{"_id":"6a5e7096097c2d132e08b01a","slug":"why-time-machine-was-not-completed-karan-johar-offered-rs-25-lakhs-aamir-khan-juhi-chawla-was-lead-2026-07-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'टाइम मशीन' में लीड रोल में थे आमिर खान और जूही चावला, करण जौहर ने स्क्रिप्ट की लगाई कम कीमत; इसलिए अटकी फिल्म","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
'टाइम मशीन' में लीड रोल में थे आमिर खान और जूही चावला, करण जौहर ने स्क्रिप्ट की लगाई कम कीमत; इसलिए अटकी फिल्म
Tue, 21 Jul 2026 12:31 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:31 AM IST
सार
Karan Razdan: फिल्ममेकर और राइटर करण राजदान 'टाइम मशीन' नाम की एक फिल्म बनाना चाहते थे। इसमें आमिर खान और जूही चावला अहम किरदार में थे। उन्होंने बताया कि यह फिल्म क्यों नहीं बन सकी?
विज्ञापन
आमिर खान, करण जौहर, जूही चावला
- फोटो : आईएमडीबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिल्ममेकर और राइटर करण राजदान ने फिल्म इंडस्ट्री में कई भूमिकाएं निभाई हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि वे 'टाइम मशीन' नाम की उस महत्वाकांक्षी फिल्म के लेखक थे, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था। शेखर कपूर के निर्देशन में बनने वाली और आमिर खान व जूही चावला स्टारर इस फिल्म ने बनने से पहले ही काफी चर्चा बटोरी थी। हालांकि इस फिल्म को आखिर में रोक दिया गया। राजदान ने बताया था कि फिल्म को क्यों बंद किया गया।
क्या थी फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी के बारे में बात करते हुए करण राजदान ने बताया कि फिल्म की कहानी आमिर खान के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो गलती से समय में पीछे जाकर महाभारत के दौर में पहुंच जाता है।
इस घटनाक्रम को समझाते हुए, राजदान ने बॉलीवुड हंगामा से कहा 'किरदार को यह नहीं पता होता कि टाइम मशीन कैसे चलानी है। वह मशीन लेकर उड़ जाता है और अतीत में पहुंच जाता है। जब वह जागता है, तो उसे युद्ध की आवाजें सुनाई देती हैं। वह नीचे देखता है और पाता है कि एक भयंकर युद्ध चल रहा है। भगवान कृष्ण की नजर उस पर पड़ती है। मुख्य किरदार भगवान से पूछता है, 'यह क्या हो रहा है?' भगवान कृष्ण जवाब देते हैं, 'महाभारत लड़ी जा रही है!' वह हैरान रह जाता है, 'ओह, यह महाभारत है!''
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या थी फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी के बारे में बात करते हुए करण राजदान ने बताया कि फिल्म की कहानी आमिर खान के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो गलती से समय में पीछे जाकर महाभारत के दौर में पहुंच जाता है।
विज्ञापन
इस घटनाक्रम को समझाते हुए, राजदान ने बॉलीवुड हंगामा से कहा 'किरदार को यह नहीं पता होता कि टाइम मशीन कैसे चलानी है। वह मशीन लेकर उड़ जाता है और अतीत में पहुंच जाता है। जब वह जागता है, तो उसे युद्ध की आवाजें सुनाई देती हैं। वह नीचे देखता है और पाता है कि एक भयंकर युद्ध चल रहा है। भगवान कृष्ण की नजर उस पर पड़ती है। मुख्य किरदार भगवान से पूछता है, 'यह क्या हो रहा है?' भगवान कृष्ण जवाब देते हैं, 'महाभारत लड़ी जा रही है!' वह हैरान रह जाता है, 'ओह, यह महाभारत है!''
विज्ञापन
आमिर खान
- फोटो : सोशल मीडिया
कैसे आया फिल्म का आइडिया
राजदान ने यह भी बताया कि 'टाइम मशीन' का आइडिया उन्हें और डायरेक्टर शेखर कपूर को एक निजी दुखद घटना से कैसे आया। उन्होंने बताया 'शेखर कपूर ने अपनी मां को खो दिया था और मैंने अपने पिता को। दोनों की मौत छह महीने के अंदर ही हो गई थी। उस समय हम 'दुश्मनी' पर काम कर रहे थे। हम बैठे थे और हमने अपने गुजर चुके माता-पिता से एक बार और मिलने की इच्छा जाहिर की। यहीं से शेखर को 'टाइम मशीन' का आइडिया आया और हमने इसे डेवलप किया।' सिर्फ 3 महीनों में मैंने कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिख दिए।
शेखर हुए उत्साहित
शेखर इतने उत्साहित थे कि उन्होंने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को भी साथ ले लिया। मैंने उन्हें आइडिया सुनाया और बाद में आनंद बख्शी साहब को भी उनके घर पर सुनाया। मैंने आमिर, परेश रावल और बाकी कास्ट को भी कहानी सुनाई।'
राजदान ने यह भी बताया कि 'टाइम मशीन' का आइडिया उन्हें और डायरेक्टर शेखर कपूर को एक निजी दुखद घटना से कैसे आया। उन्होंने बताया 'शेखर कपूर ने अपनी मां को खो दिया था और मैंने अपने पिता को। दोनों की मौत छह महीने के अंदर ही हो गई थी। उस समय हम 'दुश्मनी' पर काम कर रहे थे। हम बैठे थे और हमने अपने गुजर चुके माता-पिता से एक बार और मिलने की इच्छा जाहिर की। यहीं से शेखर को 'टाइम मशीन' का आइडिया आया और हमने इसे डेवलप किया।' सिर्फ 3 महीनों में मैंने कहानी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिख दिए।
शेखर हुए उत्साहित
शेखर इतने उत्साहित थे कि उन्होंने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को भी साथ ले लिया। मैंने उन्हें आइडिया सुनाया और बाद में आनंद बख्शी साहब को भी उनके घर पर सुनाया। मैंने आमिर, परेश रावल और बाकी कास्ट को भी कहानी सुनाई।'
जूही चावला
- फोटो : इंस्टाग्राम@iamjuhichawla
करण जौहर ने बताई कम कीमत
राजदान ने बताया 'मनमोहन शेट्टी, रमेश तौरानी और करण जौहर इसे बनाना चाहते थे। मैंने करण को स्क्रिप्ट भी भेजी थी, लेकिन उन्होंने बहुत ही कम कीमत बताई।'
इसके बाद उन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया, जहां उस समय जुगल हंसराज स्टोरी डिपार्टमेंट के हेड थे। 'जुगल हंसराज धर्मा में स्टोरी डिपार्टमेंट संभाल रहे थे। शेखर ने जुगल से बात की थी और उन्होंने मुझे जुगल से मिलने के लिए कहा। मैंने जुगल से कहा कि मैं खुद कहानी सुनाऊंगा। लेकिन जुगल ने कहा कि ऐसा मुमकिन नहीं होगा क्योंकि करण को स्क्रिप्ट पढ़ना पसंद है। फिर मुझे बताया गया कि मुझे 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। मैं हैरान रह गया। सोना खरीदने आए हो या पीतल? यह तो समझो कि मैं आपको क्या दे रहा हूं?
राजदान ने बताया 'मनमोहन शेट्टी, रमेश तौरानी और करण जौहर इसे बनाना चाहते थे। मैंने करण को स्क्रिप्ट भी भेजी थी, लेकिन उन्होंने बहुत ही कम कीमत बताई।'
इसके बाद उन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया, जहां उस समय जुगल हंसराज स्टोरी डिपार्टमेंट के हेड थे। 'जुगल हंसराज धर्मा में स्टोरी डिपार्टमेंट संभाल रहे थे। शेखर ने जुगल से बात की थी और उन्होंने मुझे जुगल से मिलने के लिए कहा। मैंने जुगल से कहा कि मैं खुद कहानी सुनाऊंगा। लेकिन जुगल ने कहा कि ऐसा मुमकिन नहीं होगा क्योंकि करण को स्क्रिप्ट पढ़ना पसंद है। फिर मुझे बताया गया कि मुझे 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। मैं हैरान रह गया। सोना खरीदने आए हो या पीतल? यह तो समझो कि मैं आपको क्या दे रहा हूं?
करण जौहर
- फोटो : एक्स
फिरोज नाडियाडवाला बनाना चाहते थे फिल्म
उन्होंने आगे बताया कि प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने भी इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की संभावना तलाशी थी। उन्होंने कहा 'फिरोज नाडियाडवाला इसे बनाना चाहते थे। मैंने गुड्डू जी (राकेश रोशन) के घर पर पूरी कहानी सुनाई थी। ऋतिक भी वहां मौजूद थे। लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इसे डायरेक्ट कौन करेगा। शेखर ने साफ कर दिया था कि चूंकि मैं राइटर के तौर पर शामिल था, इसलिए मुझे डायरेक्ट नहीं करना चाहिए क्योंकि टीम को राइटिंग में मेरे इनपुट की जरूरत होगी।'
राजकुमार संतोषी का भी नाम आया सामने
राजदान ने आखिर में बताया कि एक और मशहूर फिल्ममेकर के नाम पर भी विचार किया गया था, लेकिन उन्हें नहीं लगा कि वह सही चॉइस होंगे। उन्होंने कहा 'राजकुमार संतोषी का नाम सामने आया था। लेकिन मैं सहमत नहीं था क्योंकि यह उनका जॉनर नहीं था।'
उन्होंने आगे बताया कि प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने भी इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने की संभावना तलाशी थी। उन्होंने कहा 'फिरोज नाडियाडवाला इसे बनाना चाहते थे। मैंने गुड्डू जी (राकेश रोशन) के घर पर पूरी कहानी सुनाई थी। ऋतिक भी वहां मौजूद थे। लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इसे डायरेक्ट कौन करेगा। शेखर ने साफ कर दिया था कि चूंकि मैं राइटर के तौर पर शामिल था, इसलिए मुझे डायरेक्ट नहीं करना चाहिए क्योंकि टीम को राइटिंग में मेरे इनपुट की जरूरत होगी।'
राजकुमार संतोषी का भी नाम आया सामने
राजदान ने आखिर में बताया कि एक और मशहूर फिल्ममेकर के नाम पर भी विचार किया गया था, लेकिन उन्हें नहीं लगा कि वह सही चॉइस होंगे। उन्होंने कहा 'राजकुमार संतोषी का नाम सामने आया था। लेकिन मैं सहमत नहीं था क्योंकि यह उनका जॉनर नहीं था।'