फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Ravindra Jain: 'कांच और हीरा' से सिनेमा को मिला आवाज का 'सौदागर', रामायण ने तो करियर में जान फूंक दी

Tue, 28 Feb 2023 11:37 AM IST
प्रियंका नेगी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रियंका नेगी Updated Tue, 28 Feb 2023 11:37 AM IST
विज्ञापन
Ravindra Jain Birthday special see here his unknown facts about life and career
रवींद्र जैन - फोटो : अमर उजाला

जब कोई धुन और आवाज आपके मन को सुकून दे, वही एक असली संगीतकार की पहचान होती है। ऐसे ही थे रवींद्र जैन, जिनके गाने और भजन आंखों में आंसू भी लाते हैं और मन में रोमांच भी। तो चलिए उनके बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानते हैं, उनसे जुडी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में पढ़िए...

Ravindra Jain Birthday special see here his unknown facts about life and career
ravindra jain

रवींद्र जैन का जन्म 28 फरवरी, 1944 को अलीगढ़ में संस्कृत के पंडित और आयुर्वेद विज्ञानी इंद्रमणि जैन की संतान के रूप में हुआ था। चार साल की उम्र से ही उनके पिता ने उनके लिए घर पर ही संगीत की शिक्षा की व्यवस्था की। कहते हैं कोलकाता में रहने वाले रवींद्र जैन के गुरू राधे श्याम झुनझुनवाला एक फिल्म बनाना चाह रहे थे और साल 1969 में वह संगीत देने के लिए मुंबई आ गए और यहीं से उनकी कहानी शुरू हुई।

Ravindra Jain Birthday special see here his unknown facts about life and career
ravindra jain - फोटो : ट्विटर
रवींद्र जैन के संगीत निर्देशन में जो पहली फिल्म रिलीज हुई वह थी फिल्म ‘कांच और हीरा’। इस फिल्म में रवींद्र जैन ने रफी साहब से एक गीत गवाया जिसके बोल थे ‘नजर आती नहीं मंजिल'। फिल्म को भले पर्दे पर सफलता ना मिली हो, लेकिन रवींद्र कहां रुकने वाले थे। इसके बाद 1973 में आई राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म ‘सौदागर’ ने रवींद्र जैन की किस्मत के दरवाजे खोल दिए थे।

यह भी पढ़ें: 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ के आखिरी गाने की शूटिंग शुरू, करण जौहर ने वीडियो शेयर कर दिया अपडेट
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Ravindra Jain Birthday special see here his unknown facts about life and career
ravindra jain

चितचोर वह फिल्म थी, जिसके लिए उनको सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था। इसके बाद 1978 में फिल्म ‘अंखियों के झरोखों से’ के लिए भी सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन और फिल्म के शीर्षक गीत ‘अंखियों के झरोखों से’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। इतना ही नहीं 'राम तेरी गंगा मैली’ में संगीत देने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक और 1991 में फिल्म ‘हिना’ के गीत ‘मैं हूं खुशरंग हिना’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।

यह भी पढ़ें:  पंकज त्रिपाठी ने ‘आजमगढ़’ के निर्माता को भेजा नोटिस, शॉर्ट फिल्म की होर्डंग पर फोटो लगाने का मामला

विज्ञापन
Ravindra Jain Birthday special see here his unknown facts about life and career
रवींद्र जैन
फिल्मों के अलावा रवींद्र जैन ने टीवी की दुनिया का मशहूर पौराणिक सीरियल रामायण का भी संगीत दिया था, साथ कई चौपाइयों को उन्होंने अपनी आवाज दी थी। रामायण में दिया गया उनका संगीत आज भी याद किया जाता है। साथ कई चौपाइयों को उन्होंने अपनी आवाज दी थी। बेशक रवींद्र जैन नहीं हैं, मगर उनकी कीर्ति शेष है और वह शाहकार धुन भी जिसे आज भी लोग याद करते हैं। संगीतकार रवींद्र जैन का मुंबई में 71 साल की उम्र में साल 2015 में निधन हो गया था। 

यह भी पढ़ें: इस दिन रिलीज होगा सलमान की फिल्म का नया गाना, भाईजान ने वीडियो शेयर कर दिया अपडेट
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed