने अनिल कपूर, अमरीश पुरी जैसे कलाकारों के साथ काम किया। इसके बाद प्रदीप ने कई हिंदी फिल्मों में अभिनय किया।
आमिर का नाम ‘गजनी’ के लिए सुझाया
प्रदीप रावत ने 'अग्निपथ', 'बागी', 'कोयला', 'मेजर साहब' और 'सरफरोश' जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया था। उन्होंने अधिकांश फिल्मों में सपोर्टिंग रोल निभाए। बावजूद इसके उन्होंने अपनी अच्छी पहचान बनाई। जब आमिर खान की 'गजनी' रिलीज हुई, तो बहुत कम लोगों को उम्मीद थी कि यह कमर्शियल रिकॉर्ड तोड़ेगी। यह फिल्म प्रदीप रावत के करियर के लिए भी एक माइलस्टोन बनी। आज भी, 'गजनी' का नाम आमिर खान के ट्रांसफॉर्मेशन के साथ-साथ प्रदीप रावत की जबरदस्त और डरावनी परफॉर्मेंस के लिए भी जाना जाता है।
फिल्म ‘गजनी’ के लिए निर्देशक को आमिर खान का नाम प्रदीप रावत ने ही सुझाया था। बता दें कि बॉलीवुड में ‘गजनी’ फिल्म बनने से पहले साउथ में बन चुकी थी, जिसमें विलेन प्रदीप ही थे। ऐसे में निर्देशक ने प्रदीप की बात मानकर आमिर को हिंदी वर्जन के लिए सेलेक्ट किया।
आमिर ने ‘लगान’ के लिए खुद किया था फोन
आमिर खान और प्रदीप रावत ने सिर्फ ‘गजनी’ में ही साथ काम नहीं किया था, उन्होंने फिल्म ‘लगान’ में भी अभिनय किया है। सिद्धार्थ कानन के शो में प्रदीप रावत ने बताया था कि आमिर खान ने खुद उनके घर पर फोन करके ‘लगान’ का रोल ऑफर किया था। जबकि पहले यह रोल मुकेश ऋषि कर रहे थे लेकिन साउथ फिल्मों में व्यस्त होने के कारण यह रोल प्रदीप को आमिर खान ने ऑफर कर दिया।
साउथ फिल्मों में ज्यादा काम इसलिए करते थे प्रदीप
सिद्धार्थ कानन के ही शो में प्रदीप ने बताया था कि वह हिंदी के बजाय साउथ फिल्मों में क्यों अधिक काम करते थे। उनका कहना था, ‘साउथ में समय पर पैसा मिलता है, हिंदी फिल्मों से तीन गुना अधिक पैसा वह लोग देते हैं। साथ ही एक्टर्स की बहुत इज्जत भी करते हैं। जबकि हिंदी फिल्मों में पैसा भी काफी देर से एक्टर्स को दिया जाता है।’
प्रदीप रावत ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड, उड़ीया फिल्मों में खूब अभिनय किया था। टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में भी वह अश्वत्थामा के किरदार के लिए जाने गए थे।