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बीआरडी : अब मेडिसिन वार्ड में जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार को पीटा, उपचार बीच में छोड़ मरीज को घर ले गए
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:59 AM IST
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सार
पीड़ित ने आरोप लगाया कि ब्लड सैंपल को लेकर उन्होंने कहा कि जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है, ऐसे में दोनों सैंपल एक साथ ले लिए गए होते तो बेहतर होता। इसी बात को लेकर प्रदीप और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। प्रदीप का आरोप है कि डॉक्टरों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विरोध करने पर उनके साथ मौजूद भाई मंदीप के साथ मारपीट की।
गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड नंबर 11 में अब जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर विवाद हो गया। सिद्धार्थनगर जिले के रहने वाले मरीज के तीमारदारों ने मंगलवार की दोपहर में जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। विवाद के बाद परिजन उपचार बीच में छोड़कर मरीज को लेकर घर चले गए।
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जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले के उसका बाजार थाना क्षेत्र के मधवापुर गांव के रहने वाले प्रदीप ने अपने 73 वर्षीय पिता शिवप्रसाद को सोमवार की देर रात सांस फूलने की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया था।
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मंगलवार की दोपहर में जूनियर डॉक्टरों ने जांच के लिए ब्लड का सैंपल लिया। प्रदीप का आरोप है कि वह यूजर चार्ज काउंटर पर शुल्क जमा करने के बाद सेंट्रल पैथोलॉजी में सैंपल देकर लौटे ही थे कि डॉक्टरों ने दोबारा ब्लड सैंपल लेकर दूसरी जांच कराने के लिए कहा।
प्रदीप का कहना है कि इस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि, जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है, ऐसे में दोनों सैंपल एक साथ ले लिए गए होते तो बेहतर होता। इसी बात को लेकर प्रदीप और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। प्रदीप का आरोप है कि डॉक्टरों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विरोध करने पर उनके साथ मौजूद भाई मंदीप के साथ मारपीट की।
प्रदीप का कहना है कि इस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि, जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है, ऐसे में दोनों सैंपल एक साथ ले लिए गए होते तो बेहतर होता। इसी बात को लेकर प्रदीप और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। प्रदीप का आरोप है कि डॉक्टरों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विरोध करने पर उनके साथ मौजूद भाई मंदीप के साथ मारपीट की।
मारपीट के दौरान वार्ड में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। विवाद से आहत परिजन बाद में मरीज को लेकर अस्पताल से घर लौट गए।
इस संबंध में गुलरिहा थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में गुलरिहा थाना प्रभारी इत्यानंद पांडेय ने बताया कि मामले में अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी आ चुके हैं मामले
अक्तूबर 2024 में महराजगंज जिले से अपनी दादी का इलाज कराने आए युवक को 15 से 20 की संख्या में जूनियर डॉक्टरों ने कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा था। यह भी आरोप था कि समझौता पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए। जानकारी होने पर एक सीनियर डॉक्टर ने युवक को आरोपियों की पहचान के लिए बुलाया मगर जूनियर डॉक्टर फोन बंद कर गायब रहे थे।
केस 2
मार्च 2025 में मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए एक मरीज के तीमारदार से जूनियर डॉक्टरों की कहासुनी हो गई थी। इसके बाद वार्ड में मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार को पीट दिया था। सूचना पर पहुंची मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने मामले को शांत कराया था।
मेडिसिन विभाग में जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों में मारपीट की घटना की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कराकर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी
अक्तूबर 2024 में महराजगंज जिले से अपनी दादी का इलाज कराने आए युवक को 15 से 20 की संख्या में जूनियर डॉक्टरों ने कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा था। यह भी आरोप था कि समझौता पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए। जानकारी होने पर एक सीनियर डॉक्टर ने युवक को आरोपियों की पहचान के लिए बुलाया मगर जूनियर डॉक्टर फोन बंद कर गायब रहे थे।
केस 2
मार्च 2025 में मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए एक मरीज के तीमारदार से जूनियर डॉक्टरों की कहासुनी हो गई थी। इसके बाद वार्ड में मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार को पीट दिया था। सूचना पर पहुंची मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने मामले को शांत कराया था।
मेडिसिन विभाग में जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों में मारपीट की घटना की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो जांच कराकर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी